कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों में यहाँ की तहज़ीब, रिवायतों और आपसी भाईचारे की एक अलग ही पहचान रही है। इसी विरासत को ज़िंदा रखने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने की एक ख़ूबसूरत कोशिश के तहत बारामूला ज़िले के बोनियार में ‘रूह-ए-कश्मीर 2.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, नौजवानों और विभिन्न प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कलात्मक अभिव्यक्तियों और युवाओं की उपलब्धियों ने इस आयोजन को ख़ास बना दिया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह पैग़ाम दिया कि कश्मीर की असली पहचान उसकी ख़ूबसूरत वादियों के सा…
कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से मेहनत, हौसले और काबिलियत की मिसाल रही है। यहाँ के नौजवानों ने अपनी लगन और इल्म के दम पर अलग-अलग मैदानों में कामयाबी हासिल करके दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। इसी सिलसिले में उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले के उड़ी क्षेत्र के नमला गाँव से ताल्लुक रखने वाले डॉ. राजा सुहैल इकबाल खान ने एक अहम कामयाबी हासिल की है। उन्हें वर्ष 2026 में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (एसीसी) का फेलो चुना गया है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार और गाँव, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए फख्र और खुशी का पैगाम लेकर आई है। डॉ. राजा सुहैल इकबाल…
कश्मीर की सरज़मीन ने एक बार फिर अपनी मेहनत, इल्म और हुनर का परचम पूरे मुल्क में बुलंद किया है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर (SKUAST-K) के वैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. ज़हूर अहमद डार को मक्का अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित डॉ. एस.के. वासल पुरस्कार फॉर एक्सीलेंस इन मक्का रिसर्च के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ कश्मीर के वैज्ञानिक समुदाय के लिए फख्र की बात है, बल्कि उन तमाम नौजवानों के लिए भी एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो अपने इल्म, मेहनत और लगन से देश की तरक्की में हिस्सा लेना चाहत…
जम्मू-कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से बहादुरी, मेहनत और हौसले की मिसाल रही है। यहाँ के नौजवानों में अपने मुस्तकबिल को बेहतर बनाने और देश की ख़िदमत करने का जज़्बा मौजूद है। इसी सिलसिले में कुपवाड़ा के नौजवानों के लिए भारतीय सेना में भर्ती होकर अपना करियर बनाने का एक अहम अवसर सामने आया है। भारतीय सेना की 160 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी), जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स की ओर से 9 दिसंबर से 15 दिसंबर 2026 तक पनज़गाम, क्रालपोरा, जिला कुपवाड़ा में सैनिक (जनरल ड्यूटी) पदों के लिए भर्ती रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भ…
कश्मीर की वादी हमेशा से आपसी भाईचारे, इंसानियत और मुश्किल वक़्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की रिवायत के लिए जानी जाती है। यहाँ के लोगों का हौसला और एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत हर मुश्किल घड़ी में एक नई मिसाल कायम करती है। इसी जज़्बे की एक तस्वीर कुपवाड़ा ज़िले के बनपोरा, लाच मावर इलाके में देखने को मिली, जहाँ भीषण आग लगने की घटना के दौरान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर हालात पर काबू पाया और आग को फैलने से रोककर एक बड़े नुकसान को टालने में अहम किरदार अदा किया। जानकारी के मुताबिक, बनपोरा इलाके में लगी …
कश्मीर की वादी अपनी खूबसूरती, मेहमाननवाज़ी और इंसानी रिश्तों की मिठास के लिए जानी जाती है। यहाँ की हवा में मोहब्बत की खुशबू है, यहाँ के पहाड़ सब्र का पैगाम देते हैं और यहाँ की झीलें हमें मिल-जुलकर रहने का सबक सिखाती हैं। इसी खूबसूरत पहचान को श्रीनगर में 20 अक्टूबर 2026 को मनाए गए दशहरे ने एक बार फिर सामने लाने का अवसर दिया। शेर-ए-कश्मीर मैदान में रावण और अन्य पुतलों को रंग-बिरंगे अंदाज़ में तैयार करके जलाया गया। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के लोग, परिवार और सुरक्षा कर्मी शामिल हुए। इस आयोजन की ए…
कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से अपने हौसले, मेहनत, हुनर और बुलंद इरादों के लिए जानी जाती रही है। यहाँ के नौजवानों में आगे बढ़ने और अपनी काबिलियत साबित करने का जज़्बा किसी से कम नहीं है। इसी जज़्बे की एक शानदार मिसाल बांदीपोरा के फ़ुरकान फ़याज़ ने पेश की है, जिन्होंने 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में वुशु प्रतियोगिता के अंडर-17 बालक वर्ग के 70 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपने ज़िले और जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। उनकी यह कामयाबी न केवल उनके परिवार और इलाके के लिए फ़ख्र का मौक़ा है, बल्कि पूरी कश्मीर घाटी के उन नौजवानों के लिए भी एक प…
इस्लामाबाद/पेशावर, 20 अक्टूबर 2026: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में सुरक्षा हालात, राजनीतिक तनाव और सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा के बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सैनिकों के कथित तौर पर बड़ी तादाद में आत्मसमर्पण करने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में प्रसारित एक वीडियो की पड़ताल में उसे मौजूदा घटना से जोड़ने पर गंभीर सवाल उठे हैं। उपलब्ध फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो को वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में हुई घटनाओं से संबंधित बताया गया है, न कि खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सेना के हालिया आत्मसमर्पण से। ल…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान ने सरकारी अधिकारियों के विदेश में स्थायी निवास हासिल करने की कथित कोशिशों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के कई अधिकारी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप के दूसरे देशों में स्थायी रूप से बसने के विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने विदेश में निवास से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के लिए एक बिचौलिए को पैसे दिए, लेकिन वह कथित तौर पर रकम लेकर फरार हो गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए फिलहाल कोई सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं…
कुपवाड़ा, 19 अक्टूबर 2026। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में एलओसी के करीब बसे जबरी गांव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक अहम पहल की गई। रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन ने भारतीय सेना और लीलावती अस्पताल के सहयोग से गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया, जिसमें बच्चों, महिलाओं समेत कुल 180 लोगों ने अपनी सेहत की जांच करवाई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह हासिल की। दूरदराज और सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इस तरह की पहल इसलिए भी अहम है, क्योंकि कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों से मशविरा लेने के लिए उन…

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