जम्मू-कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से बहादुरी, मेहनत और हौसले की मिसाल रही है। यहाँ के नौजवानों में अपने मुस्तकबिल को बेहतर बनाने और देश की ख़िदमत करने का जज़्बा मौजूद है। इसी सिलसिले में कुपवाड़ा के नौजवानों के लिए भारतीय सेना में भर्ती होकर अपना करियर बनाने का एक अहम अवसर सामने आया है। भारतीय सेना की 160 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी), जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स की ओर से 9 दिसंबर से 15 दिसंबर 2026 तक पनज़गाम, क्रालपोरा, जिला कुपवाड़ा में सैनिक (जनरल ड्यूटी) पदों के लिए भर्ती रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस भ…
कश्मीर की वादी हमेशा से आपसी भाईचारे, इंसानियत और मुश्किल वक़्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की रिवायत के लिए जानी जाती है। यहाँ के लोगों का हौसला और एक-दूसरे के प्रति मोहब्बत हर मुश्किल घड़ी में एक नई मिसाल कायम करती है। इसी जज़्बे की एक तस्वीर कुपवाड़ा ज़िले के बनपोरा, लाच मावर इलाके में देखने को मिली, जहाँ भीषण आग लगने की घटना के दौरान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर हालात पर काबू पाया और आग को फैलने से रोककर एक बड़े नुकसान को टालने में अहम किरदार अदा किया। जानकारी के मुताबिक, बनपोरा इलाके में लगी …
कश्मीर की वादी अपनी खूबसूरती, मेहमाननवाज़ी और इंसानी रिश्तों की मिठास के लिए जानी जाती है। यहाँ की हवा में मोहब्बत की खुशबू है, यहाँ के पहाड़ सब्र का पैगाम देते हैं और यहाँ की झीलें हमें मिल-जुलकर रहने का सबक सिखाती हैं। इसी खूबसूरत पहचान को श्रीनगर में 20 अक्टूबर 2026 को मनाए गए दशहरे ने एक बार फिर सामने लाने का अवसर दिया। शेर-ए-कश्मीर मैदान में रावण और अन्य पुतलों को रंग-बिरंगे अंदाज़ में तैयार करके जलाया गया। कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के लोग, परिवार और सुरक्षा कर्मी शामिल हुए। इस आयोजन की ए…
कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से अपने हौसले, मेहनत, हुनर और बुलंद इरादों के लिए जानी जाती रही है। यहाँ के नौजवानों में आगे बढ़ने और अपनी काबिलियत साबित करने का जज़्बा किसी से कम नहीं है। इसी जज़्बे की एक शानदार मिसाल बांदीपोरा के फ़ुरकान फ़याज़ ने पेश की है, जिन्होंने 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में वुशु प्रतियोगिता के अंडर-17 बालक वर्ग के 70 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर अपने ज़िले और जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है। उनकी यह कामयाबी न केवल उनके परिवार और इलाके के लिए फ़ख्र का मौक़ा है, बल्कि पूरी कश्मीर घाटी के उन नौजवानों के लिए भी एक प…
इस्लामाबाद/पेशावर, 20 अक्टूबर 2026: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में सुरक्षा हालात, राजनीतिक तनाव और सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा के बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सैनिकों के कथित तौर पर बड़ी तादाद में आत्मसमर्पण करने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में प्रसारित एक वीडियो की पड़ताल में उसे मौजूदा घटना से जोड़ने पर गंभीर सवाल उठे हैं। उपलब्ध फैक्ट-चेक रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो को वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में हुई घटनाओं से संबंधित बताया गया है, न कि खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सेना के हालिया आत्मसमर्पण से। ल…
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान ने सरकारी अधिकारियों के विदेश में स्थायी निवास हासिल करने की कथित कोशिशों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। उनके मुताबिक, पाकिस्तान के कई अधिकारी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और यूरोप के दूसरे देशों में स्थायी रूप से बसने के विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने विदेश में निवास से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के लिए एक बिचौलिए को पैसे दिए, लेकिन वह कथित तौर पर रकम लेकर फरार हो गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए फिलहाल कोई सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं…
कुपवाड़ा, 19 अक्टूबर 2026। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में एलओसी के करीब बसे जबरी गांव में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक अहम पहल की गई। रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन ने भारतीय सेना और लीलावती अस्पताल के सहयोग से गांव में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया, जिसमें बच्चों, महिलाओं समेत कुल 180 लोगों ने अपनी सेहत की जांच करवाई और विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह हासिल की। दूरदराज और सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इस तरह की पहल इसलिए भी अहम है, क्योंकि कई बार विशेषज्ञ डॉक्टरों से मशविरा लेने के लिए उन…
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में ठंडे पानी में पाई जाने वाली मछली ट्राउट की खेती अब घाटी की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की तरफ आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की तरफ से हिमालयी इलाकों में कोल्डवॉटर फिशरीज यानी ठंडे पानी की मछली पालन व्यवस्था को विकसित करने के लिए ₹2,299 करोड़ से ज्यादा का निवेश किया गया है। इस पहल से जम्मू-कश्मीर के ट्राउट फार्मिंग सेक्टर को भी बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि प्रदेश में ट्राउट का उत्पादन पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है, जो यहां के किसानों, नौजवानों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए र…
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के दूरदराज़ और सरहदी इलाके केरन बाउल में भारतीय सेना ने इंसानियत, सेवा और जनकल्याण की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो लोगों के दिलों में भरोसे और उम्मीद की रोशनी जगाती है। 18 अक्टूबर 2026 को आयोजित मेडिकल कैंप के ज़रिए भारतीय सेना ने सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाईं। इस कैंप का मक़सद उन लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था, जिन्हें दूरदराज़ भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। केरन बाउल और उसके आसपास की 25 दूरदर…
कश्मीर की वादियों में हुनर की कमी कभी नहीं रही। यहाँ की बर्फ़ से ढकी पहाड़ियों, झेलम के किनारों और ख़ूबसूरत वादियों के बीच ऐसे अनेक नौजवान पलते-बढ़ते हैं, जिनकी आँखों में बड़े ख़्वाब और दिलों में कुछ नया कर गुज़रने का जज़्बा होता है। बस ज़रूरत है उस हुनर को सही दिशा देने, मेहनत को अपना साथी बनाने और अपने ख़्वाबों को हक़ीक़त में बदलने की। कश्मीर के एक नौजवान, हम्माद अल्ताफ हाफिज़, ने अपनी मेहनत और नई सोच के ज़रिये यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मज़बूत हों, तो कामयाबी की राह किसी सरहद की मोहताज नहीं होती। कश्मीर विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी के…

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