बारामूला के ज़ाकिर डार का बड़ा ख्वाब, अब इंडिया अंडर-19 हॉकी टीम में जगह बनाने की तैयारी


बारामूला के एक छोटे से खेलो इंडिया सेंटर से हॉकी का सफर शुरू करने वाले ज़ाकिर अहमद डार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। कभी स्थानीय मैदान पर हॉकी की बुनियादी बारीकियां सीखने वाला यह नौजवान अब इंडिया अंडर-19 हॉकी टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है। ज़ाकिर की कहानी इस बात की मिसाल है कि अगर हुनर को सही प्लेटफॉर्म और लगातार मेहनत मिले तो कश्मीर के दूर-दराज इलाकों से निकलने वाले नौजवान भी मुल्क के बड़े खेल मंच तक पहुंच सकते हैं।

बारामूला के ज़ाकिर अहमद डार ने हॉकी की शुरुआत बारामूला स्थित खेलो इंडिया सेंटर से की। यही सेंटर उनके लिए वह पहला मरहला बना, जहां उन्होंने हॉकी स्टिक थामी, खेल की बुनियादी तकनीक सीखी और धीरे-धीरे अपने हुनर को निखारना शुरू किया। स्थानीय स्तर पर मेहनत करते हुए ज़ाकिर ने आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा और देखते ही देखते उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला।

ज़ाकिर अब तक दो बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं, जबकि उन्हें पांच राष्ट्रीय कैंपों में भी शिरकत का मौका मिला है। राष्ट्रीय कैंप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण हासिल करना उनके लिए एक अहम तजुर्बा रहा है। इन कैंपों ने न सिर्फ उनके खेल को बेहतर बनाया, बल्कि बड़े मुकाबलों के दबाव और प्रतिस्पर्धा को समझने का मौका भी दिया।

हॉकी के मैदान पर उनकी मेहनत का असर उनके पदकों में भी दिखाई देता है। ज़ाकिर ने राज्य और जिला स्तर पर हॉकी में स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा एथलेटिक्स में भी उन्होंने अपनी काबिलियत साबित करते हुए रजत पदक जीते हैं। हॉकी के साथ एथलेटिक्स में उनकी दिलचस्पी और उपलब्धियां इस बात को जाहिर करती हैं कि वह फिटनेस और खेल के विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरता से काम कर रहे हैं।

फिलहाल ज़ाकिर का सबसे बड़ा मकसद इंडिया अंडर-19 हॉकी टीम में अपनी जगह पक्की करना है। इसके लिए वह लगातार प्रशिक्षण ले रहे हैं और अपने खेल के हर पहलू को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटे हैं। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के बीच जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन ज़ाकिर के पास स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का तजुर्बा होने के साथ-साथ कई राष्ट्रीय कैंपों में प्रशिक्षण का अनुभव भी है।

ज़ाकिर का सफर बारामूला के उन नौजवानों के लिए भी एक पैगाम है, जो खेल के मैदान में अपना मुस्तकबिल तलाश रहे हैं। Khelo India जैसे प्लेटफॉर्म स्थानीय प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षण और अवसर देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ज़ाकिर की तरक्की इस बात को मजबूत करती है कि अगर स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को सही माहौल, कोचिंग और सुविधाएं मिलें तो घाटी का हुनर राष्ट्रीय मंच पर चमक सकता है।

बारामूला के इस नौजवान की नजर अब अगले पड़ाव पर है। जिला और राज्य स्तर के पदकों से लेकर राष्ट्रीय कैंपों तक पहुंच चुके ज़ाकिर अहमद डार के सामने अब इंडिया अंडर-19 की जर्सी पहनने का ख्वाब है। उनके लिए यह सिर्फ एक व्यक्तिगत कामयाबी नहीं होगी, बल्कि बारामूला और पूरे कश्मीर के उन उभरते खिलाड़ियों के लिए भी हौसले का सबब बनेगी, जो बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का ख्वाब देखते हैं। 

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