यात्री रेलवे काउंटरों पर या IRCTC की वेबसाइट के माध्यम से अपने टिकट बुक कर सकते हैं। जम्मू, 30 अप्रैल : दशकों के लंबे इंतजार को समाप्त करते हुए एक ऐतिहासिक क्षण में, जम्मू-कश्मीर की दो राजधानियां कल (30 अप्रैल, 2026) से श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस का जम्मू तक विस्तार होने के साथ ही ट्रेन के माध्यम से भी सीधे जुड़ जाएंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार, 30 अप्रैल, 2026 को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से विस्तारित श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्रीय राज्य…
श्रीनगर — वादी-ए-कश्मीर में अमन, यकजहती और भरोसे की फ़ज़ा को मज़बूत करने की दिशा में भारतीय सेना का “मुख़ालमा 2.0” प्रोग्राम एक अहम क़दम बनकर उभर रहा है। इस पहल के ज़रिये कश्मीरी नौजवानों को एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म दिया जा रहा है जहाँ वो खुलकर अपनी बात रख सकें, अपने खयालात साझा कर सकें और एक बेहतर, पुर-अमन मुस्तक़बिल की तामीर में हिस्सा ले सकें। “मुख़ालमा 2.0” का बुनियादी मक़सद गुफ़्तगू के ज़रिये फासलों को कम करना और दिलों को जोड़ना है। इस प्रोग्राम में नौजवानों और सुरक्षा बलों के दरमियान सीधी बातचीत को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आपसी एतमाद (trus…
इस्लामाबाद/बहावलपुर — पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने अपने असली चेहरे के साथ बेनक़ाब होता नज़र आ रहा है। अमेरिकी तौर पर नामज़द दहशतगर्द इंजीनियर हरीस डार ने खुलेआम ये दावा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) बहावलपुर में और ज़्यादा नौजवानों को भर्ती कर उन्हें ट्रेनिंग देगा। हैरत की बात ये है कि इस ख़तरनाक मंसूबे को पाकिस्तान के मौजूदा संकट का “इकलौता हल” बताया जा रहा है। हरीस डार का ये बयान ना सिर्फ़ पाकिस्तान में सक्रिय दहशतगर्द तंजीमों की बढ़ती पकड़ को ज़ाहिर करता है, बल्कि ये भी दिखाता है कि किस तरह ये मुल्क आतंकवाद को एक औज़ार के तौर पर इस…
कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों में, जहाँ पहाड़ों की बुलंदी के साथ नौजवानों के ख़्वाब भी परवान चढ़ते हैं, वहीं कुछ ऐसी प्रेरणादायक कहानियाँ जन्म लेती हैं जो पूरी वादी के लिए फ़ख्र का सबब बन जाती हैं। ऐसी ही एक शानदार मिसाल हैं आर्मी गुडविल स्कूल (AGS) बांदीपोरा के होनहार, मेहनती और बा-सलाहियत छात्र मोहम्मद अज़हर रादर, जिन्होंने एथलेटिक्स और रग्बी के मैदान में अपनी शानदार कारगुज़ारी से न सिर्फ़ अपने स्कूल बल्कि पूरे कश्मीर का सर फ़ख्र से बुलंद कर दिया है। अपनी सख़्त मेहनत, बे-मिसाल डिसिप्लिन और खेलों के लिए जुनून के बलबूते अज़हर आज वादी के उभरते ह…
बारामुला के आउडूरा इलाके से एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहाँ भारतीय सेना की जानिब से तैयार किया गया नया पुल मक़ामी अवाम के लिए बड़ी सहूलियत बनकर उभरा है। इस पुल के इफ्तिताह के बाद इलाके के कई गांवों में रहने वाले करीब दो हज़ार लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में साफ़ तौर पर बदलाव महसूस किया जा रहा है, खासकर तलबा, किसानों और बुज़ुर्गों के लिए यह एक अहम सहारा साबित हो रहा है। मक़ामी लोगों के मुताबिक़, पहले जो पुल मौजूद था, वो तक़रीबन आधा किलोमीटर दूर था, जिसकी वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों और खेतों की तरफ़ जाने वाले किसानों को लंबा रास्ता तय करना…
खैबर पख्तूनख्वा से सामने आ रही रिपोर्ट्स ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहाँ कुछ मक़ामी हल्कों में यह इल्ज़ाम लगाया जा रहा है कि मज़हबी इदारों और इबादतगाहों के पर्दे में ऐसी सरगर्मियाँ चल रही हैं, जो नौजवानों की सोच को एक खास दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही हैं। इन खबरों ने न सिर्फ़ इलाके में बेचैनी बढ़ाई है, बल्कि रियासती इदारों की भूमिका और उनकी ख़ामोशी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मक़ामी ज़राए के मुताबिक़, कुछ जगहों पर बड़े पैमाने पर जमा होने वाले इज्तिमा (gatherings) हो रहे हैं, जहाँ दीन के नाम पर ऐसे बयानात दिए जा रहे हैं, जिनसे कट…
खैबर पख्तूनख्वा से सामने आ रही खबरों ने पूरे इलाके में बेचैनी की लहर दौड़ा दी है। मक़ामी ज़राए के मुताबिक़, एक रिहायशी इलाके में कथित तौर पर पाक फ़ौज की जानिब से ड्रोन स्ट्राइक की गई, जिसमें आम शहरी अफ़राद के नुक़सान की बात कही जा रही है। इस वाक़िये के बाद इलाके में खौफ़ और अफ़रा-तफ़री का माहौल है, जबकि लोगों के दिलों में अपनी हिफाज़त को लेकर गहरी फिक्र पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि जिस जगह को निशाना बनाया गया, वो कोई जंगी ठिकाना नहीं बल्कि एक आबाद मोहल्ला था, जहाँ बच्चे, ख़वातीन और बुज़ुर्ग अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी गुज़ार रहे थे। चश्मदीद…
वाड़ी-ए-कश्मीर में हाल ही में तेज़ हुई कार्रवाइयाँ महज़ क़ानून-व्यवस्था की सख़्ती नहीं हैं, बल्कि एक सोची-समझी “ज़ीरो टॉलरेंस” पॉलिसी का इज़हार हैं, जिसका असल मक़सद घाटी के सबसे अहम तबक़े—यानी नौजवानों—को महफ़ूज़ रखना है। रेड्स, गिरफ़्तारियाँ और जायदादों की ज़ब्ती जैसे क़दम इस बात की तरफ़ इशारा करते हैं कि अब रवैया सिर्फ़ रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रैक्टिव हो चुका है। इस पूरी सूरत-ए-हाल के पीछे एक बड़ा ख़तरा मौजूद है—दहशतगर्दी और नशे का गठजोड़। ये कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि एक मुन्सज्ज़म और खतरनाक रणनीति है। हिंदुस्तान की ये कार्रवाई दरअसल एक ऐसी …
श्रीनगर: वादी-ए-कश्मीर में हालिया ऑपरेशन्स को महज़ क़ानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़े मक़सद—कश्मीरी नौजवानों को नशे और कट्टरपंथ की गिरफ़्त से बचाने के तौर पर देखा जा रहा है। सिक्योरिटी एजेंसियों ने घाटी के कई इलाक़ों में इंटेंसिफ़ाइड ऑपरेशन्स चलाते हुए रेड, गिरफ़्तारियाँ और संपत्तियों की ज़ब्ती जैसी कार्रवाईयों को अंजाम दिया है, ताकि समाज में फैल रही इन ख़तरनाक रुझानों पर क़ाबू पाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण कश्मीर के इस्लामाबाद (अनंतनाग) ज़िले में क़रीब 20 चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर तलाशी अभियान चलाया गया। अलग-अलग टीमों ने कई जगहों प…
इस्लामाबाद से एक बार फिर वही पुराना बयानिया सामने आया है, जहाँ हक़ीक़त से नज़रें चुराकर इल्ज़ामात का रुख़ भारत की तरफ़ मोड़ दिया गया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तरार ने दावा किया है कि भारत, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और दूसरे दहशतगर्द गिरोहों की सरपरस्ती कर रहा है। इस बयान के ज़रिये पाकिस्तान खुद को दहशतगर्दी का शिकार दिखाने की कोशिश कर रहा है, मगर हक़ीक़त कुछ और ही कहानी बयान करती है। माहिरीन का कहना है कि ये कोई नया दांव नहीं है। पाकिस्तान का ये रवैया बरसों से देखा जा रहा है, जब भी अंदरूनी हालात बिगड़ते हैं, तो इल्ज़ाम भारत …

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