यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की गई, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे जूनियर खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का इम्तिहान दिया। इसी बड़े खेल मंच पर आराफ अशरफ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम की।
आराफ अशरफ लड्ढू, पंपोर की रहने वाली हैं और हब्बा खातून क्लब, लड्ढू में थांग-टा की ट्रेनिंग हासिल कर रही हैं। उन्हें कोच सैफुद्दीन शाह की निगरानी में इस खेल की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। लगातार अभ्यास, अनुशासन और मुकाबले के दौरान आत्मविश्वास ने आराफ को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम किरदार अदा किया।
थांग-टा मणिपुर से जुड़ी एक पारंपरिक मार्शल आर्ट है, जिसमें शारीरिक ताकत के साथ-साथ फुर्ती, संतुलन, तकनीक और मानसिक एकाग्रता की भी जरूरत होती है। ऐसे खेल में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आराफ की कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने ही वतन कश्मीर की सरज़मीं पर आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह उपलब्धि हासिल की।
कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लड़कियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी लगातार उम्मीद की एक नई तस्वीर पेश कर रही है। क्रिकेट, फुटबॉल, वुशू, ताइक्वांडो, थांग-टा और दूसरे खेलों में घाटी की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच रही हैं। आराफ अशरफ का गोल्ड मेडल भी इसी बदलती तस्वीर का हिस्सा है।
लड्ढू और पंपोर के लिए भी यह कामयाबी फख्र का मौका है। एक छोटे से इलाके से निकलकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड जीतना बताता है कि अगर नौजवानों को सही रहनुमाई, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का मौका मिले तो वे किसी भी बड़े मंच पर अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं।
आराफ की इस कामयाबी के पीछे उनके परिवार के साथ-साथ उनके कोच और क्लब की मेहनत भी अहम है। हब्बा खातून क्लब में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने जिस लगन के साथ अपनी तकनीक को निखारा, उसका नतीजा अब राष्ट्रीय स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है।
आराफ अशरफ की कामयाबी कश्मीर की उन तमाम बेटियों के लिए भी एक पैगाम है जो खेल के मैदान में अपना मुस्तकबिल तलाश रही हैं। उनका गोल्ड यह साबित करता है कि घाटी की बेटियां सिर्फ सपने देखने तक महदूद नहीं हैं, बल्कि मेहनत, हौसले और सही मौके के साथ वे राष्ट्रीय फलक पर कश्मीर का परचम बुलंद करने की पूरी सलाहियत रखती हैं।


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