श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में खेलों का जज़्बा अब नई बुलंदियों को छू रहा है। “खेलेगा कश्मीर, बढ़ेगा इंडिया” की सोच आज ज़मीन पर उतरती दिखाई दे रही है। इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha ने जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत की याद में एक ख़ास स्मारक डाक कवर जारी किया। यह सिर्फ़ एक डाक कवर नहीं, बल्कि उस नई पहचान की निशानी है जो आज जम्मू-कश्मीर खेलों की दुनिया में बना रहा है। इस मौके पर माहौल बेहद जज़्बाती और फ़ख्र से भरा नज़र आया। खेल प्रेमियों, नौजवान खिलाड़ियों और क्रिकेट से जुड़े लोगों ने इसे जम्मू-कश्मीर के लिए एक ऐत…
गांदरबल, कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के वज़ीर-ए-आला Omar Abdullah ने गांदरबल ज़िले में लगभग ₹42.38 करोड़ की लागत वाले कई अहम तरक़्क़ीयाती प्रोजेक्ट्स का इफ़्तिताह कर के इलाके में विकास की नई उम्मीद पैदा कर दी है। इन प्रोजेक्ट्स में बेहतर हेल्थकेयर सुविधाएं, सड़क और बुनियादी ढांचे का विस्तार, नौजवानों के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा कश्मीरी तहज़ीब और विरासत के संरक्षण से जुड़े अहम काम शामिल हैं। स्थानीय अवाम में इन प्रोजेक्ट्स को लेकर ख़ासी खुशी और उम्मीद देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बरसों से जिन बुनियादी सुविधाओं की कम…
वालेन्सिया से आई एक खुशखबरी ने पूरे कश्मीर का सर फ़ख्र से बुलंद कर दिया है। कश्मीर की नन्ही रेसिंग स्टार आतिका मीर ने FIA यूरोपियन चैम्पियनशिप में अपने डेब्यू पर ऐसी शानदार कारकर्दगी दिखाई कि हर तरफ उनकी तारीफ़ हो रही है। महज़ 11 साल की उम्र में आतिका ने दुनिया भर के तजुर्बेकार ड्राइवर्स के बीच छठा मकाम हासिल कर साबित कर दिया कि कश्मीर की बेटियाँ किसी से कम नहीं हैं। स्पेन के वालेन्सिया ट्रैक पर हुई इस बड़ी चैम्पियनशिप में 92 प्रोफेशनल और अनुभवी ड्राइवर्स ने हिस्सा लिया था। आतिका मीर को वाइल्डकार्ड एंट्री मिली थी और बहुत से लोगों को उम्मीद नही…
एक ऐसा क्षेत्र जिसे अक्सर बर्फ से ढके पहाड़ों, खूबसूरत वादियों और संघर्ष की कहानियों के लिए जाना जाता है, वहाँ से अब खेलों की दुनिया में एक नया सपना उभरता दिखाई दे रहा है। युवा रेसिंग प्रतिभा अतिका मीर ने FIA Karting Academy Program में अपने शानदार डेब्यू से सबका ध्यान आकर्षित किया है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक सत्र में सबसे तेज़ लैप दर्ज किया और अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया। यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे कश्मीर और भारतीय मोटरस्पोर्ट के लिए गर्व का क्षण है। दशकों से कश्मीर ने …
जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (POJK) के कुछ नौजवानों के बीच हुई बातचीत ने एक बार फिर दोनों तरफ़ की ज़िंदगी के फ़र्क़ को सामने ला दिया। बातचीत में POJK के लड़कों ने बताया कि वहां पेट्रोल की कीमत लगभग 400 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी है, जबकि कई इलाकों में घंटों नहीं बल्कि दिनों तक बिजली गायब रहती है। दूसरी तरफ़ जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने बताया कि भारत में पेट्रोल करीब 100 रुपये प्रति लीटर है और गांवों तक सड़क, बिजली, अस्पताल और इंटरनेट जैसी सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और…
“पीओके वालों अब जागो… सस्ती बिजली की जंग के साथ आज़ादी की जंग भी लड़ो” — यही पैग़ाम देते हुए पख्तूनख्वा के एक इस्लामिक स्कॉलर का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्कॉलर ने अपने ख़िताब में साफ़ अल्फ़ाज़ में कहा कि पीओके की आवाम सिर्फ महंगाई, बिजली और रोज़मर्रा के मसाइल तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें यह समझना होगा कि असल मसला उनकी आज़ादी और हक़-ए-खुदइरादियत का है। स्कॉलर ने कहा कि “आप लोग सस्ती बिजली के लिए सड़कों पर निकले, ये आपका हक़ है… लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि जिस ज़मीन पर आप रहते हैं, वहाँ फैसले कौन करता है? क्या आपकी आवाज़ को …
पाकिस्तान में दहशतगर्दों को बसाने और उन्हें मुआवज़ा देने को लेकर सामने आए बयान ने मुल्क की सियासत और फौजी कियादत पर संगीन सवाल खड़े कर दिए हैं। बिलाल खान अफरीदी के हवाले से सामने आई जानकारी में दावा किया गया है कि जनरल बाजवा और जनरल फैज़ ने दहशतगर्द अनासिर को पाकिस्तान में बसाने और उनके नुक़सान का मुआवज़ा देने को मुल्क की “सिक्योरिटी पॉलिसी” का हिस्सा बताया। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान के अंदर और बाहर दोनों जगह बहस तेज़ हो गई है कि आख़िर एक ऐसा मुल्क, जो खुद आतंकवाद से परेशान होने का दावा करता है, वही दहशतगर्दों को सहूलियत और सरपरस्ती क्यों दे …
पाकिस्तान में सियासी हलचल एक बार फिर तेज़ हो गई है। पाकिस्तान के साबिक वज़ीर-ए-आज़म इमरान खान ने फ़ौज पर संगीन इल्ज़ाम लगाते हुए दावा किया है कि अदालतों से राहत मिलने के बावजूद उन्हें लगातार घेराबंदी में रखा जा रहा है। इमरान खान का कहना है कि मुल्क में असली इख्तियार अब जम्हूरी इदारों के पास नहीं बल्कि फ़ौजी क़ियादत के हाथों में चला गया है, जो अदालतों के फ़ैसलों को भी नज़रअंदाज़ कर रही है। इमरान खान ने अपने पैगाम में कहा कि अदालत ने उन्हें कई मामलों में राहत दी, लेकिन उसके बावजूद मिलिट्री और सुरक्षा एजेंसियाँ उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए ह…
कश्मीर से सामने आए एक वीडियो पैग़ाम ने उन ज़ख्मों को फिर से ताज़ा कर दिया है, जिनके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात करने से डरते हैं। वीडियो में एक कश्मीरी शख़्स ने पाक समर्थित आतंकियों पर औरतों के ख़िलाफ़ ज़ुल्म, डराने-धमकाने और सामाजिक शोषण जैसे संगीन इल्ज़ाम लगाए हैं। इस बयान के बाद इलाके में एक बार फिर दहशतगर्दी के असली चेहरे पर बहस तेज़ हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदूक और मज़हबी नारों के पीछे छिपे ये आतंकी गिरोह लंबे समय से आम परिवारों, ख़ासकर औरतों को मानसिक और सामाजिक दबाव का शिकार बनाते रहे हैं। कई इलाकों में रात ढलते ही लोगों…
रावलपिंडी के GHQ में हुई एक अहम तक़रीब के बाद पाक फौज के अंदर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आती नज़र आ रही है। खबरों के मुताबिक एक सीनियर अफसर को जानबूझकर किनारे किया गया, जिससे पाक मिलिट्री लीडरशिप के भीतर बढ़ते अविश्वास, अंदरूनी सियासी खेल और ताक़त के केंद्रीकरण की बहस तेज़ हो गई है। बाहर से खुद को “एकजुट और मज़बूत इदारा” दिखाने वाली पाक फौज के अंदर अब दरारें साफ दिखाई देने लगी हैं। माहिरीन का कहना है कि GHQ में किसी बड़े अफसर की अनदेखी महज़ एक प्रोटोकॉल मसला नहीं, बल्कि यह फौज के भीतर चल रही ताक़त की जंग का इशारा है। बताया जा रहा है कि कुछ…

Copyright (c) 2022 The Srinagar Times All Right Reseved
Social Plugin