जम्मू-कश्मीर अपनी फ़ितरी खूबसूरती, बर्फ़ से ढकी चोटियों, हरे-भरे मैदानों और पुर-असरार वादियों के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है। अब इस जन्नत-निशां सरज़मीन में सैर-सपाटे को एक नई पहचान मिलने जा रही है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और भारत सरकार की इनलैंड वाटरवेज़ अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) की जानिब से दरियाई पर्यटन को फ़रोग़ देने के लिए बड़े पैमाने पर रिवर क्रूज़ सर्विस शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अहम प्रोजेक्ट के तहत जम्मू-कश्मीर के दस अहम मुक…
जम्मू-कश्मीर में अमन-ओ-अमान को और मज़बूत बनाने तथा आतंकवाद के बचे-खुचे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने वादी के विभिन्न इलाकों में एक बड़ी और समन्वित कार्रवाई अंजाम दी है। इस मुहिम के तहत श्रीनगर, बांदीपोरा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और सोपोर-बारामुला समेत छह ज़िलों में आठ अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई वर्ष 2015 से जुड़े एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों, उनके स्लीपर सेल नेटवर्क और युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने वाली गतिविधियों की जांच श…
पाकिस्तान-प्रशासित जम्मू-कश्मीर (POJK), जिसे स्थानीय लोग अक्सर अपने लहजे में “आज़ाद कश्मीर” भी कहते हैं, इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझता हुआ दिखाई दे रहा है। हवेली–कहूटा जैसे दूरदराज़ इलाकों से सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, आम नागरिकों को रोज़मर्रा की ज़रूरतों—खासतौर पर आटा (flour), चीनी और ईंधन—के लिए लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सुबह से लाइन में लगने के बावजूद भी राशन पूरा नहीं मिल पाता, और कई परिवार खाली हाथ लौटने को मजबूर होते हैं। सर्दी हो या गर्मी, इन कतार…
गिलगित-बाल्टिस्तान में एक जनसभा के दौरान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने एक बार फिर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर बड़े और आकर्षक दावे किए। उन्होंने कहा कि CPEC ऐसा आर्थिक परिवर्तन लाएगा कि स्थानीय लोग घर बैठे वेतन पा सकेंगे और क्षेत्र में अभूतपूर्व समृद्धि आएगी। उनके अनुसार यह परियोजना न केवल गिलगित-बाल्टिस्तान बल्कि पूरे पाकिस्तान की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर तस्वीर इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। वर्षों से CPEC को “गेम चेंजर” परियोजना के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है, मगर पा…
शोपियां जिले के खूबसूरत गांव देवपोरा स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भारतीय फौज की जानिब से आयोजित क्विज़ और पेंटिंग मुकाबलों ने विद्यार्थियों के बीच सीखने, रचनात्मकता और वतनपरस्ती के जज़्बे को नई मजबूती दी। फौज की सामुदायिक पहुंच और नौजवानों की तरक़्क़ी के लिए चल रही मुहिम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में तीन अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों में तालीमी बेहतरी, आलोचनात्मक सोच, रचनात्मक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय जागरूकता को बढ़ावा देना था। कक्षा आठवीं …
बांदीपोरा ज़िले की ख़ूबसूरत गुरेज़ वादी में एक बार फिर हिंदुस्तानी फ़ौज ने अपनी इंसानियत, मुस्तैदी और पेशेवराना सलाहियत का बेहतरीन नमूना पेश किया। एक जून की रात किशनगंगा दरिया के चकवाली इलाके में उस वक़्त हंगामी सूरत-ए-हाल पैदा हो गई जब कई स्थानीय नागरिक अपनी गाड़ियों समेत तेज़ बहाव वाले पानी में फँस गए। दरिया का बहाव लगातार तेज़ हो रहा था और अंधेरी रात के कारण हालात और भी संगीन बनते जा रहे थे। मौके की नज़ाकत को समझते हुए भारतीय सेना के जवान फ़ौरन हरकत में आए। इलाके में तैनात फ़ौजी दस्तों ने बिना वक़्त गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मुश्कि…
कुपवाड़ा ज़िले के सरहदी इलाक़े करनाह में हाल ही में एक ऐसा कार्यक्रम मुनअक़िद किया गया जिसने यह साबित कर दिया कि आज की कश्मीरी ख़वातीन सिर्फ़ अपने घरों तक महदूद नहीं हैं, बल्कि समाजी तरक़्क़ी, खेल, मीडिया और क़ौम की तामीर में भी अहम किरदार अदा कर रही हैं। 2 जून को वज्र डिविज़न के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल राकेश नायर ने "नारी शक्ति" पहल के तहत स्थानीय महिलाओं को सम्मानित किया और उनके बेहतरीन योगदान को सराहा। इस मौके पर उन महिलाओं को ख़ास तौर पर इज़्ज़त अफ़ज़ाई दी गई जिन्होंने अलग-अलग मैदानों में अपनी मेहनत और लगन से समाज के लिए म…
इस्लामाबाद से लेकर मुज़फ़्फ़राबाद तक और कराची से लेकर गिलगित-बाल्टिस्तान तक, पाकिस्तान की सियासत में फ़लस्तीन का मुद्दा बरसों से एक जज़्बाती नारा रहा है। हर बड़े मंच पर पाकिस्तानी हुक्मरान फ़लस्तीनी अवाम के हक़ में बयान देते रहे हैं, इसराइल के खिलाफ़ सख़्त लहजा अपनाते रहे हैं और मुस्लिम उम्माह की यकजहती की बातें करते रहे हैं। लेकिन हालिया रिपोर्ट्स और दावों ने एक बार फिर ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पाकिस्तान का असली मक़सद फ़लस्तीन की हिमायत है या फिर इस मसले को सिर्फ़ घरेलू सियासत और जज़्बाती लामबंदी के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है? रिपो…
जम्मू-कश्मीर में नशे के ख़िलाफ़ जारी मुहिम को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। "नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान" के तहत जम्मू पुलिस ने पिछले 50 दिनों में क़रीब 300 नशा तस्करों को गिरफ़्तार किया है और 5 किलो से ज़्यादा हेरोइन बरामद की है, जिसकी क़ीमत तक़रीबन 15 से 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस दौरान 175 एनडीपीएस मामलों में एफआईआर दर्ज की गईं, 37 वाहनों को ज़ब्त किया गया और नशे के कारोबार से जुड़े 26 बैंक खातों को फ्रीज़ किया गया। लेकिन इस मुहिम की असली ताक़त सिर्फ़ पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि कश्मीर के युवाओं और समाज की बढ़ती भागीदारी …
श्रीनगर,पहलगाम जहाँ एक तरफ मुल्क के कई हिस्से शदीद गर्मी और हीटवेव की लपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ जन्नत-ए-बेनज़ीर कश्मीर अपने खुशनुमा मौसम, दिलकश वादियों और पुरअमन माहौल की वजह से सैलानियों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है। खास तौर पर पहलगाम में इन दिनों सैलानियों का ऐसा रश देखने को मिल रहा है कि सड़कों पर लंबी ट्रैफिक कतारें नज़र आ रही हैं और तमाम पर्यटन गतिविधियाँ पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जारी हैं। पहलगाम की हसीन वादियाँ, बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ, बहते दरिया और हरियाली से भरपूर मैदान दूर-दराज़ से आने वाले मेहमानों को अपनी जानिब मुतवज्जेह कर रहे है…

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