श्रीनगर: वादी-ए-कश्मीर में नौजवानों के अंदर मुल्की यकजहती, अमन और भाईचारे की रूह को मज़बूत करने के मकसद से आयोजित NCC स्पेशल नेशनल इंटीग्रेशन कैंप (SNIC) इन दिनों एक नई मिसाल कायम कर रहा है। श्रीनगर के बदामी बाग कैंट इलाके में मौजूद सर्व धर्म स्थल में आयोजित ख़ास मज़हबी दुआई मजलिस ने ना सिर्फ़ कौमी एकता का पैग़ाम दिया बल्कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सोच को भी मजबूती बख्शी। इस ख़ास प्रोग्राम में मुल्क के अलग-अलग सूबों से आए NCC कैडेट्स ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। दुआई मजलिस के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दूसरे मज़ाहिब से ताल्लुक रखने …
मुज़फ्फराबाद में हमज़ा बुरहान उर्फ “डॉक्टर” की मौत केवल एक और आतंकी के मारे जाने की घटना नहीं है। यह कश्मीर की उस कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है जिसने दशकों से घाटी को परेशान कर रखा है — पाकिस्तान की आतंकी मशीनरी द्वारा कश्मीरी युवाओं का लगातार शोषण। नारों, प्रचार और भावनात्मक कहानियों के पीछे एक बेहद खतरनाक सच छिपा हुआ है। कई कश्मीरी युवक जिन्हें आतंकवाद की ओर धकेला जाता है, अंततः एक बड़े प्रॉक्सी युद्ध के इस्तेमाल होने वाले मोहरे बनकर रह जाते हैं। उनकी ज़िंदगी झूठे वादों, कट्टरपंथी सोच और मानसिक छलावे में उलझ जाती है, जबकि हिंसा की असली योज…
गिलगित से सामने आई ताज़ा सियासी तस्वीर ने एक बार फिर पाकिस्तान के अंदरूनी हालात और अवाम पर बढ़ते फौजी दबदबे को बेनकाब कर दिया है। गिलगित में आयोजित एक बड़े पीटीआई जलसे में वक्ताओं ने खुलकर पाकिस्तान की मौजूदा सियासी व्यवस्था, फौज की दखलअंदाज़ी और चुनावी निज़ाम पर सवाल उठाए। जलसे में मौजूद लोगों ने कहा कि पाकिस्तान में असली इख्तियार अवाम के पास नहीं बल्कि फौज और उसके समर्थित सियासी ढांचे के हाथों में है। रैली के दौरान कई तकरीरों में “प्रो-अमेरिकी अनासिर” और “फर्ज़ी जम्हूरियत” जैसे अल्फाज़ इस्तेमाल किए गए। वक्ताओं का कहना था कि पाकिस्तान में हर…
दशकों से पाकिस्तान दुनिया को यह यक़ीन दिलाने की कोशिश करता आया है कि वह अपनी सरज़मीन पर मौजूद दहशतगर्दी के ढाँचों को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए संजीदा है। लेकिन हर कुछ साल बाद कोई न कोई ऐसा वाक़िया सामने आ जाता है जो पुरानी शंकाओं को फिर ज़िंदा कर देता है और पूरी दुनिया को एक बार फिर उन असहज सवालों का सामना करने पर मजबूर कर देता है जिनसे पाकिस्तान लंबे समय से बचने की कोशिश करता रहा है। हाल ही में पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का कथित तौर …
मई 2026 में जब प्रिंस रहीम आगा ख़ान पंचम का पाकिस्तान का छह रोज़ा सरकारी दौरा शुरू हुआ, तो पाकिस्तानी हुकूमत फ़ौरन एक बड़े सियासी तमाशे की शक्ल में नज़र आने लगी। आला फौजी अफसरों ने शाही इस्तकबाल किया, सियासी क़ियादत ने बड़े-बड़े प्रोग्राम सजाए और सरकारी मीडिया ने मुल्क भर में ऐसी तस्वीर पेश करनी शुरू की जिसमें पाकिस्तान को एक “बरदाश्त करने वाला”, “मज़हबी हमआहंगी रखने वाला” और “अक़ल्लियतों का एहतराम करने वाला” मुल्क दिखाया गया। इस दौरे को ऐसे पेश किया गया जैसे पाकिस्तान एक मुतवाज़िन इस्लामी रियासत है जो हर फ़िरके और बिरादरी को बराबरी से गले ल…
श्रीनगर: कश्मीर की खूबसूरत वादियों में उस वक़्त एक दिलकश और जज़्बाती मंज़र देखने को मिला जब मुल्क के मुख़्तलिफ़ हिस्सों से आए 1000 से ज़्यादा एनसीसी कैडेट्स ने एकता, भाईचारे और वतनपरस्ती का पैग़ाम लेकर डल झील के किनारे “यूनिटी रन” में हिस्सा लिया। निशात गार्डन से लेकर शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर तक आयोजित इस ख़ास दौड़ ने पूरी फ़िज़ा को जोश, अनुशासन और क़ौमी यकजहती के रंग में रंग दिया। यह कार्यक्रम दो हफ़्तों तक चलने वाले नेशनल इंटीग्रेशन कैंप का अहम हिस्सा था, जिसमें देश के अलग-अलग सूबों से आए नौजवान कैडेट्स ने भाग लेकर “एक भारत, …
पाकिस्तान की फ़ौजी साख पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान दौरे पर गए पाक आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को लेकर सामने आई ताज़ा रिपोर्ट्स ने इस्लामाबाद की उस इमेज को गहरा झटका दिया है, जिसे पाकिस्तानी मिलिट्री बरसों से “रीजनल पावर” और “इस्लामी दुनिया के भरोसेमंद खिलाड़ी” के तौर पर पेश करती रही है। मगर ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही नज़र आ रही है जनाब। पाकिस्तान के एक सियासी कमेंटेटर ने दावा किया है कि 22 मई 2026 को तेहरान पहुँचे जनरल असीम मुनीर को ईरानी हलकों में वो भरोसा हासिल नहीं हुआ जिसकी उम्मीद पाकिस्तानी फौज कर रही थी। अमेरिका-ईरान तनाव क…
पाकिस्तान की सियासी और फौजी क़ियादत एक बार फिर अपने ही अवाम के जज़्बात से कटती हुई नज़र आई है। इस बार मामला विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की बेइज़्ज़ती और उनकी मुश्किलात से जुड़ा है, जिस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। 22-23 मई 2026 को पाकिस्तानी चैनल समा टीवी के प्रोग्राम “मेरे सवाल” में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने संयुक्त अरब अमीरात यानी संयुक्त अरब अमीरात से पाकिस्तानी नागरिकों की डिपोर्टेशन को मामूली बताते हुए ऐसा बयान दिया जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक नाराज़ग…
कश्मीर के बारामूला ज़िले में हिंदुस्तानी सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ ने एक बड़ी और कामयाब कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। यह ऑपरेशन बारामूला के नीलसर कांडी इलाके में अंजाम दिया गया, जहाँ सुरक्षा एजेंसियों को काफी अरसे से दहशतगर्द गतिविधियों की मूवमेंट की ख़ुफ़िया इत्तिला मिल रही थी। इस संयुक्त कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और इंडियन आर्मी ने मिलकर इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान फ़ोर्सेज़ को एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ जिसमें इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज़ (IEDs), गैस…
उत्तर कश्मीर के Kupwara जिले में 23 मई 2026 को देशभक्ति, एकता और सामाजिक जागरूकता का अनोखा संगम देखने को मिला, जब Indian Army ने “तिथवाल दिवस 2026” के अवसर पर विशाल मैराथन का आयोजन किया। यह मैराथन कर्नाह तहसील के चमकोट से शुरू होकर नियंत्रण रेखा के करीब स्थित ऐतिहासिक तिथवाल वॉर मेमोरियल तक निकाली गई, जिसमें 500 से अधिक लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सुबह के ठंडे मौसम और पहाड़ी वादियों के बीच आयोजित इस मैराथन में युवा, छात्र, स्थानीय नागरिक, पूर्व सैनिक और सामाजिक संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के …

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