कश्मीर की वादी में प्रतिभा और तालीम की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि स्थानीय नौजवानों और शोधार्थियों को अपने हुनर को बड़े मंच तक ले जाने का सही मौक़ा मिले। इसी जज़्बे की एक मिसाल (SKUAST-K) की पीएचडी शोधार्थी बुशरा नाज़ ने पेश की है। बुशरा नाज़ ने बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय बायो-उद्यमिता प्रतियोगिता 2026 (NBEC 2026) में शानदार कामयाबी हासिल करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया और अपने शोध को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए बल्कि कश्मीर के उभरते शोध और बायो-इनोवेशन क्षेत्र के लिए भी एक अहम कामयाबी मान…
कुपवाड़ा की सरहदी वादी में तिरंगे की शान अब सिर्फ़ राष्ट्रीय गौरव की निशानी नहीं, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए रोज़गार, हुनर और आत्मनिर्भरता का ज़रिया भी बन रही है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नज़दीक रहने वाली कुपवाड़ा की करीब 140 महिलाएं भारतीय सेना के सहयोग से तिरंगे की सिलाई और निर्माण से जुड़कर अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आर्थिक मजबूती की नई राह बना रही हैं। दूरदराज़ और सरहदी इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए यह पहल इस बात की मिसाल बन रही है कि हुनर को रोज़गार से जोड़कर महिलाओं को न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूत बनाया जा सकता है, बल्कि उ…
जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या से निपटने के लिए अब सिर्फ अस्पताल में इलाज तक सीमित रहने के बजाय मरीज की लंबी अवधि की सेहत, तालीम, हुनर और रोज़गार पर भी तवज्जो दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक पुनर्समावेशन योजना, 2026 को अधिसूचित किया है। तीन साल की यह मरीज-केंद्रित व्यवस्था इस सोच को आगे बढ़ाती है कि नशे की लत से निजात महज़ कुछ दिनों के इलाज का मामला नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाली रिकवरी का सफर है। इस पहल में अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी मरीज को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि उसकी दोबा…
श्रीनगर के बाहरी इलाके ज़ैनाकोट में खेल और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। 2 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) ने ज़ैनाकोट में क्रिकेट लीग T20 का आग़ाज़ किया, जिसका मकसद स्थानीय नौजवानों को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए एक बेहतर मंच मुहैया कराना है। लीग के उद्घाटन अवसर पर बड़ी तादाद में स्थानीय खिलाड़ी और सेना के जवान मौजूद रहे। इस पहल से ज़ैनाकोट और आसपास के इलाकों के युवा खिलाड़ियों को अपनी क्रिकेट प्रतिभा दिखाने, बेहतर प्रदर्शन करने और खेल के ज़रिये आगे बढ़ने का मौक़ा मिलने की उम्मीद है। कश्मीर वादी में क्रिकेट सि…
भारत के संविधान निर्माण के इतिहास में कुछ ऐसी तिथियां हैं जिन्हें केवल कैलेंडर की तिथियों के रूप में नहीं देखा जा सकता। 12, 13 और 14 सितंबर 1949 ऐसी ही तीन तिथियां हैं। इन तीन दिनों के दौरान, संविधान सभा ने एक ऐसे मुद्दे पर निर्णायक बहस की जो केवल आधिकारिक कामकाज की भाषा से कहीं अधिक महत्वपूर्ण था। प्रश्न यह था: स्वतंत्र भारत में शासन की आवाज किस भाषा में सुनी और बोली जाएगी? क्या औपनिवेशिक शासन की भाषा अंग्रेजी स्वतंत्र भारत में भी बनी रहेगी? क्या हिंदी को संघ की आधिकारिक भाषा बनाया जाएगा? यदि हिंदी को अपनाया जाता है, तो वह किस प्रकार की हिंदी…
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर ब्रिक्स के संयुक्त घोषणापत्र में एक बार फिर स्पष्ट और कड़ा संदेश सामने आया है। ब्रिक्स देशों ने हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराई और आतंकवादियों, उनके समर्थकों तथा सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। हमले में 26 लोगों की जान गई थी। ताजा ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम हमले का उल्लेख लगातार दूसरी बार होना इस बात की अहमियत को दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकवाद…
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से सटी कुपवाड़ा की माचिल वादी में वर्ष 2026 की माचिल प्रीमियर लीग का समापन पुरुष और महिला वर्ग के रोमांचक फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ। भारतीय सेना की 56 राष्ट्रीय राइफल्स के सहयोग और स्थानीय लोगों की व्यापक भागीदारी से आयोजित इस क्रिकेट लीग ने सीमांत इलाके में खेल, भाईचारे और सामुदायिक जुड़ाव की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की। कभी अलगाव और सीमित आवाजाही के लिए पहचानी जाने वाली यह सरहदी वादी/5 अब खेल गतिविधियों और स्थानीय प्रतिभाओं के जरिए नई पहचान बनाने की राह पर आगे बढ़ रही है। महिला वर्ग के फाइनल में विजेता टीम ने शानदा…
कश्मीर के कुलगाम जिले के कुटाब्राडी गांव से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर मुश्ताक अहमद मल्ला ने अपनी मेहनत, जज़्बे और बुलंद हौसले का शानदार मुज़ाहिरा करते हुए 72 किलोमीटर लंबी खारदुंग ला चुनौती पूरी कर वादी का नाम रोशन किया है। 13वीं लद्दाख मैराथन के तहत आयोजित इस बेहद मुश्किल दौड़ को डॉ. मुश्ताक ने 11 घंटे 20 मिनट 9 सेकंड में पूरा किया। समुद्र तल से करीब 17,618 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर इतनी लंबी दूरी तय करना उनकी शारीरिक क्षमता और असाधारण सहनशक्ति को दर्शाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह इस चुनौती को पूरा करने वाले कश्मीर घाटी के पहले एथलीट बताए जा …
पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे और वहां की सुरक्षा एजेंसियों के बीच कथित संपर्क को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रेजोनेंट न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के टारबेला बांध के आसपास लश्कर-ए-तैयबा के कैडरों के साथ पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी) से जुड़े कर्मियों को देखा गया। रिपोर्ट में एक वीडियो का हवाला देते हुए इसे प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं के बीच संभावित संपर्क के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्ट में किए गए आरोप के तौर…
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की मार झेल चुके परिवारों के बच्चों और जीवनसाथियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम अवसर सामने आया है। जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बीओपीईई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय पूल के तहत उपलब्ध चार एमबीबीएस सीटों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन सीटों का मकसद उन नागरिक परिवारों के सदस्यों को मेडिकल शिक्षा का अवसर देना है, जिन्होंने आतंकवाद की वजह से अपने परिवार के किसी सदस्य को खोया है। ऐसे परिवारों के लिए यह पहल केवल दाखिले का एक मौका नहीं, बल्कि मुश्किल हालात से निकलकर सम्मानजनक और बेहतर भव…

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