श्रीनगर के पुराने शहर ज़ैना कदल की गलियों में आज भी कश्मीर की सदियों पुरानी हुनरमंदी की एक ऐसी मिसाल मौजूद है, जो इस वादी की सांस्कृतिक पहचान को अपने हाथों से सँवार रही है। पद्मश्री से सम्मानित गुलाम मोहम्मद ज़ाज़ अपने कारखाने में संतूर बनाने की पारंपरिक कला को ज़िंदा रखे हुए हैं। उनके हाथों से लकड़ी को तराशकर तैयार किया जाने वाला संतूर महज़ एक साज़ नहीं, बल्कि कश्मीर की रूह, तहज़ीब और संगीत की सदियों पुरानी रवायत का प्रतीक है। उनकी ज़िंदगी इस बात की गवाही देती है कि अगर इंसान अपने हुनर और विरासत से सच्ची मोहब्बत करे, तो मुश्किल हालात में भी अ…
कश्मीर की सदियों पुरानी दस्तकारी और हुनर को एक बार फिर राष्ट्रीय सतह पर पहचान मिली है। श्रीनगर के ईदगाह इलाके से ताल्लुक रखने वाले हाथ से गांठदार कालीन बुनने वाले दस्तकार रफीक अहमद सूफी को नेशनल अवॉर्ड 2025 के लिए चुना गया है। भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने उन्हें हैंड-नॉटेड कारपेट यानी हाथ से गांठ लगाकर तैयार की जाने वाली कालीन की श्रेणी में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित किया है। इस श्रेणी में साल 2025 के लिए रफीक अहमद सूफी कश्मीर से इकलौते पुरस्कार विजेता हैं। रफीक अहमद सूफी की यह कामयाबी महज़ एक दस्तकार का सम्मान नहीं, बल्कि कश्मीर क…
कश्मीर की वादियों में खेलों और सेहतमंद सरगर्मियों को बढ़ावा देने के मकसद से तीसरी कश्मीर मैराथन 2026 का आयोजन 25 अक्टूबर को किया जा रहा है। इस बार मैराथन में 12 मुल्कों के 67 विदेशी धावकों ने अपना नाम दर्ज कराया है, जो कश्मीर के लिए एक अहम पेशरफ़्त मानी जा रही है। विदेशी धावकों की शिरकत से न सिर्फ श्रीनगर को अंतरराष्ट्रीय सतह पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय नौजवानों को भी अपनी सरज़मीन पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों के साथ दौड़ने का मौका मिलेगा। मैराथन के इंतज़ामात को लेकर डिविजनल कमिश्नर श्रीनगर अंशुल गर्ग ने संबंध…
कश्मीर की सरज़मीन पर खेलों के मैदान में नौजवानों का जोश एक बार फिर देखने को मिला, जब श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित यूटी-लेवल जूडो चैंपियनशिप 2026 का समापन हुआ। 5 से 9 अक्टूबर तक चली इस प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग जिलों से 400 से अधिक लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा, मेहनत और हौसले का शानदार मुज़ाहिरा किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने जूडो के मैदान पर अपनी तकनीक, फुर्ती और अनुशासन का परिचय दिया। इस चैंपियनशिप में जम्मू जिला ओवरऑल चैंपियन बनकर उभरा। अंडर-17 लड़कियों की श…
कश्मीर की सरज़मीन ने हमेशा से खेल और ख़ासकर क्रिकेट की दुनिया को कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। अब श्रीनगर के लंबे क़द के तेज़ गेंदबाज़ ताहिर भट ने अपनी मेहनत और हौसले के दम पर रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में एक नई पहचान बनाने की तरफ़ क़दम बढ़ाया है। ताहिर को इस साल पुडुचेरी का रुख़ करने के बाद उसकी रणजी ट्रॉफी टीम में जगह मिली है। उनकी यह कामयाबी न सिर्फ़ उनके क्रिकेट करियर के लिए अहम है, बल्कि कश्मीर के उन नौजवान खिलाड़ियों के लिए भी एक मिसाल है, जो बड़े मंच पर अपनी क़ाबिलियत साबित करने का ख़्वाब देखते हैं। ताहिर भट की कहानी इस बात की तरफ़ इशारा करती ह…
कश्मीर की वादियों में जहां नई नस्ल के नौजवान अपनी काबिलियत से अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं श्रीनगर के महज़ 13 साल के एक बच्चे ने अपनी कलम के ज़रिए मां की हिम्मत, संघर्ष और जद्दोजहद को दुनिया के सामने रखने की पहल की है। आर्मी पब्लिक स्कूल, श्रीनगर में चिनार कॉर्प्स कमांडर ने 13 वर्षीय लेखक सैयद शुनैन की पहली किताब ‘Her Strength, My Story’ का विमोचन किया। यह किताब एक ऐसी मां और उसके बच्चे की कहानी को सामने लाती है, जिसमें मुश्किल हालात के बावजूद हिम्मत और उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा गया। Swan Book Publishing House से प्रकाशित यह किताब…
कश्मीर के दूरदराज़ इलाकों में बच्चों की तालीम के साथ उनकी रचनात्मक सलाहियत को सामने लाने की कोशिशों के बीच आर्मी गुडविल स्कूल (AGS) चोंटिवारी में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारतीय सेना की ऑपरेशन सद्भावना के तहत संचालित यह स्कूल इलाके के बच्चों को तालीम के साथ-साथ खेल, हुनर और क्रिएटिविटी के लिए भी एक बेहतर मंच मुहैया कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। पेंटिंग प्रतियोगिता के दौरान स्कूल के बच्चों ने रंगों और ब्रश के जरिए अपनी सोच, ख्वाबों और आसपास के माहौल को कागज़ पर उतारा। किसी बच्चे की पेंटिंग में कुदरत की खूबसूरती नज़र आई त…
कश्मीर की खेल दुनिया के लिए एक और फख्र का लम्हा सामने आया है। एडवोकेट तबस्सुम रहीम (सिबगत) ने श्रीनगर में आयोजित 48वीं नेशनल आर्म-रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस कामयाबी ने न सिर्फ कश्मीर की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय सतह पर पहचान दिलाई, बल्कि घाटी की बेटियों के लिए भी एक नई मिसाल कायम की है। 48वीं नेशनल आर्म-रेसलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन आर्म स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ जम्मू-कश्मीर ने इंडि…
बारामूला के एक छोटे से खेलो इंडिया सेंटर से हॉकी का सफर शुरू करने वाले ज़ाकिर अहमद डार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। कभी स्थानीय मैदान पर हॉकी की बुनियादी बारीकियां सीखने वाला यह नौजवान अब इंडिया अंडर-19 हॉकी टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है। ज़ाकिर की कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर हुनर को सही प्लेटफॉर्म और लगातार मेहनत मिले तो कश्मीर के दूर-दराज इलाकों से निकलने वाले नौजवान भी मुल्क के बड़े खेल मंच तक पहुंच सकते हैं। बारामूला के ज़ाकिर अहमद डार ने हॉकी की शुरुआत बारामूला स्थित खेलो इंडिया सें…
बारामुला जिले के कुंजर इलाके के लिए यह एक फख्र का मौका है। मेहमूदपोरा, कुंजर के रहने वाले ज़फर राशिद का चयन राष्ट्रीय स्तर के लंगड़ी स्पोर्ट्स गेम्स के लिए हुआ है। 26 नवंबर को गोवा में होने वाले इस राष्ट्रीय खेल आयोजन में ज़फर राशिद जम्मू-कश्मीर की नुमाइंदगी करने वाली टीम ‘टीम वॉरियर्स ऑफ कश्मीर’ की अगुवाई करेंगे। वह टीम के डेमोंस्ट्रेशन मार्शल आर्ट्स दल का नेतृत्व करेंगे। ज़फर राशिद के चयन को सिर्फ एक खिलाड़ी की कामयाबी के तौर पर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे बारामुला के दूरदराज इलाकों से निकलकर राष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचने वाली नई खेल सोच की ए…
कश्मीर की खूबसूरत निगीन झील ने एक बार फिर अपनी खूबसूरती के साथ-साथ खेली हुई नई तस्वीर पेश की, जब यहां 4 और 5 अक्टूबर को 19वीं यूटी स्तरीय वाटर स्कीइंग चैंपियनशिप 2026-27 का आयोजन किया गया। दो दिनों तक झील की लहरों पर युवा खिलाड़ियों ने अपनी खेली हुई काबिलियत, संतुलन और हौसले का मुजाहिरा किया। इस मुकाबले ने यह पैगाम भी दिया कि कश्मीर के नौजवान अगर सही प्लेटफॉर्म और सहूलियत हासिल करें तो पानी के खेलों में भी बड़ी मंजिलें तय कर सकते हैं। चैंपियनशिप का आयोजन जेएंडके वाटर स्कीइंग एसोसिएशन ने जेएंडके स्पोर्ट्स काउंसिल के तहत किया। निगीन झील पर आयोजि…
कश्मीर के पंपोर इलाके से ताल्लुक रखने वाली युवा खिलाड़ी आराफ अशरफ ने अपनी मेहनत और हुनर का शानदार मुज़ाहिरा करते हुए 32वीं जूनियर नेशनल थांग-टा चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल हासिल किया है। लड्ढू की रहने वाली आराफ की इस कामयाबी ने न सिर्फ उनके परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है, बल्कि कश्मीर की बेटियों के बढ़ते खेल जुनून और बुलंद हौसले की भी मिसाल पेश की है। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जूनियर खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का इम्…
जम्मू-कश्मीर में आम अवाम की ख़िदमत और इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया है कि उसका मक़सद महज़ सरहदों की हिफ़ाज़त करना ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी में बेहतरी लाना भी है। ऑपरेशन दृष्टि के तहत आयोजित 11वें मेगा आई सर्जिकल कैंप के समापन समारोह में यह जानकारी सामने आई कि भारतीय सेना और आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज़ की टीमों ने श्रीनगर और कुपवाड़ा ज़िले के दूरदराज़ सरहदी इलाके तंगधार में कुल 364 लोगों की आंखों के ऑपरेशन किए। इन कोशिशों से ऐसे लोगों को राहत मिली है, जिनके लिए बेहतर आंखों का इलाज हासिल करना कई ब…
कश्मीर में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने और जरूरतमंद मरीजों की मदद के मकसद से भारतीय सेना की ओर से श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल में मुफ्त मेगा मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) शिविर जारी है। यह शिविर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस पहल का उद्देश्य आंखों की बीमारियों से परेशान मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और आर्थिक परेशानियों के चलते इलाज से महरूम रहने वाले लोगों को राहत पहुंचाना है। भारतीय सेना द्वारा आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल के सहयोग से आयोजित इस शिविर को कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम …
कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और इलाके को सैलानियों के लिए एक खुशगवार व मेहमाननवाज गंतव्य के तौर पर पेश करने के लिए 26 सितंबर को ‘रन फॉर फन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पहलगाम विकास प्राधिकरण ने पर्यटन से जुड़े हितधारकों के सहयोग से किया, जिसमें प्राकृतिक खूबसूरती के बीच लोगों ने दौड़ के जरिए पर्यटन की बहाली और सकारात्मक माहौल का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मंडलाना से हुई और प्रतिभागी दौड़ते हुए सेल्फी प्वाइंट नूनवन तक पहुंचे। पहलगाम की हसीन वादियों, हरे-भरे जंगलों और पहाड़ों के बीच आ…
गुरेज घाटी के दूरदराज़ इलाके तुलैल में नौजवानों के बीच खेलों का जोश बढ़ाने और छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की गरज से भारतीय सेना की ओर से तुलैल खेल महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तुलैल में आयोजित इस खेल आयोजन में 10 से 18 वर्ष की उम्र के 103 छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। महोत्सव में वुशू और रग्बी जैसी खेल विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी काबिलियत और जज़्बे का मुज़ाहिरा किया। इस आयोजन में पद्मश्री सम्मान से नवाज़े जा चुके फैसल अली डार ने भी भारतीय सेना के साथ मिलकर युवाओं की हौसला-अफ़ज़…
कश्मीरी बेटियों को शिक्षा, करियर और भविष्य के नए अवसरों से रूबरू कराने की दिशा में भारतीय सेना की ओर से एक और पहल की गई है। ऑपरेशन सद्भावना के तहत 29 राष्ट्रीय राइफल्स, हाइडरबेग ने कश्मीर की छात्राओं के लिए एक विशेष क्षमता-वर्धन एवं शैक्षणिक दौरे को रवाना किया। इस दौरे के दौरान छात्राओं को पुणे स्थित देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक और रक्षा संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। सेना की ओर से आयोजित इस दौरे का मकसद छात्राओं को किताबों और कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, उच्च शिक्षा के अवसरों और विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से परिचित क…
कश्मीर की सरज़मीन पर रविवार को अबेकस आधारित मानसिक गणित की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए स्कूली बच्चों ने अपनी तेज़ गणना और मानसिक एकाग्रता का प्रदर्शन किया। मानसिक अंकगणित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2026 का आयोजन श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में हुआ। प्रतियोगिता में एबेकस के ज़रिए उच्च अंकगणित सीखना (ALOHA) से जुड़े विद्यार्थियों ने अबेकस और सोरबान आधारित गणितीय अभ्यास में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का माहौल उस समय खास तौर पर दिलचस्प बन गया, जब बड़ी संख्या में स्कूली बच्च…
कश्मीर की लोक संस्कृति, संगीत और नई पीढ़ी के हुनर को एक मंच देने वाला लोकप्रिय कार्यक्रम फनकार-ए-कश्मीर अपने चौथे सीजन के साथ एक बार फिर वापसी कर रहा है। आयोजकों ने 18 सितंबर 2026 को सीजन 4 की घोषणा करते हुए बताया कि इस बार भी कार्यक्रम का मकसद कश्मीर के लोक संगीत और युवा कलाकारों को सामने लाना, उन्हें बेहतर मंच देना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को पेशेवर अवसरों से जोड़ना है। इस सीजन का अंतिम कार्यक्रम 28 सितंबर को श्रीनगर के टैगोर हॉल में आयोजित किया जाएगा। फनकार-ए-कश्मीर का आयोजन शोकेस इवेंट्स, द ईगल और कश्मीर रबाब अकादमी की ओर से किया जा रहा है…
श्रीनगर की मशहूर डल झील आज जहाँ अपनी खूबसूरती और कश्मीर की पहचान के लिए जानी जाती है, वहीं झील में बढ़ता खरपतवार और जलकुंभी पर्यावरण के लिए एक गंभीर चुनौती भी बनता जा रहा है। इसी चुनौती के बीच श्रीनगर की 35 वर्षीय दस्तकार सिमरन इरशाद ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो पर्यावरण और कश्मीरी दस्तकारी को एक साथ जोड़ती है। सिमरन डल झील से निकाली जाने वाली जलकुंभी और खरपतवार को फेंकने के बजाय उसे पेपर-माशे यानी कागज़ी शिल्प के लिए कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। बीबीसी ने सिमरन इरशाद की इस पहल को अपनी एक रिपोर्ट में जगह दी है। रिपोर्ट में बताया गय…

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