पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) कार्यक्रम के तहत कई अहम फैसले लिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 के बजट में बिजली क्षेत्र के लिए 830 अरब रुपये की सब्सिडी सीमा तय की गई है, जबकि 15 जनवरी 2027 से बिजली टैरिफ बढ़ाने की शर्त भी स्वीकार की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस सब्सिडी में करीब 300 अरब रुपये बिजली चोरी, वसूली में कमी (poor recovery) और अन्य अक्षमताओं को कवर करने के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा टैरिफ अंतर, पूर्व FATA क्षेत्र, कृषि ट्यूबवेल्स और सर्कुलर डेब्ट की अदायगी …
पाकिस्तान एक बार फिर बढ़ते कर्ज़ और आर्थिक दबाव के कारण चर्चा में है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से निर्धारित समयसीमा के भीतर लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज़ लौटाने को कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से बाहरी वित्तीय सहायता पर निर्भर रही है। बार-बार कर्ज़ लेना और फिर उसके भुगतान का दबाव देश की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर रहा है। इससे न केवल वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि विकास कार्यों की प्राथमिकताएँ भी प्रभावित हो रही हैं। आर्थिक जानकारों के अनुसार,…
कश्मीर से जुड़े मुद्दों के बीच अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) से आने वाली कुछ आवाज़ें नई बहस को जन्म दे रही हैं। हाल ही में सामने आए इनपुट्स में यह संकेत मिलता है कि वहाँ के कुछ लोग मौजूदा हालात पर सवाल उठा रहे हैं और अपने भविष्य को लेकर अलग सोच रखते हैं। मिल रही जानकारी के मुताबिक, पीओजेके से उभरती ये आवाज़ें वहाँ की गवर्नेंस, आर्थिक हालात और बुनियादी हक़ों की कमी जैसे मुद्दों को उजागर करती हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि बेहतर विकास और स्थिर व्यवस्था की चाहत उन्हें दूसरे विकल्पों की ओर सोचने पर मजबूर कर रही है। हालाँकि, ज़मीनी सच्…
बालाकोट के पास हिजबुल मुजाहिदीन के एक ट्रेनिंग सेंटर के फिर से शुरू होने की खबरों ने इस इलाके में बदलती सुरक्षा स्थिति की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है। हालाँकि, ऐसे दावों की अभी पुष्टि होनी बाकी है और ये अक्सर खुफिया जानकारी, मीडिया रिपोर्टों और रणनीतिक संकेतों के मेल से सामने आते हैं, लेकिन इसका व्यापक मतलब साफ है: दक्षिण एशिया में उग्रवादी नेटवर्क, अपनी ताकत में कमी आने के बाद भी, खुद को ढालने, फिर से संगठित होने और अपनी मौजूदगी फिर से दर्ज कराने की क्षमता रखते हैं। बालाकोट के पास फिर से संगठित होने की गतिविधियों के संकेत यह वह जगह है जो प…
दशकों से, कश्मीर संघर्ष को अलग-अलग नज़रियों—राजनीतिक, वैचारिक और धार्मिक—से दिखाया जाता रहा है। इन नज़रियों में सबसे मज़बूत रहा है "जिहाद" का विचार, जिसे अक्सर न्याय के लिए एक पवित्र संघर्ष के तौर पर पेश किया जाता है। लेकिन, इस बयानबाज़ी के पीछे एक कहीं ज़्यादा काला और बेहद परेशान करने वाला सच छिपा है—एक ऐसा सच जो अब पाकिस्तान के अपने ही धार्मिक हलकों से भी सामने आने लगा है। पाकिस्तानी मौलवी मुफ़्ती सईद खान के हालिया बयान ने लंबे समय से चली आ रही धारणाओं को हिलाकर रख दिया है। एक दुर्लभ और चौंकाने वाले खुलासे में, उन्होंने आरोप लगाया …
पाकिस्तान के एक तजज़ियाकार के हालिया बयान ने मुल्क की दहशतगर्दी पर पॉलिसी की असल सूरत सबके सामने ला दी है। उसने साफ़ अल्फ़ाज़ में कहा कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में “दहशतगर्दी” के नाम पर कार्रवाई करता है, मगर जब भारत अपने ऊपर होने वाले हमलों का जवाब देता है, तो पाकिस्तान रोना-धोना शुरू कर देता है। तजज़ियाकार ने यह भी इकरार किया कि 2016 में हुए Uri Surgical Strike के बाद हिंदुस्तान का रुख़ और सख़्त हो गया, जो आगे चलकर Balakot Airstrike जैसी कार्रवाइयों तक जा पहुँचा। यह इकरारनामा इस बात की दलील है कि पाकिस्तान के अंदर भी अब सच्चाई को छुपाना मुश्…
पाकिस्तान एक बार फिर अपने पुराने हथकंडों के साथ सुर्खियों में है। ताज़ा इंटेलिजेंस इनपुट्स के मुताबिक, Inter-Services Intelligence (ISI) ने Pakistan Army X Corps और Inter-Services Public Relations (ISPR) के साथ मिलकर एक मुंज़्ज़म “फॉल्स फ्लैग” नैरेटिव तैयार किया है, जिसका निशाना भारत को बनाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में इस नैरेटिव को बाकायदा प्लानिंग के तहत फैलाया गया है। इसमें यह दावा किया जा रहा है कि भारत में किसी दहशतगर्द हमले की साजिश हो सकती है, और उसे पहले ही “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” का नाम देकर पाकिस्तान अपनी जिम्मे…
पाकिस्तान एक बार फिर विवादित बयानों की वजह से सुर्खियों में आ गया है। Rana Mohammad Ashfaq नामी शख्स, जिसे Lashkar-e-Taiba से जुड़ा बताया जा रहा है, ने ऐसा बयान दिया है जिसने आलमी सतह पर बेचैनी पैदा कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राना मोहम्मद अशफाक ने दावा किया कि अगर United States ईरान पर हमला करता है, यहां तक कि अगर एटमी हमला भी होता है, तो पाकिस्तान अमेरिका को “मुनासिब जवाब” देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान “कुफ़्फ़ार” के खिलाफ खड़ा होगा—जिसे लेकर सख्त प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान…
पाकिस्तान एक बार फिर दहशतगर्दी को लेकर सख्त सवालों के घेरे में आ गया है। कराची में चल रहे एक तथाकथित “वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर” को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहां दावा किया जा रहा है कि यह मरकज़ असल में दहशतगर्दी की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेंटर Nadeem नामी शख्स से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर अमरीका पहले ही पाबंदी लगा चुका है और जिसका ताल्लुक Lashkar-e-Taiba से जोड़ा जाता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस इदारे को पाकिस्तान हुकूमत की मंजूरी हासिल होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है क…
पाकिस्तान एक बार फिर अपने ही बयानों में उलझता नज़र आ रहा है। Pakistan’s Ambassador to the United States ने यह कबूल किया है कि मुल्क में हालात बेहद संगीन हैं और औसतन हर रोज़ तीन दहशतगर्द हमले हो रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान को दुनिया में दहशतगर्दी का सबसे बड़ा शिकार करार दिया। मगर इस बयान के बाद आलमी सतह पर एक नई बहस छिड़ गई है—क्या पाकिस्तान वाकई सिर्फ शिकार है, या फिर खुद दहशतगर्दी का मरकज़ भी रहा है? तजज़िया निगारों का कहना है कि बरसों से पाकिस्तान पर दहशतगर्द तंजीमों को पनाह देने और उन्हें इस्तेमाल करने के इल्ज़ाम लगते रहे हैं। ऐसे में मौज…

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