सुबह की सुनहरी किरणें जब कश्मीर की वादियों पर बिखर रही थीं , तब एक एजाज सर अपने विद्यार्थियों के साथ पहाड़ी की चोटी पर बने विशाल किले के सामने खड़ा था। उसने मुस्कुराते हुए कहा , " यह केवल पत्थरों का ढेर नहीं , बल्कि सदियों का इतिहास है। यह मुगल युग की दूरदर्शिता , सैन्य शक्ति और स्थापत्य कला का जीवंत प्रमाण है। " इतिहास सन् 1586 में जब सम्राट अकबर ने कश्मीर को अपने साम्राज्य में शामिल किया , तब उसे इस सुंदर घाटी के सामरिक महत्व का तुरंत आभास हो गया। कुछ …

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