बडगाम ज़िले के बीरवाह इलाक़े में नौजवानों को नशे जैसी लानत से दूर रखने और सेहतमंद ज़िंदगी की तरफ़ रागिब करने के मक़सद से इंडियन आर्मी ने “नशा मुक्त J&K अभियान” के तहत एक ख़ास साइक्लिंग एक्सपीडिशन का इन्तिज़ाम किया। ये प्रोग्राम सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के तआवुन से मुनअक़िद किया गया, जिसमें तलबा, सोशल एक्टिविस्ट, मीडिया नुमाइंदे, मुक़ामी लोग और मुख़्तलिफ़ महकमों के अफ़सरों ने बड़े जोश-ओ-ख़रोश के साथ हिस्सा लिया। इस पूरे प्रोग्राम ने आर्मी और अवाम के दरमियान एक ड्रग-फ्री और तरक़्क़ीपसंद जम्मू-कश्मीर बनाने के अज़्म को मज़बूत किया। आज के दौर में न…
जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत सैरगाह इलाक़े दूधपतरी में अब सियाहत के एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉरपोरेशन की जानिब से इलाके की पहली ड्रैग लिफ्ट का आग़ाज़ किया गया है, जिससे अब दूधपतरी को विंटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज़्म के एक बड़े मरकज़ के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से ना सिर्फ़ टूरिस्ट्स को बेहतर सहूलियत मिलेगी बल्कि स्थानीय नौजवानों के लिए रोज़गार और कारोबार के नए रास्ते भी खुलेंगे। दूधपतरी, जिसे अक्सर “मिनी गुलमर्ग” भी कहा जाता है, अपनी बर्फ़ से ढकी वादियों, हरियाली और ख़ूबसूरत नज़ारों की वजह से पहले ही लोगों…
कश्मीर की वादियों से एक बार फिर ऐसी ख़बर सामने आई है जिसने पूरे मुल्क में फ़ख्र और उम्मीद की नई किरण पैदा कर दी है। बांदीपोरा और कुपवाड़ा के करीब 150 नौजवान भारतीय टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए हैं। इन नौजवानों ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर का युवा अब तरक़्क़ी, अमन और मुल्क की ख़िदमत की राह पर आगे बढ़ रहा है। भर्ती के दौरान जब ये नौजवान यूनिफॉर्म पहनकर अपने घरों से रवाना हुए तो उनके वालिदैन, रिश्तेदार और गांव के लोग जज़्बाती मंज़र में उन्हें दुआओं और गर्व के साथ विदा करते दिखाई दिए। कई मांओं की आंखों में आंसू थे, मगर उन आंसुओं में डर नहीं बल…
पाकिस्तान की मआशी हालत एक बार फिर संगीन बहस का मौज़ू बन गई है। मुल्क की बड़ी आर्थिक पहल मानी जाने वाली “स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल” यानी SIFC पिछले करीब 16 महीनों से लगभग गैर-फ़आल बताई जा रही है। जनवरी 2025 के बाद से इस अहम काउंसिल की कोई बड़ी बैठक ना होने की खबरों ने पाकिस्तान की आर्थिक प्लानिंग और हुकूमती इंतज़ामिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मआशी माहिरीन का कहना है कि SIFC को बड़े विदेशी निवेश लाने, खाड़ी मुल्कों और दूसरे इंटरनेशनल पार्टनर्स के साथ कारोबारी रिश्ते मज़बूत करने और पाकिस्तान की डूबती इकॉनमी को सहारा देने के लिए ब…
पाकिस्तान की सियासी फिज़ा में एक बार फिर ज़बरदस्त हलचल पैदा हो गई है। मुल्क के मौजूदा और पूर्व हुक्मरानों के दरमियान चल रही तनातनी के बीच पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) के अहम रहनुमा मौलाना फ़ज़लुर रहमान के कथित बयान ने नई बहस छेड़ दी है। इस बयान में दावा किया गया कि पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ जनरल क़मर जावेद बाजवा ने खुद इमरान खान की हुकूमत गिराने के लिए “नो-कॉन्फिडेंस मोशन” यानी अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में अहम किरदार निभाया था। इस इज़हार के बाद पाकिस्तान में एक बार फिर वही सवाल गूंजने लगा है कि क्या मुल्क की सियासत वाकई अवामी…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की फौजी क़ियादत एक बार फिर सोशल मीडिया पर सख़्त तनक़ीद और इल्ज़ामात के घेरे में आ गई है। हालिया वायरल पोस्ट्स में मौजूदा और पूर्व पाक आर्मी चीफ़्स की तुलना इतिहास के मशहूर “गद्दार” किरदारों मीर जाफर और मीर सादिक़ से की जा रही है। इन पोस्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान की आला मिलिट्री क़ियादत ने मुल्क के अवाम और रियासती इदारों के भरोसे को लगातार नुक़सान पहुंचाया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही इस मुहिम में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के ताक़तवर हलकों के अंदर भ्रष्टाचार, सियासी दख़लअंदाज़ी और अंदरूनी बेवफाई ने …
कर्नाह के लिए ये एक बेहद फ़ख्र और खुशी का लम्हा है कि कंवर नहीम खालिद बधाना ने तहसील कर्नाह के पहले पायलट बनकर तारीख़ रच दी है। उनकी इस बड़ी कामयाबी से पूरा इलाक़ा खुशियों से भर गया है और नौजवानों में एक नई उम्मीद पैदा हुई है। सरहदी और दूर-दराज़ इलाक़ा होने के बावजूद कर्नाह के लोगों ने हमेशा मेहनत, हिम्मत और जज़्बे का परिचय दिया है। अब कंवर नहीम की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मज़बूत हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। घाटियों से निकलकर आसमान तक का उनका ये सफर हर नौजवान के लिए प्रेरणा बन गया है। पायलट बनना कोई आसान काम नहीं हो…
श्रीनगर : कश्मीर में आतंकवाद और अशांति के दौर से जुड़ी कई कहानियाँ आज भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा हैं। उन्हीं में से एक नाम “इख़वान” का भी है, जिसने 1990 के दशक में घाटी की सियासत, सुरक्षा हालात और सामाजिक माहौल पर गहरा असर छोड़ा। आज भी इख़वान की विरासत को लेकर वादी में राय बंटी हुई दिखाई देती है। कुछ लोग इसे आतंकवाद के ख़िलाफ़ स्थानीय प्रतिरोध की अहम ताक़त मानते हैं, जबकि कई लोग इसे बेहद विवादित और दर्दनाक दौर से जोड़कर देखते हैं। इख़वान एक प्रॉ-गवर्नमेंट लोकल मिलिशिया ग्रुप था, जो उस दौर में सक्रिय हुआ जब कश्मीर आतंकवाद और हिंसा की आग में …
श्रीनगर : कश्मीर में बढ़ते नशे के कारोबार के ख़िलाफ़ जारी सख़्त मुहिम के तहत श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात ड्रग तस्करों की लगभग 6 करोड़ रुपये मालियत की संपत्तियों को अटैच किया है। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत “नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान” के अंतर्गत की गई, जिसका मक़सद वादी में नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और नौजवानों को इस ज़हर से बचाना है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ अटैच की गई संपत्तियों में कई गैर-चल संपत्तियाँ और एक वाहन शामिल है, जिन्हें कथित तौर पर नारकोटिक्स तस्करी से कमाए गए पैसों से हासिल किया गया था। कार…
कश्मीर में खेलों के बढ़ते जुनून और नौजवानों की उभरती प्रतिभा को नई पहचान देने की दिशा में एक अहम क़दम उठाते हुए इंडियन सुपर लीग (ISL) क्लब Northeast United FC ने श्रीनगर में ओपन फुटबॉल ट्रायल्स आयोजित करने का ऐलान किया है। जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के सहयोग से होने वाले ये ट्रायल्स वादी के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को सीधे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत दिखाने का सुनहरा मौक़ा देंगे। इस पहल को कश्मीर में खेल संस्कृति को मज़बूत करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। ट्रायल्स के ज़रिए स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोफे…

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