पेशावर: पाकिस्तान के सूबा ख़ैबर पख़्तूनख़्वा में PTI की क़ियादत वाली सूबाई हुकूमत को हटाए जाने और इमरजेंसी व गवर्नर राज के हालात के बाद पुलिस अहलकारों और सरकारी मुलाज़मीन के बीच बेचैनी बढ़ने की ख़बरें सामने आ रही हैं। इस सूरतेहाल ने सूबे के सरकारी निज़ाम के अंदरूनी दबाव को उजागर किया है। जिस पुलिस फ़ोर्स और सरकारी मशीनरी पर निज़ाम को लागू करने की ज़िम्मेदारी होती है, उसी के अंदर अब तनाव और बेयक़ीनी की कैफ़ियत पैदा होने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले का एक अहम पहलू यह है कि चुनी हुई हुकूमत को हटाए जाने के बाद पैदा होने वाली नाराज़गी सिर्फ…
कुलगाम: दक्षिणी कश्मीर के ज़िला कुलगाम के फ़्रिसल इलाक़े से ताल्लुक़ रखने वाले दानिश मंज़ूर नज़र ने JKSSB के जूनियर एक्स-रे टेक्नीशियन (रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट) इम्तिहान में पहली रैंक हासिल करके अपने ख़ानदान और पूरे इलाक़े का नाम रौशन किया है। दानिश मंज़ूर नज़र ने इस इम्तिहान में 87 नंबर हासिल किए और ओपन मेरिट कैटेगरी में पहली पोज़िशन हासिल की। हेल्थ एंड मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट की इन आसामियों के लिए नतीजे का ऐलान किया गया, जिसमें दानिश की इस कामयाबी ने फ़्रिसल और कुलगाम के लोगों में ख़ुशी की लहर पैदा कर दी है। दानिश की यह कामयाबी इस बात…
उड़ी, 18 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर के सरहदी इलाक़ों में रहने वाले ज़रूरतमंद लोगों की मदद के लिए भारतीय सेना की तरफ़ से एक सराहनीय पहल की गई। बजरंग बटालियन ने कालापहाड़ ब्रिगेड के तहत, प्रीतम स्पिरिचुअल फ़ाउंडेशन और जयपुर फुट के तआवुन से उड़ी में 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक तीन रोज़ा आर्टिफ़िशियल लिम्ब कैंप का इनइक़ाद किया। इस कैंप के दौरान उड़ी और बोनियार के दूरदराज़ सरहदी गांवों से ताल्लुक़ रखने वाले कुल 243 लोगों को मुफ़्त कृत्रिम अंग, कैलिपर्स और दूसरे ज़रूरी सहायक उपकरण फ़राहम किए गए। इसके अलावा, 43 लोगों को व्हीलचेयर और 76 लोगों को सुनने में मद…
कुपवाड़ा के लंगेट इलाके में नौजवानों को खेलों की तरफ प्रोत्साहित करने और उनमें टीम भावना को मजबूत बनाने के मकसद से भारतीय सेना की ओर से हंगाह, लंगेट में काज़ियाबाद वॉलीबॉल लीग का आयोजन किया जा रहा है। 17 से 22 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली इस लीग में स्थानीय युवा खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और अपनी काबिलियत को निखारने का एक बेहतर मंच मिल रहा है। इस पहल का मकसद सिर्फ खेल मुकाबलों का आयोजन करना नहीं, बल्कि घाटी के नौजवानों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना, उनमें अनुशासन और आपसी सहयोग की भावना पैदा करना भी है। वॉलीबॉल जैसे टीम खेल युवाओं क…
कश्मीर सिर्फ अपनी खूबसूरत वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों, डल झील और केसर के खेतों के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि यहां के लोगों की मेहनत, हुनर, मेहमाननवाजी और हौसले की भी अपनी एक अलग पहचान है। हमारी मिट्टी में मोहब्बत है, हमारी रवायतों में अपनापन है और हमारे नौजवानों की आंखों में एक बेहतर मुस्तकबिल के ख्वाब हैं। आज जरूरत इस बात की है कि हम इन ख्वाबों को हकीकत में बदलने के लिए मिलकर कदम आगे बढ़ाएं। कश्मीर की तरक्की, हम सबकी जिम्मेदारी किसी भी इलाके की असल तरक्की सिर्फ सड़कों, पुलों और बड़ी इमारतों से नहीं होती, बल्कि वहां के लोगों की जिंदगी में आन…
जम्मू-कश्मीर में नौजवानों को हुनरमंद बनाने और उन्हें रोज़गार के बेहतर मौके मुहैया कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। नेशनल स्टीयरिंग कमेटी ने प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के तहत जम्मू और श्रीनगर के आईटीआई क्लस्टरों को आधुनिक बनाने के लिए कुल 475.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस रकम से दोनों संभागों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का बुनियादी ढांचा बेहतर बनाया जाएगा और नौजवानों को आज के दौर की ज़रूरतों के मुताबिक तकनीकी तालीम और हुनर हासिल करने के मौके मिलेंगे। मंजूर की ग…
जम्मू-कश्मीर सरकार सोनमर्ग को साल के बारह महीने सैलानियों के लिए एक अहम पर्यटन मुक़ाम बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि सरकार की कोशिश है कि सोनमर्ग में सिर्फ़ गर्मियों के दौरान ही नहीं, बल्कि सर्दियों में भी सैलानियों की आमद जारी रहे, ताकि इलाके की खूबसूरती और पर्यटन की सलाहियत से पूरे साल फ़ायदा उठाया जा सके। इस पहल से गांदरबल ज़िले में पर्यटन को नई रफ़्तार मिलने और स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मुताबिक, सोनमर्ग को साल भर पर्यटन के लिए तैयार कर…
जम्मू-कश्मीर की वादी से एक और ख़ुशख़बरी सामने आई है। बांदीपोरा ज़िले के काथपोरा हाजिन की रहने वाली उल्फ़त सिकंदर ने अपनी मेहनत और क्रिकेट के प्रति लगन के दम पर राष्ट्रीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में जगह हासिल की है। कुपवाड़ा में आयोजित ट्रायल के बाद उनका चयन हुआ, जिससे उनके घरवालों, इलाके और खेल से जुड़े लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। उल्फ़त की यह कामयाबी न सिर्फ़ उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि कश्मीर की उन तमाम लड़कियों के लिए भी एक हौसला-अफ़ज़ा पैग़ाम है, जो खेल के मैदान में अपनी पहचान बनाने का ख़्वाब देखती हैं। उल्फ़त सिकंदर, मोहम्मद सिक…
कश्मीर घाटी में नशे के बढ़ते चलन के ख़िलाफ़ अब स्कूली बच्चे भी अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। ज़िला बडगाम के दसवीं जमात के छात्र ज़ाहिद मंज़ूर ने नशाख़ोरी के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। अपने निजी संघर्षों को ताक़त बनाकर ज़ाहिद ने अपने उस्ताद यूसुफ़ के साथ मिलकर 48 मिनट की एक फ़िल्म तैयार की है, जिसे अब कश्मीर के अलग-अलग स्कूलों में दिखाया जा रहा है। इस फ़िल्म का मक़सद बच्चों और नौजवानों को नशे के ख़तरों से आगाह करना और उन्हें एक बेहतर मुस्तकबिल की तरफ़ ले जाने के लिए प्रेरित करना है। ज़ाहिद मंज़ूर की कोशिश इस मायने मे…
कश्मीर की सदियों पुरानी दस्तकारी और हुनर को एक बार फिर राष्ट्रीय सतह पर पहचान मिली है। श्रीनगर के ईदगाह इलाके से ताल्लुक रखने वाले हाथ से गांठदार कालीन बुनने वाले दस्तकार रफीक अहमद सूफी को नेशनल अवॉर्ड 2025 के लिए चुना गया है। भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने उन्हें हैंड-नॉटेड कारपेट यानी हाथ से गांठ लगाकर तैयार की जाने वाली कालीन की श्रेणी में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयनित किया है। इस श्रेणी में साल 2025 के लिए रफीक अहमद सूफी कश्मीर से इकलौते पुरस्कार विजेता हैं। रफीक अहमद सूफी की यह कामयाबी महज़ एक दस्तकार का सम्मान नहीं, बल्कि कश्मीर क…

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