पहलगाम में ‘रन फॉर फन’ से पर्यटन को नई रफ्तार, मेहमाननवाजी का दिया पैगाम


कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और इलाके को सैलानियों के लिए एक खुशगवार व मेहमाननवाज गंतव्य के तौर पर पेश करने के लिए 26 सितंबर को ‘रन फॉर फन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पहलगाम विकास प्राधिकरण ने पर्यटन से जुड़े हितधारकों के सहयोग से किया, जिसमें प्राकृतिक खूबसूरती के बीच लोगों ने दौड़ के जरिए पर्यटन की बहाली और सकारात्मक माहौल का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंडलाना से हुई और प्रतिभागी दौड़ते हुए सेल्फी प्वाइंट नूनवन तक पहुंचे। पहलगाम की हसीन वादियों, हरे-भरे जंगलों और पहाड़ों के बीच आयोजित इस गतिविधि ने पर्यटन और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने का काम किया। आयोजन का मकसद केवल दौड़ तक महदूद नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए पहलगाम को एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में सामने लाना था, जहां सैलानियों का खुले दिल से इस्तकबाल किया जाता है और उन्हें सुरक्षित, खुशनुमा तथा यादगार अनुभव हासिल हो।

पहलगाम जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है और अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, लिद्दर नदी, हरे मैदानों तथा पहाड़ी नजारों के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। यहां आने वाला हर मुसाफिर कश्मीर की उस कुदरती तस्वीर को करीब से महसूस करता है, जिसकी मिसाल दुनिया भर में दी जाती है। ऐसे में ‘रन फॉर फन’ जैसी गतिविधियां पर्यटन को सिर्फ देखने-सुनने तक सीमित रखने के बजाय उसे सक्रिय अनुभव से जोड़ती हैं।

आयोजकों और पर्यटन से जुड़े लोगों की कोशिश रही कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए पहलगाम में एक बार फिर रौनक और सकारात्मक माहौल को मजबूत किया जाए। दौड़ में शामिल लोगों की मौजूदगी ने यह पैगाम दिया कि पहलगाम केवल कुदरती नजारों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपनी मेहमाननवाजी और पर्यटन-अनुकूल माहौल के कारण भी सैलानियों के लिए खास मुकाम रखता है।

पर्यटन से जुड़े हितधारकों की भागीदारी इस आयोजन का अहम पहलू रही। स्थानीय पर्यटन कारोबार में होटल, रेस्तरां, परिवहन, घुड़सवारी और दूसरे सेवा क्षेत्रों से जुड़े लोगों की बड़ी भूमिका होती है। सैलानियों की आमद बढ़ने से इन तमाम क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी सहारा मिलता है। लिहाजा पर्यटन को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहलें स्थानीय कारोबार और रोजी-रोटी से जुड़े लोगों के लिए भी अहम मानी जाती हैं।

‘रन फॉर फन’ ने यह भी दिखाया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ नए और दिलचस्प तरीकों को अपनाया जा सकता है। खेल, फिटनेस और पर्यटन को एक मंच पर लाकर पहलगाम की पहचान को एक अलग अंदाज में पेश किया गया। खास तौर पर युवाओं के लिए ऐसी गतिविधियां पर्यटन स्थलों के साथ जुड़ाव और स्थानीय विरासत व कुदरत के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का जरिया बन सकती हैं।

पहलगाम की वादियों में आयोजित यह कार्यक्रम आने वाले दिनों में पर्यटन गतिविधियों को और रफ्तार देने की उम्मीद जगाता है। पहाड़ों की गोद में दौड़ते प्रतिभागियों ने अपने अंदाज में यह पैगाम दिया कि पहलगाम की खूबसूरती, उसकी मेहमाननवाजी और उसकी रौनक सैलानियों के लिए हमेशा खुली है। स्थानीय स्तर पर ऐसी सकारात्मक पहलों से कश्मीर के पर्यटन परिदृश्य को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ