वतन की यकजहती, कौमी एकता और “Unity Through Diversity” के जज़्बे को मज़बूत करने के मकसद से श्रीनगर के बादामी बाग आर्मी कैंटोनमेंट में स्पेशल NCC नेशनल इंटीग्रेशन कैंप (SNIC) का शानदार आग़ाज़ हुआ। इस ख़ास कैंप का आयोजन ब्रिगेडियर गुरबीर सिंह की निगरानी में किया जा रहा है, जिसमें मुल्क के मुख़्तलिफ हिस्सों से आए बच्चे और NCC कैडेट्स बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। यह कैंप सिर्फ़ श्रीनगर तक महदूद नहीं है, बल्कि इसके प्रोग्राम देश के आठ अलग-अलग मुक़ामात पर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें श्रीनगर, नॉर्थ-ईस्ट, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुज…
कुपवाड़ा के सरहदी इलाक़े तंगधार में आज एक अहम और तारीखी लम्हा उस वक़्त देखने को मिला जब जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एसएम हिल पर बने ‘शौर्य गाथा’ कॉम्प्लेक्स का इफ्तिताह किया। ये कॉम्प्लेक्स ना सिर्फ़ मुल्क के बहादुर जवानों की कुर्बानियों और जुर्रत की याद दिलाता है, बल्कि सरहदी इलाक़ों में तरक़्क़ी, सियाहत और अवाम की भागीदारी का भी नया बाब शुरू करता है। तंगधार और करनाह का इलाक़ा हमेशा से अपनी बहादुरी और वतन से मोहब्बत के लिए जाना जाता रहा है। यहां के पहाड़, चौकियां और वादियां कई अहम जंगी वाक़ियात के गवाह रहे हैं। ‘शौर्य गाथा’ कॉम…
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के मशहूर सहाफी अहमद नूरानी ने ऐसा खुलासा किया है जिसने पाकिस्तान की हुकूमत और फौज के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किए गए उनके बयान ने पाकिस्तानी अवाम के सामने वह हक़ीक़त ला दी जिसे अब तक सरकारी प्रोपेगेंडा और फौजी दावों के पर्दे में छुपाया जा रहा था। अहमद नूरानी ने माना कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान के 11 अहम एयरबेसों को प्रिसिशन मिसाइलों से निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कबूल किया कि पाकिस्तान अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद भारत के किसी भी एयरबेस को नुकस…
ईरान–इज़राइल–अमेरिका जंग के साये में पाकिस्तान की फौज को एक बार फिर भारी नुक़सान उठाना पड़ा है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक़, जंग शुरू होने के बाद अब तक करीब 240 पाकिस्तानी फौजी अहलकार और 100 आम शहरी हलाक हो चुके हैं। ये आंकड़े न सिर्फ पाकिस्तान की कमजोर सिक्योरिटी और नाकाम सैन्य रणनीति को बेनकाब करते हैं, बल्कि ये भी दिखाते हैं कि अवाम और जवानों की जान वहां की मिलिट्री लीडरशिप के लिए कितनी कम अहमियत रखती है। पाकिस्तान की सरहदी इलाकों में लगातार IED धमाके, घात लगाकर हमले और आतंकी वारदातें सामने आ रही हैं। हैरत की बात ये है कि जिन इलाकों में पा…
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयान ने एक बार फिर इस हक़ीक़त को दुनिया के सामने ला खड़ा किया है कि इस्लामाबाद अपनी अंदरूनी नाकामियों और सरहदी बेअम्नी को छुपाने के लिए लगातार भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ़ भड़काऊ बयानबाज़ी का सहारा ले रहा है। ख्वाजा आसिफ ने दिल्ली और काबुल को एक ही कतार में रखते हुए अफगानिस्तान को भारत का “प्रॉक्सी” करार दिया और धमकी दी कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई दोबारा की जा सकती है। यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब कतर, सऊदी अरब और तुर्किये की तरफ़ से सुलह-सफ़ाई की कोशिशें भी नाकाम हो चुकी हैं। सियासी जानक…
नौजवानों में तालीमी बेदारी, ख़लाक़ाना सोच और मुल्की जिम्मेदारी का जज़्बा पैदा करने के मकसद से इंडियन आर्मी की तरफ़ से 12 मई 2026 को गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल हकूरा में एक मज़मून-निगारी (Essay Writing) मुकाबले का इनक़ाद किया गया। इस प्रोग्राम का बुनियादी मकसद स्कूल के तलबा को मुसबत और तामीरी तालीमी सरगर्मियों की तरफ़ राग़िब करना था, साथ ही अवाम और फ़ौज के दरमियान बेहतर तालमेल, भरोसा और आपसी यकजहती को मज़बूत बनाना भी था। इस मुकाबले में तलबा, असातिज़ा और स्कूल इंतिज़ामिया ने बड़े जोश-ओ-ख़रोश के साथ हिस्सा लिया। कुल 41 स्टूडेंट्स और 10 टीचर्…
पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल ज़र्रार महमूद का मारे गए जैश-ए-मोहम्मद कमांडर के घर जाकर उसके परिवार से मुलाक़ात करना इस बात का खुला सबूत बन चुका है कि पाकिस्तान की फौज और आतंकी संगठनों के बीच रिश्ता कितना गहरा और पुराना है। जिस मुल्क ने हमेशा दुनिया के सामने खुद को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाला देश बताने की कोशिश की, उसी मुल्क की फौजी कयादत अब खुलेआम आतंकियों के घर पहुंचकर उन्हें सम्मान दे रही है। इस वाकये ने पाकिस्तान के उस झूठे नैरेटिव को पूरी तरह बेनकाब कर दि…
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह साहब ने जम्मू-कश्मीर में ख़वातीन को ख़ुदमुख्तार बनाने वाली “उम्मीद” स्कीम की ज़बरदस्त सराहना की है। उन्होंने कहा कि ये प्रोग्राम सिर्फ़ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि गांवों की तक़दीर बदलने वाला एक बड़ा इन्कलाबी क़दम साबित हो रहा है। “उम्मीद” के ज़रिये लाखों देहाती ख़वातीन को रोज़गार, कारोबार और बेहतर ज़िंदगी का रास्ता मिला है, जिससे पूरे जम्मू-कश्मीर में तरक़्क़ी की एक नई फ़िज़ा क़ायम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप्स यानी SHGs ने गांवों की मआशी हालत को मज़बूत करने में अहम किरदार अदा किया है। आज “उम्मीद”…
जम्मू-कश्मीर में खेलों का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। जे एंड के हुकूमत ने नौजवानों को खेलों की तरफ़ रागिब करने और उन्हें बेहतर मौक़े फराहम करने के लिए IPL-style टूर्नामेंट शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। कॉलेज और इंटर-डिस्ट्रिक्ट सतह पर होने वाला ये टूर्नामेंट सिर्फ़ एक खेल मुकाबला नहीं, बल्कि कश्मीर के नौजवानों के लिए नई उम्मीद, नया जोश और नई पहचान बनने जा रहा है। हुकूमत का ये कदम ऐसे वक़्त में आया है जब घाटी का नौजवान अपनी सलाहियत को सही प्लेटफॉर्म देने की तलाश में है। क्रिकेट की तर्ज़ पर तैयार किया जा रहा ये टूर्नामेंट नौजवानों को प्रो…
गांदरबल में मौजूद 17वीं सदी की ऐतिहासिक मुगल मस्जिद की बहाली के लिए 5 करोड़ रुपये की मंज़ूरी ने पूरे इलाके में खुशी और उम्मीद की एक नई लहर पैदा कर दी है। जम्मू-कश्मीर हुकूमत की जानिब से उठाया गया ये अहम क़दम सिर्फ एक इमारत की मरम्मत नहीं, बल्कि कश्मीर की सदियों पुरानी तहज़ीब, रूहानी विरासत और तारीखी पहचान को दोबारा ज़िंदा करने की कोशिश माना जा रहा है। गांदरबल की ये मुगल मस्जिद अपने शानदार इस्लामी वास्तुकला, लकड़ी की नक्काशी, पारंपरिक कश्मीरी डिज़ाइन और मुगल दौर की सांस्कृतिक झलक के लिए जानी जाती है। सदियों से ये मस्जिद ना सिर्फ इबादत का मरकज़…

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