पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर यानी पीओजेके से एक अहम और गौरतलब ख़बर सामने आ रही है। इलाके में अवाम का एहतिजाज एक बार फिर तेज़ होता नज़र आ रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी यानी JAAC ने 9 जुलाई को बड़े पैमाने पर एहतिजाज का एलान किया है। साथ ही, इस तंजीम ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से अपील की है कि वे पीओजेके का दौरा करें, ताकि वहां की ज़मीनी हक़ीक़त दुनिया के सामने लाई जा सके। पीओजेके में बीते कुछ महीनों से अवाम लगातार अपने बुनियादी हुक़ूक़, बेहतर इंतज़ामिया और जवाबदेही की मांग को लेकर आवाज़ बुलंद कर रही है। अब ज…
जम्मू-कश्मीर आज नशा मुक्त भारत के मिशन में एक नई मिसाल बनकर उभर रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की क़ियादत और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की लगातार कोशिशों ने केंद्र शासित प्रदेश को नशा मुक्ति अभियान के मामले में देश के अग्रणी इलाक़ों में शामिल कर दिया है। "नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर" के विज़न के तहत चलाए जा रहे व्यापक जन-जागरूकता अभियान ने अब तक एक करोड़ पंद्रह लाख से अधिक लोगों तक अपनी पहुँच बनाकर एक अहम कामयाबी दर्ज की है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन का मक़सद सिर्फ़ नशे के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अवाम, ख़ास तौर पर नौजवानों और ख़वातीन के बी…
जम्मू-कश्मीर के त्राल से एक ऐसी ख़ुशख़बरी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के नौजवानों का हौसला बढ़ा दिया है। त्राल की होनहार मार्शल आर्ट खिलाड़ी मुशीफ़ा मुश्ताक ने 'खेलो इंडिया' प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक अपने नाम किए हैं। उनकी यह कामयाबी न सिर्फ़ उनके खानदान बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए फ़ख्र का मौक़ा है। यह साबित करता है कि मेहनत, लगन और सही मौक़े मिलने पर घाटी के नौजवान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। दरअसल, पुलवामा ज़िले के त्राल की रहने वाली मुशीफ़ा मुश्ताक ने प्रधानमंत्री खेलो इंडिया पहल के तहत आयो…
जम्मू-कश्मीर की ख़ूबसूरत वादी से एक बेहद हौसला-अफ़ज़ा करने वाली तस्वीर सामने आई है। अमन-ओ-अमान और बेहतर इंतज़ामात के बीच जारी पवित्र अमरनाथ यात्रा में सिर्फ़ तीन दिनों के भीतर 56 हज़ार से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर पर हाज़िरी देकर दर्शन किए। भारी भीड़ और मौसम की चुनौतियों के बावजूद यात्रा पूरी तरह से मुतमइन और पुरअमन माहौल में जारी रही। हर रोज़ बड़ी तादाद में आने वाले श्रद्धालुओं के बावजूद दर्शन की पूरी प्रक्रिया बेहद मुनज़्ज़म अंदाज़ में संचालित की गई। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के बेहतर तालमेल की बदौलत श्रद्धालुओं को बिना कि…
श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की मुकम्मल हिफ़ाज़त और पुर-अमन माहौल यक़ीनी बनाने के लिए भारतीय सेना ने इस बार सुरक्षा इंतज़ामात को और भी मज़बूत कर दिया है। ऑपरेशन शिवा के तहत सेना ने आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं, ताकि किसी भी तरह के हवाई ख़तरे का फ़ौरन पता लगाकर उसे नाकाम बनाया जा सके। यह क़दम इस बात की गवाही देता है कि भारतीय सेना सिर्फ़ सरहदों की निगहबानी ही नहीं, बल्कि घाटी में अमन, स्थिरता और धार्मिक आस्था की हिफ़ाज़त के लिए भी पूरी तरह मुस्तैद है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फ़ानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुँचते…
आज की इस ख़ास रिपोर्ट में हम आपको ले चलेंगे सदियों पुराने उस हिमालयी कारवां मार्ग पर, जिसने कभी हिंदुस्तान को मध्य एशिया की बड़ी तिजारती मंडियों से जोड़ रखा था। लद्दाख से यारकंद तक जाने वाला यह ऐतिहासिक रास्ता सिर्फ़ व्यापार का ज़रिया नहीं था, बल्कि तहज़ीब, इल्म और सांस्कृतिक रिश्तों का भी मज़बूत पुल माना जाता था। सदियों पहले, जब आधुनिक सरहदें और पासपोर्ट का वजूद नहीं था, तब कश्मीर और लद्दाख से निकलने वाले कारवां बुलंद पहाड़ों और दुर्गम दर्रों को पार करते हुए कराकोरम दर्रे के रास्ते यारकंद तक पहुँचा करते थे। यह मार्ग प्राचीन ट्रांस-हिमालयी व्…
आज बात उस सरज़मीं की, जो सिर्फ़ बर्फ़ से ढके बुलंद पहाड़ों का इलाक़ा नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की सुरक्षा, कुदरती विरासत और इल्मी तहक़ीक़ का एक बेहद अहम मरकज़ भी है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं लद्दाख के ऊँचे हिमालयी इलाक़ों की, जिन्हें आज दुनिया एक अनमोल ख़ज़ाने के तौर पर देख रही है। लद्दाख की सरज़मीं, जहाँ आसमान को छूती बर्फ़ीली चोटियाँ, विशाल ग्लेशियर और सर्द रेगिस्तान एक साथ नज़र आते हैं, हिंदुस्तान की सबसे अहम भौगोलिक धरोहरों में शुमार की जाती है। यह इलाक़ा अपनी दुर्गम भौगोलिक बनावट और ऊँचाई की वजह से न सिर्फ़ सामरिक लिहाज़ से अहम है, बल्कि प…
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी रहने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन अब 26वें दिन में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्र के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों का आरोप है कि पिछले लगभग तीन सप्ताह से खाद्य सामग्री और आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति बाधित है। उनका कहना है कि इससे आम नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया है कि मौजूदा परिस्थितियों ने क्षेत्र…
कुपवाड़ा में भारतीय फ़ौज की तरफ़ से आयोजित इस मेडिकल और डेंटल कैंप में लगभग 220 छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। कैंप का मक़सद दूरदराज़ इलाक़ों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना और बच्चों के अंदर सेहत के प्रति जागरूकता पैदा करना था। कैंप में विशेषज्ञ डॉक्टरों और डेंटल चिकित्सकों ने छात्रों और स्थानीय लोगों का विस्तार से स्वास्थ्य परीक्षण किया। बच्चों की सामान्य सेहत, दाँतों की देखभाल, पोषण, साफ़-सफ़ाई और मौसमी बीमारियों से बचाव के बारे में मुफ़ीद मशवरे भी दिए गए। जिन लोगों को दवाइयों की ज़रूरत थी, उन…
बारामूला ज़िले में भारतीय फ़ौज की जानिब से एक ऐसा तालीमी दौरा मुनअक़िद किया गया, जिसने ख़ास ज़रूरतों वाले बच्चों के चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेर दी। स्कूल फ़ॉर ब्लाइंड, डेफ़ एंड डम्ब, बारामूला के तलबा को ऐतिहासिक अमन सेतु (कमान अमन सेतु) का दौरा कराया गया। इस तालीमी सफ़र का मक़सद बच्चों को अपने इलाक़े की अहमियत से वाक़िफ़ कराना, उनकी मालूमात में इज़ाफ़ा करना और उन्हें एक ऐसे माहौल का तजुर्बा देना था जहाँ अमन, उम्मीद और इंसानी हमदर्दी की मिसाल दिखाई देती है। इस दौरे के दौरान बच्चों को अमन सेतु की तारीख़, उसकी अहमियत और सरहदी इलाक़े में उसके मक़ाम…

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