48वीं नेशनल आर्म-रेसलिंग चैंपियनशिप का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया। प्रतियोगिता का आयोजन आर्म स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ जम्मू-कश्मीर ने इंडियन आर्म-रेसलिंग फेडरेशन के तहत किया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मुल्क के मुख्तलिफ हिस्सों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, तकनीक और मेहनत का प्रदर्शन किया।
ऐसे में अपने ही घर की सरज़मीं पर तबस्सुम रहीम का गोल्ड मेडल जीतना कश्मीर के लिए खास मायने रखता है। राष्ट्रीय स्तर की इस बड़ी प्रतियोगिता में देशभर से आए खिलाड़ियों के बीच अपनी काबिलियत साबित कर उन्होंने दिखा दिया कि घाटी की बेटियां भी खेल के मैदान में किसी से पीछे नहीं हैं।
तबस्सुम रहीम की कामयाबी को सिर्फ एक मेडल तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। यह उस जज़्बे की तस्वीर है, जिसमें कश्मीर की युवा बेटियां पढ़ाई, पेशेवर जिंदगी और खेल—हर मैदान में अपनी पहचान बनाने के लिए आगे बढ़ रही हैं। खास तौर पर श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान गोल्ड हासिल करना स्थानीय खिलाड़ियों के लिए हौसला-अफज़ाई का सबब बन सकता है।
कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान विभिन्न खेलों में स्थानीय खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। आर्म-रेसलिंग जैसे ताकत और तकनीक पर आधारित खेल में तबस्सुम की उपलब्धि इस बात की तरफ भी इशारा करती है कि अगर नौजवानों को बेहतर ट्रेनिंग, सुविधाएं और लगातार मुकाबले का मौका मिले तो घाटी से और भी कई प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं।
तबस्सुम रहीम की जीत से खास तौर पर महिला खिलाड़ियों के बीच एक सकारात्मक पैगाम गया है। खेल के मैदान में कामयाबी हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास की जरूरत होती है और उनकी यह उपलब्धि इसी जज़्बे को सामने लाती है।
श्रीनगर में आयोजित इस चैंपियनशिप ने जम्मू-कश्मीर को देशभर के आर्म-रेसलिंग खिलाड़ियों से जोड़ने का भी काम किया। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मौजूदगी ने स्थानीय खेल माहौल को नई ऊर्जा दी और स्थानीय प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला।
तबस्सुम रहीम का गोल्ड मेडल कश्मीर के खेल इतिहास में एक और हौसला बढ़ाने वाला पड़ाव है। उनकी जीत से यह उम्मीद भी मजबूत होती है कि आने वाले दिनों में घाटी की और बेटियां राष्ट्रीय खेल मंच पर अपना परचम बुलंद करेंगी और जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन करेंगी।


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