पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे और वहां की सुरक्षा एजेंसियों के बीच कथित संपर्क को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रेजोनेंट न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के टारबेला बांध के आसपास लश्कर-ए-तैयबा के कैडरों के साथ पाकिस्तान सेना की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (एसएसजी) से जुड़े कर्मियों को देखा गया। रिपोर्ट में एक वीडियो का हवाला देते हुए इसे प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं के बीच संभावित संपर्क के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इन्हें फिलहाल रिपोर्ट में किए गए आरोप के तौर…
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की मार झेल चुके परिवारों के बच्चों और जीवनसाथियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम अवसर सामने आया है। जम्मू-कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बीओपीईई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए केंद्रीय पूल के तहत उपलब्ध चार एमबीबीएस सीटों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन सीटों का मकसद उन नागरिक परिवारों के सदस्यों को मेडिकल शिक्षा का अवसर देना है, जिन्होंने आतंकवाद की वजह से अपने परिवार के किसी सदस्य को खोया है। ऐसे परिवारों के लिए यह पहल केवल दाखिले का एक मौका नहीं, बल्कि मुश्किल हालात से निकलकर सम्मानजनक और बेहतर भव…
कश्मीर की दूरदराज वादियों में रहने वाले बच्चों के लिए अच्छी तालीम तक पहुंच कभी आसान नहीं रही है। पहाड़ी इलाकों, सीमित संसाधनों और घर से दूर शिक्षण संस्थानों की चुनौतियों के बीच भी कई नौजवान अपनी मेहनत और हौसले से ऐसी मिसालें कायम कर रहे हैं, जो पूरी वादी के लिए उम्मीद और प्रेरणा का सबब बन रही हैं। मावरहनवारा जैसे दूरदराज गांव से निकलकर डॉक्टर बनने वाली आर्मी गुडविल स्कूल नोगाम की एक पूर्व छात्रा की कहानी भी इसी बदलती तस्वीर की गवाही देती है। उन्होंने न सिर्फ अपनी मेहनत से नीट परीक्षा में कामयाबी हासिल की, बल्कि वर्ष 2025 में राजकीय मेडिकल कॉले…
कश्मीर की वादियों की खूबसूरती और यहां की रचनात्मक क्षमता को उस समय नई पहचान मिली, जब मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता कलाकार ए.आर. रहमान ने जम्मू-कश्मीर के अपने हालिया दौरे के दौरान घाटी को बेहद खूबसूरत और मुबारक करार दिया। विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में कश्मीर पहुंचे रहमान ने यहां की प्राकृतिक खूबसूरती से प्रभावित होकर कहा कि वादी की असल पहचान उसकी हसीन फिजाओं, संस्कृति और लोगों की मेहमाननवाजी में है। उनके इस नजरिये ने कश्मीर को लेकर देश और दुनिया में बनने वाली सकारात्मक तस्वीर को और मजबूत करने का काम किया है। रहमान ने जम्मू-कश्मीर में आयोजि…
कश्मीर की पहचान सिर्फ उसकी खूबसूरत वादियों, झीलों और पहाड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही उसकी दस्तकारी भी इस सरज़मीन की तहज़ीब और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। श्रीनगर में आयोजित एक विशेष प्रदर्शनी में 26 स्टॉलों के जरिए कश्मीर के जीआई-टैग हासिल कर चुके और धीरे-धीरे लुप्त होने की कगार पर पहुंच रहे पारंपरिक शिल्पों को लोगों के सामने पेश किया गया। प्रदर्शनी ने स्थानीय दस्तकारों की महीन कारीगरी, हुनर और मेहनत को खरीदारों तथा सैलानियों तक पहुंचाने का एक अहम मंच मुहैया कराया, जिससे कश्मीर की पारंपरिक दस्तकारी को नए बाजार और नई…
कश्मीर की मिट्टी से निकली लोककथाओं, पुरानी यादों और विस्थापन के दर्द को पर्दे पर उतारने वाली फिल्म ‘तसरुफदार द जिन्न्स ऑफ कश्मीर’ ने जम्मू-कश्मीर के सिनेमाई सफर में एक अहम पड़ाव दर्ज किया है। 10 सितंबर 2026 को आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू-कश्मीर में फिल्म ने ‘जेएंडके सिलेक्ट’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार हासिल किया। कपिल मट्टू के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कामयाबी ने न सिर्फ इसकी रचनात्मकता को पहचान दिलाई, बल्कि वादी के उन फिल्मकारों के लिए भी नई उम्मीद जगाई है, जो अपनी जमीन से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे तक पहुंचाने…
कश्मीर की वादी में खेलों की बदलती तस्वीर अब सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह नई पीढ़ी के ख्वाबों को भी एक नई उड़ान दे रही है। बारामूला के जनरल बिपिन रावत स्टेडियम में फ्लडलाइट्स की रोशनी के बीच खेले गए चिनार महिला प्रीमियर लीग के फाइनल ने इसी बदलते कश्मीर की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की। बड़े दर्शक हुजूम की मौजूदगी में अनंतनाग रिबेल्स ने शोपियां हार्वेस्टर्स को हराकर खिताब अपने नाम किया और कश्मीर की बेटियों के लिए कामयाबी का एक नया बाब खोल दिया। यह मुकाबला महज एक क्रिकेट मैच नहीं था। स्टेडियम में उमड़ी भीड़, फ्लडलाइट्स के नीचे मैदान में …
कश्मीर की वादी में क्रिकेट के जुनून और नौजवानों के बढ़ते खेली हुनर को नई पहचान देने वाली चिनार प्रीमियर लीग 2026 अब अपने आखिरी और सबसे रोमांचक मुकाम पर पहुंच गई है। लीग का खिताबी मुकाबला 14 सितंबर 2026 को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर बरामूला स्थित जनरल बिपिन रावत स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल में सुल्तान वॉरियर्स बरामूला और रामजी स्पोर्ट्स की टीमें आमने-सामने होंगी। रोशनी से जगमगाते स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला उत्तर कश्मीर में क्रिकेट के बढ़ते सफर और नौजवान खिलाड़ियों के लिए खुलते नए अवसरों की एक अहम तस्वीर पेश करेगा। इस मुकाबले को लेकर बरामूल…
नियंत्रण रेखा के करीब बसे कुपवाड़ा जिले के खूबसूरत सीमांत गांव केरन में इन दिनों एक नई रौनक देखने को मिल रही है। यहां केरन मेला 2026 का आगाज हो चुका है, जो 27 सितंबर तक जारी रहेगा। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाला इस मेले ने न केवल स्थानीय लोगों के लिए खुशियों और मेल-मिलाप का माहौल बनाया है, बल्कि केरन को जम्मू-कश्मीर में उभरते सीमांत पर्यटन केंद्र के तौर पर नई पहचान देने की उम्मीद भी जगाई है। केरन की वादियों में आयोजित इस मेले में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय गतिविधियों, होमस्टे और विभिन्न जनसुविधाओं से जुड़े काउंटर लोगों के आकर्षण का के…
कुपवाड़ा से करीब 47 किलोमीटर दूर और नियंत्रण रेखा के नजदीक स्थित यह दूरदराज इलाका लंबे समय तक अपनी भौगोलिक एकांतता और सीमावर्ती पहचान के लिए जाना जाता रहा है। मगर अब माछिल में तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। यहां के हरे-भरे घास के मैदान, झरने, ऊंचे पहाड़, ठंडी हवाएं और पुरसुकून माहौल सैलानियों को अपनी ओर खींचने लगे हैं। पर्यटन की बढ़ती सरगर्मियों ने स्थानीय लोगों के बीच उम्मीद जगाई है और उन्हें अपनी ही जमीन पर रोजी-रोटी के नए रास्ते नजर आने लगे हैं। माछिल में कई परिवारों ने अपने घरों के हिस्सों को होमस्टे में तब्दील करना शुरू कर दिया है। यहां आ…

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