कश्मीर की सरज़मीं ने एक बार फिर अपनी मेहनत, लगन और काबिलियत का शानदार मुज़ाहिरा किया है। पुलवामा के रहने वाले मोहम्मद ओवैस भट ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा के अंतिम परिणामों में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 107 हासिल कर न केवल अपने परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है, बल्कि घाटी के उन नौजवानों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगाई है, जो देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी हासिल करने का ख्वाब देखते हैं। ओवैस भट की यह कामयाबी महज़ एक परीक्षा में हासिल की गई रैंक नहीं, बल्कि उस मेहनत, सब्र और लगातार कोशिशों का नतीजा …
कश्मीर घाटी को नशे की बढ़ती बुराई से महफूज़ रखने और नौजवानों के मुस्तकबिल को बचाने के लिए अनंतनाग पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में समन्वित अभियान चलाकर 4 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 17.6 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ बरामद किए। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई पुलिस थाना बिजबेहड़ा, पुलिस पोस्ट संगम और पुलिस पोस्ट डीके पोरा की टीमों द्वारा अलग-अ…
कश्मीर की सरज़मीन पर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के नौजवान अगर मेहनत, लगन और सही रहनुमाई के साथ आगे बढ़ें, तो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी काबिलियत रखते हैं। इसी बात को एक बार फिर साबित करते हुए कुपवाड़ा के खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन किया है। हंदवाड़ा-कुपवाड़ा स्थित खेलो इंडिया वुशू सेंटर के 4 खिलाड़ियों ने चेन्नई में आयोजित 25वीं जूनियर राष्ट्रीय वुशू चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक चेन्नई में आयोजित की गई, जिसमें द…
जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। अपनी बेमिसाल प्राकृतिक खूबसूरती, हसीन वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों, झीलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में मशहूर जम्मू-कश्मीर को इंडिया ट्रैवल मार्ट गोवा 2026 में 'बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभाग की कोशिशों की सराहना है, बल्कि यहां के लोगों, पर्यटन कारोबार से जुड़े परिवारों और नौजवानों के लिए भी एक नई उम्मीद और हौसले का पैगाम है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की ओ…
कश्मीर की वादियों में आज बदलाव की एक नई तस्वीर उभर रही है, जहां बेटियां अब अपने सपनों को केवल आंखों में संजोकर नहीं रख रहीं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने के लिए मैदान में उतर रही हैं। कभी अवसरों की कमी और सीमित सुविधाओं के बीच अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का इंतजार करने वाली इन बेटियों ने अब अपनी मेहनत, हौसले और आत्मविश्वास से नई पहचान बनानी शुरू कर दी है। कुपवाड़ा के सीमावर्ती इलाके कर्नाह से आई AGS हाजिनार की छात्राओं की शानदार जीत इसी बदलते कश्मीर की एक प्रेरणादायक तस्वीर है। भारतीय सेना की ओर से आयोजित 'जश्न-ए-कर्नाह 2026' के तहत ब…
कश्मीर की सरजमीं पर भारतीय सेना की भूमिका केवल सरहदों की हिफाजत तक महदूद नहीं है, बल्कि यहां की अवाम के साथ मोहब्बत, विश्वास और अपनत्व का रिश्ता कायम करना भी उसकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है। वर्दी में तैनात जवान जब सरहदों की निगहबानी के साथ गांवों में रहने वाले लोगों के बीच पहुंचते हैं, उनकी बातें सुनते हैं और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास करते हैं, तो यह रिश्ता और भी मजबूत हो जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने 2 नवंबर 2026 को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा स्थित वड्डर राजवार में पहली बार गुज्जर-बकरवाल समुदाय…
कश्मीर की खूबसूरत वादियों में सिर्फ कुदरती हुस्न ही नहीं, बल्कि ऐसे अनगिनत सपने भी पलते हैं, जिनमें दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाने का जज़्बा मौजूद है। यहां के पहाड़ों, गांवों और छोटे-छोटे कस्बों में ऐसे कई नौजवान हैं, जिनकी आंखों में कामयाबी के बड़े ख्वाब हैं, लेकिन कभी सीमित संसाधन, कभी सही मार्गदर्शन की कमी और कभी अवसरों का अभाव उनके रास्ते में मुश्किलें पैदा करता है। ऐसे माहौल में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले की पहलगाम तहसील से आने वाले वसीम बशीर की उपलब्धि हर कश्मीरी नौजवान के लिए उम्मीद, हौसले और आत्मविश्वास का एक नया पैग़ाम लेकर आई है…
कश्मीर की वादियों की खूबसूरती जितनी मशहूर है, उतनी ही खास यहां की मिट्टी में पलने वाले लोगों का हौसला और जज़्बा भी है। इसी सरज़मीं की बेटी अवंतीपोरा की नुसरत रसूल आज अपनी मेहनत, संघर्ष और बुलंद इरादों से पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए प्रेरणा की मिसाल बनकर उभरी हैं। उनकी कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की कामयाबी की दास्तान नहीं, बल्कि उस हिम्मत का पैग़ाम है, जो इंसान को मुश्किल हालात में भी अपने सपनों का दामन नहीं छोड़ने देती। नुसरत ने साबित कर दिया है कि इंसान की पहचान उसकी शारीरिक परिस्थितियों से नहीं, बल्कि उसके हौसले, मेहनत और कुछ कर गुजरने के जज़्बे से…
भारतीय सेना की पहचान केवल सरहदों की हिफाज़त तक सीमित नहीं है, बल्कि मुश्किल की हर घड़ी में आम लोगों के साथ खड़े रहना भी उसकी सेवा भावना का अहम हिस्सा है। कश्मीर की अवाम के साथ इसी भरोसे और इंसानियत के रिश्ते को एक बार फिर मजबूती मिली, जब उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के पट्टन क्षेत्र स्थित केपी पयीन में आग लगने की घटना के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1 नवंबर 2026 को केपी पयीन इलाके में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका के मुताबिक, आग बिजली के शॉर्ट सर्…
कश्मीर की वादियों में अब विकास की एक नई राह तैयार हो रही है। कभी दुर्गम रास्तों, लंबी यात्राओं और सीमित परिवहन सुविधाओं के कारण जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल होता था, वहां अब बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक परिवहन सुविधाएं नई उम्मीदों का पैग़ाम लेकर पहुंच रही हैं। जम्मू-कश्मीर में सड़क बुनियादी ढांचे पर ₹60,000 करोड़ से अधिक का निवेश घाटी की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ यहां की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और स्थानीय रोज़गार के लिए नए दरवाज़े खोल रहा है। डिविजनल कमिश्नर कश्मीर अंशुल गर्ग ने बताया कि सड़क बुनियादी ढांचे में ₹60,000 करोड़ से अधिक का…

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