जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र ज़ांंगली (Zaangli) में भारतीय सेना द्वारा आयोजित पांच दिवसीय चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस शिविर के माध्यम से स्थानीय दिव्यांगजनों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इस मानवीय पहल के अंतर्गत कुल 242 मरीजों का पंजीकरण किया गया तथा जरूरतमंद लोगों को 394 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस अभियान ने दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास सहायता तक पहुंच को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय सेना की य…
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर में सुरक्षा चौकियों पर हुए कथित समन्वित आतंकी हमलों ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने तीन सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। पोस्ट में तीन आतंकियों के मारे जाने और सुरक्षा बलों के किसी भी जवान के हताहत न होने की बात कही गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। ग्वादर रणनीतिक दृष्टि …
कश्मीर में भारतीय सेना ने मानवीय सेवा और जनकल्याण की दिशा में एक और सराहनीय कदम उठाते हुए दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने की पहल की है। भारतीय सेना की चिनार कोर ने भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जिसे जयपुर फुट के नाम से भी जाना जाता है, के सहयोग से 23 अक्टूबर 2026 को कश्मीर के शरीफाबाद क्षेत्र में कृत्रिम अंग लगाने के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की सहायता करना था, जिन्हें शारीरिक अक्षमता के कारण रोजमर्रा की जिंदगी में विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस शिविर में जरूरतमंद लोगों को निःश…
कश्मीर की सरज़मीन हमेशा से हुनर, मेहनत और नई सोच की पहचान रही है। यहां के नौजवानों ने अपनी काबिलियत के दम पर अलग-अलग मैदानों में कामयाबी हासिल करके यह साबित किया है कि अगर इरादे मज़बूत हों और मेहनत में कोई कमी न रखी जाए, तो कामयाबी की राह खुद-ब-खुद खुलने लगती है। इसी सिलसिले में कश्मीर के युवा नवाचारक इनामुल्लाह ने एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। इनामुल्लाह ने अपने अभिनव विचार और रचनात्मक सोच के दम पर प्रतिष्ठित इंस्पायर अवॉर्ड्स में शीर्ष 60 स्थानों में जगह बनाई है। उनकी इस कामयाबी को कश्मीर के विद्यार्थियों की व…
कश्मीर की वादियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहाँ के नौजवान अगर अपने ख्वाबों को मजबूत इरादों, मेहनत और इल्म के साथ जोड़ लें, तो उनके लिए कामयाबी के नए दरवाजे खुल सकते हैं। इसी बात को सच साबित करते हुए बडगाम जिले के लाबरतल गाँव के युवा एयरोस्पेस इंजीनियर सादिक अली मीर ने अपनी काबिलियत से एक नई पहचान कायम की है। सादिक को वर्ष 2026 की पहली ‘नेशनल स्पेस सोसाइटी 30 अंडर 30’ सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर और खासकर कश्मीरी युवाओं के लिए फख्र और प्रेरणा का पैगाम है। सादिक अली मीर की इस कामयाबी के प…
जम्मू-कश्मीर की सरज़मीन पर खेलों की रौनक लगातार बढ़ रही है और इसी कड़ी में गांदरबल के गडूरा स्थित सरकारी शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (GCOPE) में 70वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों की ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आगाज़ हो गया है। 22 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 1,000 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की जानकारी सामने आई है। अंडर-17 वर्ग के खिलाड़ियों के लिए आयोजित यह मुकाबला केवल पदक जीतने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर दिखाने का एक अहम मंच भी है। कश्मीर की वादियाँ अप…
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और अमन-चैन बनाए रखने की दिशा में भारतीय सेना तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बारामूला के डेलिना घाट के पास की गई, जहाँ से एक तुर्किये निर्मित पिस्तौल, गोला-बारूद और दो संदिग्ध इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस कार्रवाई को इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संभावित नेटवर्क पर रोक लगाने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा …
जम्मू-कश्मीर की सरज़मीन पर जब भी किसी इंसान पर मुश्किल की घड़ी आती है, तो एक-दूसरे का हाथ थामना और इंसानियत के जज़्बे के साथ आगे बढ़ना यहाँ की खूबसूरत रवायत रही है। इसी जज़्बे की एक मिसाल दक्षिण कश्मीर के पुलवामा ज़िले के लाजूरा इलाके में देखने को मिली, जहाँ एक रिहायशी मकान में लगी भीषण आग के दौरान भारतीय सेना के जवानों ने अग्निशमन कर्मियों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिशों में हिस्सा लिया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आपदा के समय मिल-जुलकर काम करना कितना ज़रूरी है और समय पर मिलने वाली मदद प्रभावित परिवार के लिए कितनी अ…
जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादी में भारतीय सेना सिर्फ़ देश की सरहदों की हिफ़ाज़त ही नहीं करती, बल्कि मुश्किल वक्त में आम लोगों की मदद के लिए भी आगे आती है। इसकी एक मिसाल उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले की गुरेज़ घाटी के कंज़लवान गाँव में देखने को मिली, जहाँ पानी की किल्लत के बीच भारतीय सेना ने स्थानीय लोगों तक पानी पहुँचाकर राहत देने का काम किया। सेना की यह पहल इंसानियत, सेवा-भाव और नागरिकों के प्रति ज़िम्मेदारी की एक सराहनीय मिसाल है। गुरेज़ घाटी अपने ऊँचे पहाड़ों, खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक नज़ारों के लिए जानी जाती है। मगर यहाँ के दूर-दराज़ …
कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों में यहाँ की तहज़ीब, रिवायतों और आपसी भाईचारे की एक अलग ही पहचान रही है। इसी विरासत को ज़िंदा रखने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने की एक ख़ूबसूरत कोशिश के तहत बारामूला ज़िले के बोनियार में ‘रूह-ए-कश्मीर 2.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, नौजवानों और विभिन्न प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कलात्मक अभिव्यक्तियों और युवाओं की उपलब्धियों ने इस आयोजन को ख़ास बना दिया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह पैग़ाम दिया कि कश्मीर की असली पहचान उसकी ख़ूबसूरत वादियों के सा…

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