दशकों से, संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों की अक्सर एक ही पहचान रही है—अस्थिरता, अनिश्चितता और सीमित आर्थिक अवसरों से बनी पहचान। फिर भी, इतिहास ने दिखाया है कि लगातार प्रयासों, रणनीतिक योजना और सामुदायिक भागीदारी से, ऐसे क्षेत्र अपनी कहानी फिर से लिख सकते हैं। संघर्ष से प्रभावित एक पहाड़ी क्षेत्र का, विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त स्की डेस्टिनेशन में बदलना, ऐसी ही एक सशक्त कहानी है। यह केवल पर्यटन के बारे में नहीं है; यह जुझारूपन, सुशासन और अर्थव्यवस्था के जान-बूझकर किए गए पुनर्निर्माण के बारे में है। इस बदलाव के मूल में सरकार का एक दीर्घकालिक दृ…
पिर पंजाल की बुलंद पहाड़ियों में बसा हुआ गुलमर्ग आज सिर्फ़ एक खूबसूरत सैरगाह नहीं रहा, बल्कि साउथ एशिया की एक ऐसी मिसाल बन चुका है जहाँ तब्दीली, तामीर और तरक़्क़ी एक साथ नज़र आती है। अपनी बर्फ़ से ढकी ढलानों, हसीन वादियों और वर्ल्ड-क्लास विंटर स्पोर्ट्स की सलाहियत के साथ, जम्मू व कश्मीर का ये नगीना अब आहिस्ता-आहिस्ता दुनिया के टूरिज़्म नक़्शे पर अपनी मज़बूत पहचान बना रहा है। एक वक़्त था जब गुलमर्ग को ज़्यादातर तनाज़े और नाज़ुक हालात के आईने में देखा जाता था। मगर आज वही इलाक़ा एशिया का प्रीमियर स्कीइंग हब बनने की राह पर है — जहाँ इंफ्रास्ट्रक्चर…
उत्तरी रेलवे के जम्मू रेलवे डिवीजन की इस प्रीमियम सेवा का उपयोग करते हुए रविवार, 3 मई, 2026 को जम्मू और कश्मीर की दो राजधानियों के बीच 5000 से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। जम्मू, 4 मई : हवाई यात्रा के एक उत्कृष्ट विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ने रविवार को अपनी नियमित वाणिज्यिक सेवा के दूसरे दिन अपनी ऑक्यूपेंसी दर में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया, जो लगभग 6 प्रतिशत तक बढ़ गया। उत्तरी रेलवे के जम्मू रेलवे डिवीजन की इस प्रीमियम सेवा का उपयोग करते हुए रविवार, 3 मई, 2026 को जम्मू और कश्मीर की दो राजधानियों के बीच …
मुज़फ़्फ़राबाद से ऐसी ख़बरें सामने आ रही हैं जो वहां के आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बढ़ती परेशानियों की तस्वीर पेश करती हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में इज़ाफ़ा और ट्रांसपोर्ट किरायों में बढ़ोतरी ने खासकर ग़रीब और रोज़ाना कमाने-खाने वाले लोगों की कमर तोड़ दी है। जिस जगह को “आज़ाद” बताकर पेश किया जाता है, वहीं के बाशिंदे आज अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए जद्दोजहद करते नज़र आ रहे हैं। मौजूदा हालात यह इशारा करते हैं कि आर्थिक मोर्चे पर कुप्रबंधन ने आम अवाम की मुश्किलों को और गहरा कर दिया है। ईंधन के दाम बढ़ने के …
सरहद पार से एक बार फिर ऐसी ख़बर सामने आई है जो इंसानियत के लिए गहरी फिक्र का सबब बन रही है। पाकिस्तान में कुछ मदरसों के अंदर नन्हे बच्चों को तालीम के नाम पर ऐसी सोच दी जा रही है, जो उनके मासूम ज़ेहन को नफ़रत और हिंसा की तरफ मोड़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिस दार नाम का एक कमांडर इन बच्चों को शुरुआती उम्र से ही भारत के खिलाफ ज़हरीली तालीम देता हुआ सामने आया है, जहाँ किताबों और इल्म की जगह जज़्बाती नारों और जिहादी सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह कोई इक्का-दुक्का वाक़िया नहीं, बल्कि एक बड़ी और मुनज़्ज़म रणनीति का हिस…
मुज़फ़्फ़राबाद से लेकर गिलगित-बाल्टिस्तान तक, जिस इलाक़े को पाकिस्तान “आज़ाद” कहता है, वही नाम अब सवालों के घेरे में आता जा रहा है, साहब। “पीओजेके” का ये लफ़्ज़ बहुतों के लिए सिर्फ़ एक लेबल बनकर रह गया है—एक ऐसा पर्दा, जिसके पीछे असली हालात छुपाए जाते हैं। ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही बयान करती है। यहां के दरिया, पहाड़ और खनिज दौलत का इस्तेमाल तो ज़ोर-शोर से हो रहा है, मगर स्थानीय अवाम को उसका ना मुनासिब हिस्सा मिलता है, ना ही अपने मुस्तक़बिल के बारे में खुलकर बोलने का हक़। ज़मीनों के मसले, रोज़गार की कमी और बुनियादी सहूलतों की कमी—ये सब मिलकर उस…
दुबई/अबू धाबी से आई ये ख़बर बड़ी तकलीफ़देह है, साहब। यूएई से हज़ारों की तादाद में पाकिस्तानी शिया बिरादरी के लोगों को जबरन मुल्क से बाहर निकाला गया। सिर्फ़ डिपोर्ट ही नहीं किया गया, बल्कि उनके बैंक अकाउंट्स, जमा पूंजी और सालों की मेहनत से बनाए गए तमाम असासे भी जब्त कर लिए गए। बताया जा रहा है कि ये क़दम सियासी और फिरकापरस्ती (sectarian) तनाव के चलते उठाया गया है, जहां शिया कम्युनिटी को निशाना बनाया गया। जिन लोगों ने बरसों यूएई में मेहनत-मज़दूरी करके अपनी ज़िंदगी संवरी थी, आज वो सब कुछ गंवाकर खाली हाथ पाकिस्तान लौटने पर मजबूर हैं। वापसी पर हाल…
कश्मीर, जिसे अक्सर “धरती का स्वर्ग” कहा जाता है, अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अपार आर्थिक संभावनाओं के लिए जाना जाता है। भारत के उत्तरी छोर पर स्थित यह क्षेत्र लंबे समय से अपनी आकर्षक वादियों, जीवंत परंपराओं और दृढ़ संकल्प वाली आबादी के लिए प्रसिद्ध रहा है। हाल के वर्षों में कश्मीर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो एक उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही है। यह लेख इस विकास के प्रमुख कारणों, सामने आने वाली चुनौतियों और क्षेत्र की पूरी क्षमता को उजागर करने में विभिन्न हितधारकों की भूमिक…
रणजी के पूर्व कप्तान समीउल्लाह बेग प्रशिक्षण का नेतृत्व कर रहे हैं। श्रीनगर : 2 मई 2026 जेफायर क्रिकेट अकादमी ने शुक्रवार को श्रीनगर के हरिनामबल क्रिकेट ग्राउंड में तीन दिवसीय निःशुल्क क्रिकेट कोचिंग शिविर का शुभारंभ किया, जो 4 मई, 2026 तक चलेगा। इस शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के सैकड़ों महत्वाकांक्षी क्रिकेटरों ने भाग लिया है, जो इस क्षेत्र में खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है। एक बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य युवा क्रिकेटरों को संरचित प्रशिक्षण और पेशेवर मार्गदर्शन प्रदान करना है, जिसमें बल्लेबाजी, गेंदबाजी, फील्डिंग और समग्र म…
कश्मीर की खूबसूरत वादियों में, जहाँ बुलंद पहाड़, पेचीदा रास्ते और ख़तरनाक ब्लाइंड टर्न्स अक्सर सफ़र को मुश्किल और हादसों को आम बना देते हैं, वहीं बांदीपोरा की एक होनहार बेटी ने अपनी ज़ेहानत, इल्मी सोच और इंसानी हमदर्दी से उम्मीद की एक नई शम्मा रौशन की है। आर्मी गुडविल स्कूल (AGS) बांदीपोरा की फ़ख्र फ़िज़ा फ़ैयाज़ ने न सिर्फ़ अपने स्कूल और पूरे इलाके का सर फ़ख्र से बुलंद किया है, बल्कि इंटरनेशनल स्टार किड्स अवॉर्ड्स में 23 से ज़्यादा ममालिक और 100 से अधिक तलबा के दरमियान अपनी शानदार कामयाबी दर्ज कराकर कश्मीर को आलमी सतह पर नई पहचान भी दी है। ये…

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