कुपवाड़ा: कश्मीर घाटी में नौजवानों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखकर खेल और सेहतमंद ज़िंदगी की तरफ़ लाने के मकसद से कुपवाड़ा के त्रेहगाम इलाके में “नशा मुक्त क्रिकेट कप 2026” का शानदार आग़ाज़ किया गया। हिलटॉप ग्राउंड त्रेहगाम में आयोजित इस टूर्नामेंट में बड़ी तादाद में स्थानीय युवाओं, खेल प्रेमियों, फौजी अफसरान और सिविल प्रशासन ने हिस्सा लिया। इस पूरे प्रोग्राम को “नशा मुक्त कश्मीर” अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसका थीम था — “Sports Over Drugs” यानी “नशे से बेहतर खेल”। इस मौके पर इंडियन आर्मी की चिनार वॉरियर्स यूनिट ने स्थानीय प्रशासन के सा…
जम्मू-कश्मीर में तालीम, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के मैदान में एक बड़ा और अहम कदम उठाया गया है। भारत सरकार के नीति आयोग (NITI Aayog) के तहत चल रहे “अटल इनोवेशन मिशन” के जरिए जम्मू-कश्मीर में 500 नए अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) स्थापित किए जाएंगे। इस पहल का मकसद स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अंदर साइंटिफिक सोच, टेक्निकल स्किल और इनोवेशन की रूह को मजबूत करना है, ताकि घाटी और पहाड़ी इलाकों के बच्चे भी मुल्क के डिजिटल और टेक्नोलॉजिकल भविष्य का हिस्सा बन सकें। खास बात ये है कि ये लैब्स सिर्फ शहरों तक महदूद नहीं रहेंगी, बल्कि दूर-दराज़, बॉर्डर और पहाड़ी…
बरसों बाद एक बार फिर वादी-ए-कश्मीर में बॉलीवुड की रौनक लौटती नज़र आ रही है। बर्फ़ से ढकी वादियाँ, डल झील की ख़ूबसूरती, गुलमर्ग के मैदान और पहलगाम की दिलकश फ़िज़ाएँ अब सिर्फ़ सैलानियों को ही नहीं बल्कि फ़िल्म इंडस्ट्री को भी अपनी तरफ़ खींच रही हैं। 20 मई 2026 को मशहूर अभिनेता कार्तिक आर्यन को निर्देशक कबीर खान और मिनी माथुर के साथ कश्मीर में शूटिंग करते देखा गया। इस शूटिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “नया कश्मीर” अब तरक़्क़ी, अमन और रोज़गार की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। कभी बॉलीवुड की पहली पसंद रहा कश्मीर एक लंबे अरसे तक हालात और अस्थिरता…
जम्मू-कश्मीर ने एक बार फिर पूरे देश को गौरवान्वित किया है। केंद्र शासित प्रदेश के चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन प्रतिष्ठित 10वीं सीनियर एशियन पेनचक सिलाट चैम्पियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है, जो वियतनाम में आयोजित होने जा रही है। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर में तेजी से विकसित हो रही खेल संस्कृति और मार्शल आर्ट्स के बढ़ते प्रभाव को भी दर्शाती है। भारतीय टीम में चयनित खिलाड़ियों में सोफी शर्मीन, शाहिद हिलाल, राजा माहिर खान और अरविंदर सिंह शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने उ…
कश्मीर की वादियों में, जहां बर्फ से ढके पहाड़ आसमान से बातें करते हैं और मुश्किल हालात के बीच भी सपने ज़िंदा रहते हैं, वहीं से एक नौजवान फुटबॉलर नई पीढ़ी के लिए उम्मीद और हौसले की मिसाल बनकर उभर रही है। मोज़म वानी, घाटी की एक होनहार खिलाड़ी, अपनी मेहनत, जुनून और लगन से आज कश्मीर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।जर्सी पहनकर मैदान में उतरने वाली मोज़म सिर्फ एक टीम की नुमाइंदगी नहीं करती, बल्कि उन हजारों लड़के-लड़कियों के सपनों की आवाज़ है जो खेलों में अपना मुकाम बनाना चाहते हैं। पिछले कुछ सालों में कश्मीर में फुटबॉल का क्रेज़ काफी तेजी से बढ…
पाकिस्तान की फौज एक बार फिर अपने “फ़ेक न्यूज़ फ़ैक्ट्री” को लेकर बेनक़ाब होती नज़र आ रही है। 20 मई 2026 को सामने आई तफ़सीलात ने ये साफ़ कर दिया कि पाक आर्मी और उसका मीडिया विंग ISPR मुल्क के अंदर और बाहर झूठे नैरेटिव फैलाने, अवाम की राय को मोड़ने और अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए बाकायदा संगठित ऑनलाइन प्रोपेगेंडा नेटवर्क चला रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल मीडिया सेल्स, डिजिटल इंटर्नशिप जैसे प्रोग्राम और कोऑर्डिनेटेड ऑनलाइन कैंपेन के ज़रिए हजारों अकाउंट्स से एक ही तरह का कंटेंट फैलाया जाता है, ताकि दुनिया को गुमराह किया जा सके। मालूम…
जम्मू-कश्मीर के मेधावी और मेहनती तलबा के लिए एक बेहद अहम और हौसला-अफ़ज़ा खबर सामने आई है। सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन (SFPI) की जानिब से “विद्याधन स्कॉलरशिप 2026” का ऐलान किया गया है, जिसका मकसद आर्थिक तौर पर कमजोर लेकिन पढ़ाई में बेहतरीन प्रदर्शन दिखाने वाले स्टूडेंट्स को आगे बढ़ने का मौका देना है। यह स्कॉलरशिप खास तौर पर क्लास 10 पास कर चुके तलबा के लिए शुरू की गई है ताकि कोई भी बच्चा सिर्फ माली परेशानियों की वजह से अपनी तालीम अधूरी न छोड़े। जम्मू-कश्मीर जैसे इलाके में, जहां कई नौजवान बेहतर तालीमी मौकों की तलाश में रहते हैं, वहां इस तरह की स्क…
पुणे में आयोजित प्रतिष्ठित “लाल डेड नेशनल अवॉर्ड समारोह” में जम्मू-कश्मीर की नारी शक्ति को उस वक़्त एक नई पहचान और इज़्ज़त हासिल हुई, जब उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर ने विभिन्न क्षेत्रों में शानदार काम करने वाली ख़वातीन को सम्मानित किया। यह समारोह सिर्फ़ अवॉर्ड देने तक महदूद नहीं रहा, बल्कि कश्मीरी औरतों की मेहनत, हुनर, सब्र और कामयाबी का एक ऐसा जश्न बन गया जिसने पूरे मुल्क में कश्मीर की बेटियों का नाम रोशन कर दिया। समारोह में शिक्षा, समाज सेवा, कला-संस्कृति, उद्यमिता, स्वास्थ्य, खेल और महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली कई ख़वातीन को “लाल डेड ने…
हर साल 21 मई को भारत में “एंटी-टेररिज़्म डे” यानी आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में दहशतगर्दी, हिंसा और इंतिहापसंदी के खिलाफ जागरूकता पैदा की जा सके। यह दिन मुल्क के साबक़ा वज़ीर-ए-आज़म Rajiv Gandhi की 1991 में हुई शहादत की याद में मनाया जाता है। यह दर्दनाक हादसा पूरे मुल्क को यह एहसास दिलाता है कि आतंकवाद जम्हूरियत, इंसानियत और क़ौमी यकजहती के लिए कितना तबाहकुन साबित होता है। पूरे हिंदुस्तान में स्कूलों, कॉलेजों और इदारों में अमन, भाईचारे और हमआहंगी को बढ़ावा देने के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम और हलफ़बर्दारी तकरीबात मुनक्किद की जा…
पाकिस्तान से जुड़े दहशतगर्द गिरोह अब सिर्फ बंदूक और बारूद तक महदूद नहीं रहे, बल्कि डिजिटल दुनिया को भी अपने नापाक मकासिद के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। भारतीय एजेंसियों की ताजा तहकीकात में ये संगीन खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, वर्चुअल करेंसी और एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स को आतंक फैलाने, नौजवानों को बहकाने और गैर-कानूनी फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। तहकीकात के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स, जो ISIS और AQIS जैसे खतरनाक दहशतगर्द तंजीमों से जुड़े बताए जा रहे हैं, ऑनलाइन गेम्स के जरिए हिंदुस्तान समेत कई मुल्कों के युवाओं तक पह…

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