पहलगाम: जम्मू-कश्मीर में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहलगाम के विधायक अल्ताफ अहमद वानी ने बैसरन मीडो तक 4 किलोमीटर लंबी मोटर योग्य सड़क परियोजना का नींव पत्थर रखा। बैसरन को उसकी प्राकृतिक खूबसूरती और हरे-भरे पहाड़ी मैदानों के कारण लोकप्रिय रूप से ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की अनुमानित लागत 6.09 करोड़ रुपये है और इसे NABARD के तहत मंजूरी दी गई है। इस सड़क के निर्माण से बैसरन मीडो तक पर्यटकों की आवाजाही पहले के मुकाबले आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। वर्तमान में यह क्षेत्र …
बडगाम: कश्मीर के गांवों में छिपी प्रतिभा और practical innovation की एक नई मिसाल सामने आई है। बडगाम जिले के बीरवाह इलाके के वानिहामा निवासी अबिद हुसैन वानी ने ऐसे मरीजों की मुश्किल को ध्यान में रखते हुए एक “Multipurpose Bed for Bedridden Patients” तैयार किया है, जो लंबे समय से बिस्तर पर रहने वाले और गंभीर मरीजों की देखभाल को आसान बनाने के मकसद से डिजाइन किया गया है। इस innovation की खासियत यह है कि इसमें inbuilt toilet, trolley और attendant के लिए अलग space जैसी सुविधाओं को एक ही bed design में शामिल किया गया है। आम तौर पर गंभीर या bedridden …
कश्मीर के दूरदराज़ और सीमावर्ती इलाकों से निकलकर बड़े मुकाम हासिल करने वाले नौजवानों की कामयाबी इस बात का सबूत है कि प्रतिभा किसी इलाके की मोहताज नहीं होती। कुपवाड़ा के दूरदराज़ सीमावर्ती गांव अलूसा क्रालपोरा के रहने वाले और हाजीपीर एजीएस त्रेहगाम के पूर्व छात्र सुहैल अहमद खोजा ने जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (JKPSC) की चयन प्रक्रिया में कामयाबी हासिल कर प्लानिंग, डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट डायरेक्टर (इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स) का पद हासिल किया है। सुहैल की यह कामयाबी उनके परिवार और गांव के लिए फख्र का मौका होने के सा…
जम्मू और कश्मीर हिंदुस्तान के सबसे पेचीदा सुरक्षा माहौल वाले इलाक़ों में से एक है। यह इलाक़ा सरहद पार आतंकवाद, प्रॉक्सी जंग, कट्टरपंथ, मुश्किल पहाड़ी इलाक़ों, कुदरती आफ़तों और सामाजिक व मआशी चुनौतियों से प्रभावित रहा है। पिछले तीन दशकों के तजुर्बे से यह बात सामने आई है कि मुकम्मल और पायदार अमन सिर्फ़ फ़ौजी कार्रवाई से हासिल नहीं किया जा सकता। सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ अवाम का भरोसा, जवाबदेह हुकूमत, तरक़्क़ी और स्थानीय लोगों के साथ सार्थक ताल्लुक़ भी ज़रूरी है। इसी सिलसिले में नागरिक-सैन्य सहयोग (Civil-Military Cooperation) एक अहम ताक़त के त…
श्रीनगर: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अब विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय की आवाज भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में Overseas Friends of the Awami Action Committee ने अगस्त में यूरोप के दो प्रमुख शहरों में एकजुटता कार्यक्रमों का ऐलान किया है। आयोजकों के मुताबिक, पहला विरोध प्रदर्शन 21 अगस्त 2026 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र से जुड़े स्थल के बाहर किया जाएगा, जबकि 30 अगस्त को इटली के ट्यूरिन (Torino) में Peaceful Solidarity March निकाला जाएगा…
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के सरहदी केरन सेक्टर में इस बार स्वतंत्रता दिवस का जश्न एक ऐसी तस्वीर लेकर आया, जिसने लंबे समय से संवेदनशील रहे LoC इलाके की बदलती फिजा को सामने रखा। 15 अगस्त की आधी रात को जीरो लाइन के करीब स्थानीय लोगों ने आतिशबाजी कर 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने “PoK बनेगा हिंदुस्तान” और “Indian Army Zindabad” जैसे नारे लगाए। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आजादी के बाद पहली बार केरन में LoC के इतने करीब इस तरह का आधी रात का आतिशबाजी कार्यक्रम देखने को मिला। क…
सीमावर्ती इलाका उरी सिर्फ अपनी रणनीतिक अहमियत और खूबसूरत पहाड़ी वादियों के लिए ही मशहूर नहीं, बल्कि यहां के नौजवानों में समाज के लिए कुछ करने का जज़्बा भी लगातार सामने आ रहा है। इसी कड़ी में मेहक खुर्शीद, जिन्हें प्यार से “उरी की बेटी” के नाम से जाना जाता है, को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनके सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। 15 अगस्त को आयोजित सम्मान समारोह में मेहक खुर्शीद को समाज, युवाओं और महिलाओं के लिए किए जा रहे उनके समर्पित कार्यों की सराहना करते हुए सम्मान दिया गया। यह सम्मान उन्हें कैबिनेट मंत्री जावेद डार के हाथों प्रदान …
अगस्त की शुरुआत के साथ ही कश्मीर की फ़िज़ाओं में एक ख़ामोश लेकिन महसूस की जा सकने वाली तब्दीली नज़र आने लगी है। श्रीनगर के बाज़ार धीरे-धीरे तिरंगे के रंगों से सज रहे हैं, स्कूलों में बच्चे देशभक्ति के तराने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं और स्वतंत्रता दिवस के सिलसिले में होने वाली तैयारियाँ पूरी वादी में एक ख़ास रौनक पैदा कर रही हैं। 15 अगस्त के आने में अभी वक़्त है, लेकिन उसके जज़्बे की आहट लोगों के दिलों तक पहुँचने लगी है। शायद इस एहसास की सबसे ख़ूबसूरत तस्वीर श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक में दिखाई देती है। इस अहम चौराहे पर शा…
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर श्रीनगर के मशहूर लाल चौक स्थित घंटाघर (घंटा घर) पर देशभक्ति और खुशी का ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसने कश्मीर की बदलती तस्वीर को एक बार फिर सामने रखा। आजादी के जश्न में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी तादाद में पहुंचे पर्यटकों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। तिरंगे की मौजूदगी, लोगों के चेहरों पर मुस्कान और जश्न में शामिल होते स्थानीय नागरिकों ने लाल चौक को एक खुशनुमा रंग दे दिया। घंटाघर पर पहुंचे कई पर्यटकों के लिए यह अनुभव खास रहा। खासकर पहली बार कश्मीर आए लोगों ने यहां स्वतंत्रता दिवस का जश्न देखकर खुशी जाहिर की। …
श्रीनगर: कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले प्रख्यात कानूनविद् प्रो. (डॉ.) वासिक अब्बास डार ने अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर एक और अहम मुकाम हासिल किया है। उन्हें लंदन स्थित सेंटर फॉर ट्रांसनेशनल लीगल स्टडीज (CTLS) में शरद ऋतु 2026 सत्र के लिए अतिथि संकाय सदस्य के तौर पर चुना गया है। CTLS, जॉर्जटाउन लॉ से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय कानूनी अध्ययन केंद्र है और लंदन में इसका शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित होता है। CTLS की आधिकारिक संकाय सूची में डॉ. डार का नाम 2026 के शरद सत्र के संकाय सदस्य के तौर पर दर्ज है। यह नियुक्ति इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि…

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