कुपवाड़ा के दूर-दराज़ इलाके लोलाब से एक बेहद हौसला अफ़ज़ा और फ़ख्र महसूस कराने वाली ख़बर सामने आई है। शुमेरियाल लोलाब की रहने वाली कुलसूमा अख्तर ने देश के प्रतिष्ठित AIIMS NORCET इम्तिहान में ऑल इंडिया रैंक 123 हासिल कर पूरे कश्मीर का नाम रोशन कर दिया है। कुलसूमा की इस शानदार कामयाबी को इलाके में बड़े गर्व और खुशी के साथ देखा जा रहा है। AIIMS NORCET यानी Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test मुल्क भर में आयोजित होने वाला एक बेहद मुश्किल और मुक़ाबले वाला इम्तिहान माना जाता है, जिसमें हजारों उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। ऐसे में कश्म…
पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के मशहूर सीनियर पत्रकार आफताब इक़बाल के बड़े खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आफताब इक़बाल ने अपने बयान में दावा किया कि इस हमले में शामिल दो आतंकवादी, तल्हा अली और आसिम, पाकिस्तान आर्मी के एक्टिव कमांडो थे। इस इंकिशाफ़ के बाद पाकिस्तान के उस पुराने दावे पर बड़े सवाल उठ रहे हैं जिसमें वो खुद को आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ने वाला मुल्क बताता रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहलगाम हमले की प्लानिंग और उसके पीछे मौजूद नेटवर्क किसी छोटे आतंकी गिरोह का काम नहीं बल्कि एक संगठित ढांचे का हिस्सा दिखाई देता है। सुरक…
बांदीपोरा से ताल्लुक रखने वाले मशहूर अदबी शख़्सियत ए. आर. माताहांजी ने मुल्क के एक बेहद प्रतिष्ठित “इंडियन लिटरेचर अवॉर्ड 2026” को अपने नाम करके पूरे कश्मीर का सर फ़ख्र से बुलंद कर दिया है। “वुलर मैन ऑफ कश्मीर” के नाम से पहचाने जाने वाले माताहांजी को उनकी चर्चित किताब “द पर्ल्स ऑफ पेन” के लिए इस बड़े एहतिराम से नवाज़ा गया। इस कामयाबी की ख़बर सामने आते ही अदबी हल्कों में खुशी की लहर दौड़ गई और सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें मुबारकबाद पेश कर रहे हैं। यह किताब इंसानी जज़्बात, तकलीफ़, सब्र, उम्मीद और ज़िंदगी की मुश्किल राहों में हौसले की दास्तान को…
शिकारगाह त्राल — कश्मीर की वादियों में छुपा एक ऐसा हुस्न, जो अब दुनिया की नज़रों में आने लगा है। पुलवामा ज़िले का ये दिलकश इलाक़ा अपनी पाकीज़ा फ़िज़ा, घने जंगलों, बुलंद पहाड़ों और ख़ामोश वादियों के साथ कश्मीर में ईको-टूरिज़्म की नई पहचान बनता जा रहा है। स्यद एजाज़ की ख़ास रिपोर्ट में शिकारगाह त्राल की वही अनछुई खूबसूरती सामने आई है, जो सैलानियों और ट्रेकिंग के शौक़ीन लोगों को अपनी जानिब खींच रही है। यहाँ के हरे-भरे जंगल, बहते चश्मे और पुरसुकून माहौल हर आने वाले को कुदरत के बेहद करीब ले जाते हैं। शिकारगाह का मशहूर ट्रेकिंग रूट आज एडवेंचर टूरि…
सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को मौसम, दूरी और सीमित संसाधनों के कारण समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती। ऐसे कठिन परिस्थितियों में भारतीय सेना केवल सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि मानवीय सेवा का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही है। इसी कड़ी में भारतीय सेना द्वारा बांदीपोरा जिले की तुलैल घाटी के दूरस्थ सरोदाब गांव में चलाया गया ‘मेडिक ऑन फुट’ अभियान लोगों के लिए राहत और उम्मीद लेकर आया। यह अभियान वि…
अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham के ताज़ा बयान ने पाकिस्तान की ख़ारिजा पॉलिसी पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सीनेटर ग्राहम ने पाकिस्तान पर “डबल गेम” खेलने का इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि इस्लामाबाद एक तरफ़ दुनिया के सामने खुद को न्यूट्रल मुल्क बताता है, जबकि दूसरी तरफ़ ईरान जैसे मुल्कों के साथ पर्दे के पीछे गहरे ताल्लुक़ात कायम रखता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ईरानी जहाज़ों को नूर खान एयरबेस पर पार्किंग की इजाज़त दिए जाने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। ग्राहम ने इस पर सख़्त एतराज़ जताते हुए पूछा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में न्यूट्रल है, त…
क़ैबर पख़्तूनख्वा में अमन, इंसाफ़ और बुनियादी हक़ूक़ की मांग को लेकर निकला अवाम का एक पुरअमन एहतेजाज उस वक़्त ख़ूनी मंजर में तब्दील हो गया, जब पाक हुकूमत के सुरक्षा दस्तों ने निहत्थे मुज़ाहिरीनों पर गोलियां बरसा दीं। सड़कों पर “अमन चाहिए”, “ज़ुल्म बंद करो” और “अवाम को इंसाफ़ दो” के नारे लगा रहे लोगों को जिस बेरहमी से दबाने की कोशिश की गई, उसने पाकिस्तान के तथाकथित जम्हूरी निज़ाम की हक़ीक़त पूरी दुनिया के सामने ला दी। मुक़ामी ज़राए के मुताबिक, एहतेजाज में बड़ी तादाद में नौजवान, बुज़ुर्ग और ख़वातीन शामिल थीं, जो अपने इलाक़े में बढ़ती बदअमनी, जब…
पाकिस्तान का झूठा फ़तह नैरेटिव अब खुद उसके अपने लोगों और आतंकी सरगनाओं के बयानों से बिखरता नज़र आ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाक हुकूमत और फौज ने जिस “कामयाबी” का ढोल पीटा था, वही दावा अब दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है। लश्कर से जुड़े कई तत्वों और आतंकी नेटवर्क के अंदरूनी हलकों से सामने आई बातों ने साफ कर दिया है कि भारत की निर्णायक कार्रवाई ने आतंकी ढांचे को गहरी चोट पहुँचाई, जबकि पाकिस्तानी मिलिट्री हक़ीक़त छिपाने में लगी रही। पाकिस्तान लंबे अरसे से “कश्मीर की आवाज़” के नाम पर जिन प्रॉक्सी आतंकियों को पालता रहा, वही अब उसकी सबसे बड़ी …
पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख्वा सूबे के लक्की मरवत इलाक़े में आज हुए घातक हमले के बाद पूरा माहौल गरमा गया। इलाके में ज़बरदस्त एहतिजाज देखने को मिला, जहाँ लोगों ने सड़कों पर निकलकर पाक फौज और खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की। अवाम का कहना है कि मुल्क में बढ़ती हिंसा और दहशतगर्दी के पीछे वही ताकतें हैं जो खुद को अमन का रखवाला बताती हैं। मुकामी लोगों के मुताबिक, लक्की मरवत में हुए इस हमले के बाद गुस्सा इसलिए और बढ़ गया क्योंकि लोगों को शक है कि इस पूरे वाकये के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की “डबल गेम” मौजूद है। एहतिजाज कर रहे नौज…
पाकिस्तान में अवाम एक तरफ महंगाई, बेरोज़गारी और बदअमनी से परेशान है, वहीं दूसरी तरफ वही फौज, जिसे मुल्क की हिफाज़त की ज़िम्मेदारी दी गई थी, अब खुद इल्ज़ामों के घेरे में नज़र आ रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक पाक आर्मी के कुछ ग्रुप्स पर स्मगलिंग, उगाही, नशे के कारोबार और गैर-कानूनी नेटवर्क चलाने जैसे संगीन आरोप सामने आए हैं। मालूमात के मुताबिक एक पाक मिलिट्री ग्रुप ने ऐसे ट्रकों को ज़ब्त किया जिनमें बड़ी मात्रा में गैर-कानूनी सामान, स्मगल की गई शराब और गुटखा मौजूद था। हैरानी की बात ये रही कि कार्रवाई कानून लागू करने के लि…

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