ख़ामोश वादियों में जहाँ हौसला और उम्मीद साथ-साथ चलते हैं, वहाँ तालीमी इदारे अक्सर तब्दीली के सबसे मज़बूत स्तंभ बन जाते हैं। आर्मी गुडविल स्कूल (एजीएस) राघवन में आयोजित डिबेट मुकाबला इसी हक़ीक़त की एक रौशन मिसाल बनकर सामने आया। यह महज़ एक अकादमिक प्रोग्राम नहीं था, बल्कि सोच, बयान और लीडरशिप का एक ज़िंदा मंच था, जहाँ नौजवान ज़ेहन अपने ख़यालात को चुनौती देने, रूढ़ियों को तोड़ने और अपनी आवाज़ की ताक़त को पहचानने के लिए एक साथ आए। आर्मी गुडविल स्कूल्स लंबे अरसे से तालीम, सशक्तिकरण और सामाजिक हमआहंगी (harmony) के अलामत रहे हैं। भारतीय सेना की र…
कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों में, जहाँ सब्र और हौसला साथ-साथ चलते हैं, वहीं नौजवानों की कामयाबी की कहानियाँ उम्मीद की नई रोशनी फैलाती हैं। ऐसी ही एक रौशन मिसाल है ए.जी.एस. बांदीपोरा की होनहार तालीबा फ़ातिमा तू ज़ोहरा की, जिनकी शतरंज में शानदार कामयाबियों ने ना सिर्फ उनके स्कूल बल्कि पूरे इलाके को फ़ख्र से भर दिया है। फ़ातिमा का शतरंज की दुनिया में सफ़र इस बात की ज़िंदा मिसाल है कि मेहनत, लगन और जुनून से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। आज के दौर में जहाँ ध्यान भटकाने वाली चीज़ें बहुत हैं, फ़ातिमा ने एक ऐसा रास्ता चुना जो सब्र, गहरी सोच और बेहतरीन…
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुज़फ़्फ़राबाद स्थित गोजरा इलाके से एक ऐसी खबर निकलकर सामने आई है जिसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, 18 अप्रैल को सुबह 9 बजे गोजरा के बाईपास रोड पर स्थित ओएसए कॉलेज में कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपनी महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया। यह आयोजन उस खतरनाक मंशा को साफ जाहिर करता है जिसके तहत अब महिलाओं और बच्चों को कट्टरपंथ की आग में झोंकने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि मजहबी सभा के ना…
पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से आ रही ख़बरें वहां की सेना (Pak Army) की आंतरिक एकजुटता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रही हैं। प्राप्त डेटा और रणनीतिक विश्लेषण के अनुसार, पाकिस्तानी सेना अब एक पेशेवर बल के बजाय शिया और सुन्नी गुटों में विभाजित हो चुकी है, जिसका इस्तेमाल निजी और विदेशी हितों के लिए किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान ने अपने जवानों को मजहबी पहचान के आधार पर बांट दिया है: सुन्नी गुट और विदेशी फंड: सेना के सुन्नी धड़े को वित्तीय लाभ (Financial Gain) के लिए सऊदी अरब भेजा जा रहा है। आरोप है कि वहां इन सैनिकों …
पहलगाम में हुए दर्दनाक हमले, जिसमें 27 बेगुनाह लोगों की जान चली गई, के बाद इलाक़े में ग़म और ग़ुस्से का माहौल है। इस हमले ने एक बार फिर सरहद पार दहशतगर्दी के मसले को सुर्खियों में ला खड़ा किया है। हालिया रिपोर्ट्स और दावों में ये बात सामने आई है कि पाकिस्तान के दिफ़ा मंत्री Khwaja Asif की मुलाक़ात लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेता Talha Saeed से हुई। इन दावों की आधिकारिक तौर पर तस्दीक़ हो गयी है , जिससे इस तरह की ख़बरों ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। तजज़िया निगारों का कहना है कि अगर ऐसे राब्तों की पुष्टि होती है, तो ये इस बात की तरफ़ इशारा…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरज़मीन पर एक बार फिर वो तस्वीर सामने आई है जो बरसों से दुनिया देखती आई है, लेकिन हर बार उसे नज़रअंदाज़ करने की कोशिश होती रही। हाल ही में Asif Ghafoor और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े शख़्स Yasir Arafat Butt की मुलाक़ात ने इस हक़ीक़त को और वाज़ेह कर दिया है कि रावलपिंडी की ताक़तवर फौजी हुकूमत और दहशतगर्द तंजीमों के दरमियान रिश्ता आज भी क़ायम है। मुताल्लिक़ा जानकारी के मुताबिक, इस्लामाबाद में हुई ये मुलाक़ात महज़ एक इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि एक सोची-समझी कड़ी है, जो सरहद पार दहशतगर्दी की पुरानी रणनीति को ज़िंदा रखने की तर…
पहलगाम की एक बहार भरी सुबह में वादी यूँ लगती है जैसे वक़्त ने इसे छुआ ही न हो। लिद्दर दरिया ख़ामोशी से बहता है , चीड़ के जंगलों और सब्ज़ा-ज़ारों के दरमियान अपना रास्ता बनाती हुई—वही मंज़र जो बरसों से कश्मीर को सुकून और ख़ूबसूरती की पहचान देते आए हैं। सैलानी यहाँ सुकून की तलाश में आते हैं, उन मंज़रों की तरफ़ खिंचे चले आते हैं जो बाहरी दुनिया की बेचैनियों से दूर लगते हैं। मगर यही सुकून का एहसास 22 अप्रैल 2025 के वाक़िये को और भी बेचैन कर देने वाला बना देता है। जिस जगह को हुस्न और अमन की मिसाल समझा जाता है, वहाँ हिंसा ने दस्तक दी—दूर की आशं…
22 अप्रैल—ये तारीख हमें एक नई-नवेली दुल्हन की ख़ामोश, मगर सब्र से भरी खामोशी की याद दिलाती है, जो बेपनाह अफ़रा-तफ़री और ग़म के दरमियान भी खड़ी रही। ये दिन हमें ये भी याद दिलाता है कि इंसानियत अपनी राह इत्तेहाद (एकजुटता) में ढूंढती है, और मिलकर मज़बूती और पुख़्ता इरादे के साथ उठ खड़ी होती है। पहलगाम—जो अपनी पाक-साफ़ ख़ूबसूरती और हरियाली के लिए जाना जाता है—उस दिन बेबसी की चीख़ों और गोलियों की आवाज़ से गूंज उठा। ख़ूबसूरती की हरी चादर पर मौत का साया छा गया। उस क़त्लेआम की तस्वीरें आज भी हमारे ज़ेहन को झकझोर देती हैं। मासूम और खुशमिज़ाज सैलानी, …
जम्मू-ओ-कश्मीर की बेटी अंसा हसन चिश्ती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। मॉस्को में आयोजित वुशू स्टार इंटरनेशनल चैम्पियनशिप 2026 में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ़ अपना, बल्कि पूरे मुल्क-ए-हिंद का नाम रोशन कर दिया। इंटरनेशनल मंच पर हिंदुस्तान की नुमाइंदगी करते हुए अंसा ने जिस जज़्बे, हुनर और इत्मीनान के साथ मुकाबला किया, वो हर नौजवान खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा बन गया है। जे&के स्पोर्ट्स काउंसिल ने भी उनके इस शानदार कारनामे को एक बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि यह जम्मू-ओ-कश्मीर के खेल इतिहा…
बहावलपुर, पाकिस्तान: बहावलपुर से सामने आए एक ताज़ा बयान ने सुरक्षा एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर हाफ़िज़ अब्दुल रऊफ़ ने कथित तौर पर एक संबोधन में “जिहाद जारी रखने” की अपील की, जिसे विशेषज्ञ खतरनाक और उकसाने वाला बयान मान रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने भाषण में रऊफ़ ने लोगों से पीछे न हटने और इस विचारधारा को जारी रखने का आह्वान किया। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की बयानबाज़ी सीधे तौर पर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलती है और हिंसक गतिविधियों के लिए मान…

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