पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में हालिया हालात और आम नागरिकों के साथ कथित ज़्यादतियों के खिलाफ अब आवाज़ अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर जम्मू कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के साथ यकजहती का इज़हार करते हुए एक अमनपसंद एहतिजाज मुनअक़िद किए जाने का ऐलान किया गया है। इस एहतिजाज का मक़सद पीओजेके में रहने वाले बेगुनाह अवाम की आवाज़ को दुनिया के सामने रखना और इंसानी हुकूक़ से जुड़े मसाइल पर आलमी बिरादरी की तवज्जो हासिल करना बताया जा रहा है।…
पाकिस्तान के सियासी और सुरक्षा हलकों में उस वक़्त हलचल तेज़ हो गई जब ऐसी रिपोर्टें सामने आईं कि पाक फ़ौज के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने बलोचिस्तान की बिगड़ती सूरत-ए-हाल को लेकर वरिष्ठ फ़ौजी और ख़ुफ़िया अधिकारियों को कथित तौर पर 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन खबरों ने पूरे मुल्क में बहस छेड़ दी है कि आखिर बलोचिस्तान में हालात किस हद तक चुनौतीपूर्ण हो चुके हैं। माहिरों का कहना है कि अगर ऐसी सख्त हिदायतें वास्तव में जारी की गई हैं, तो यह इस बात का इशारा माना जा सकता है कि बलोचिस्तान में सुरक्ष…
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के विभिन्न इलाक़ों में अवाम का एहतिजाज लगातार तेज़ होता नज़र आ रहा है। सामने आई जानकारी के मुताबिक़, बड़ी तादाद में लोग, जिनमें ख़वातीन और मासूम बच्चे भी शामिल हैं, अपने हुक़ूक़ और बुनियादी सहूलियात की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। दिन के साथ-साथ रात के वक़्त भी लोगों की बड़ी-बड़ी मजलिसें और एहतिजाजी इज्तिमाअ आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे इलाके में बढ़ती बेचैनी साफ़ महसूस की जा सकती है। मुज़ाहिरीन का कहना है कि उनकी आवाज़ को लंबे अरसे से नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। इसी वजह से अब आम लोग खुलकर अपने जज़्बात …
जम्मू-कश्मीर के दुर्गम और ऊँचाई वाले इलाक़े गुरेज़ घाटी के दावर क्षेत्र में भारतीय सेना की ओर से "नशा मुक्ति अभियान" का आयोजन किया गया। इस पहल का मक़सद न केवल नशे के बढ़ते ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाना था, बल्कि एक स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक माहौल को भी फ़रोग़ देना था। अभियान के दौरान नशे के दुष्प्रभावों, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक मज़बूती और सामाजिक ज़िम्मेदारियों पर विस्तार से रोशनी डाली गई। भारतीय सेना ने इस अभियान के ज़रिये यह पैग़ाम दिया कि एक मज़बूत समाज की बुनियाद स्वस्थ नागरिकों, अनुशासित जीवनशैली और नशे से दूर रहने की सोच …
जम्मू-कश्मीर में जारी श्री अमरनाथ यात्रा इस वर्ष अमन, इंतज़ाम और बेहतर तालमेल की एक मिसाल बनकर सामने आ रही है। उपराज्यपाल ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 1.70 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा का सिलसिला पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से जारी है और श्रद्धालु पूरे इत्मीनान के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर रहे हैं। यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर प्रशासन, पुलिस, भारतीय सेना, केंद्रीय सुरक्षा बलों, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय देखने को मिला है। सुरक्षा व्यवस्था को बहु-स्…
कुपवाड़ा,कश्मीर के लंगेट इलाके के मोनाबल गाँव में भारतीय सेना की चिनार कोर द्वारा आयोजित मेडिकल एवं पशु चिकित्सा शिविर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेना केवल सरहदों की हिफाज़त तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की सेहत, खुशहाली और बेहतर मुस्तक़बिल के लिए भी पूरी लगन से काम कर रही है। इस ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के ज़रिये स्थानीय लोगों को मुफ़्त स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जबकि ग्रामीणों के पशुधन के लिए भी विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की गईं। शिविर के दौरान बड़ी तादाद में ग्रामीणों ने अपने स्वास्थ्य की जाँच करवाई। अनुभवी डॉक्टरों और मे…
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में इंसानी हुक़ूक़ और अवामी आवाज़ को लेकर सियासी माहौल एक बार फिर गरमाता नज़र आ रहा है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई 2026 को रावलाकोट से मुज़फ़्फ़राबाद तक एक पुरअमन "ह्यूमन राइट्स मार्च" निकालने का ऐलान किया है। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च सफ़ेद झंडों के साथ पूरी तरह अमन, इंसाफ़ और अवाम के बुनियादी हुक़ूक़ की हिमायत में आयोजित किया जाएगा। JAAC के मुताबिक़ इस मार्च का मक़सद दुनिया के सामने पीओजेके में इंसानी हुक़ूक़ से जुड़े मसलों को उठाना और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का तवज्जो हा…
कश्मीर के दूरदराज़ इलाक़ों में रहने वाले लोगों तक बेहतर सेहत सुविधाएँ पहुँचाने की कोशिशों के तहत भारतीय सेना ने सेहत महकमे के साथ मिलकर अल्लाचीज़ाब इलाक़े में एक मुश्तरका मेडिकल कैंप का एहतिमाम किया। इस इंसानी ख़िदमत से भरपूर पहल का मक़सद उन लोगों तक मुफ़्त इलाज, दवाइयाँ और ज़रूरी मेडिकल सलाह पहुँचाना था, जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुँचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस मेडिकल कैंप में कुल 873 लोगों ने फ़ायदा उठाया। इनमें बुज़ुर्ग, ख़वातीन, बच्चे और दूसरे स्थानीय अफ़राद शामिल रहे। डॉक्टरों की ट…
बारामूला, कश्मीर के खूबसूरत बुटापथरी इलाक़े में आयोजित ‘गुज्जर-बकरवाल मेला 2026’ ने स्थानीय अवाम, ख़ास तौर पर गुज्जर और बकरवाल बिरादरी के बीच ख़ुशी, अपनापन और यकजहती का नया पैग़ाम दिया। भारतीय फ़ौज की चिनार कोर और डैगर डिविज़न की पहल पर आयोजित इस मेले ने न सिर्फ़ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि कश्मीर के दूरदराज़ इलाक़ों तक विकास, भरोसा और इंसानी रिश्तों की रोशनी पहुँचाना फ़ौज की प्राथमिकताओं में शामिल है। मेले में बड़ी तादाद में स्थानीय लोग, गुज्जर-बकरवाल समुदाय के बुज़ुर्ग, नौजवान, ख़वातीन औ…
कश्मीर में दहशतगर्दी को नई शक्ल देने की कोशिशें एक बार फिर सामने आई हैं। हाल ही में सामने आए एक प्रचार वीडियो ने यह इशारा दिया है कि कट्टरपंथी तत्व अब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर नौजवानों के ज़ेहन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो में हथियारबंद दृश्यों, संगठन से जुड़े प्रतीकों और भावनात्मक संदेशों का इस्तेमाल कर दहशतगर्दी को एक तथाकथित "मुक़ावमत" के रूप में पेश करने की कोशिश दिखाई देती है। जानकारों का कहना है कि इस तरह का डिजिटल प्रचार कोई नया तरीका नहीं है, बल्कि यह लंबे अरसे से कट्टरपंथी संगठनों क…

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