जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट का सफर अब एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां मैदान पर मिली कामयाबियां सिर्फ स्कोरबोर्ड तक महदूद नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने प्रदेश के नौजवान खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के नए दरवाजे खोल दिए हैं। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) की वार्षिक आम बैठक में प्रदेश क्रिकेट के इसी बदलते सफर और हालिया उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जम्मू में आयोजित बैठक के दौरान जेकेसीए ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट की उस तरक्की पर गौर किया, जिसने टीम की पहली ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत से लेकर खिलाड़ियों के टीम इंडिया में चयन और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपनी पहचान बनाने तक का सफर तय किया है। यह बदलाव जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों को मिल रहे बेहतर मौकों की एक अहम तस्वीर पेश करता है।
बैठक में इस बात को प्रमुखता से सामने रखा गया कि घरेलू क्रिकेट में जम्मू-कश्मीर की कामयाबी ने प्रदेश के खिलाड़ियों में नया भरोसा पैदा किया है। पहले जहां राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच बनाना चुनिंदा खिलाड़ियों के लिए ही मुमकिन समझा जाता था, वहीं अब जम्मू-कश्मीर से निकलने वाली क्रिकेट प्रतिभाएं बड़े राष्ट्रीय मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। रणजी ट्रॉफी में मिली ऐतिहासिक कामयाबी ने इस सफर को एक नई दिशा दी और उसके बाद टीम इंडिया तथा आईपीएल तक खिलाड़ियों की पहुंच ने इस तरक्की को और मजबूती दी।
जेकेसीए की बैठक में आने वाले एक बड़े राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजन की तैयारियों पर भी खास तवज्जो दी गई। श्रीनगर के एसके स्टेडियम में 1 से 5 अक्टूबर तक ईरानी कप मुकाबला खेला जाना है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की मेजबानी में रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम मैदान में उतरेगी। कश्मीर की सरजमीं पर होने वाला यह मुकाबला स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी खास अहमियत रखता है, क्योंकि इससे श्रीनगर को एक बड़े राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले की मेजबानी का मौका मिलेगा।
ईरानी कप भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित मुकाबलों में शुमार है और ऐसे आयोजन का श्रीनगर में होना जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के बढ़ते कद को भी रेखांकित करता है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी क्रिकेटरों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिल सकता है। साथ ही क्रिकेट के चाहने वालों के लिए भी यह मुकाबला लंबे अरसे तक याद रहने वाला खेल आयोजन बन सकता है।
जेकेसीए की वार्षिक आम बैठक में क्रिकेट के मौजूदा सफर के साथ-साथ आगे की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। संगठन का ध्यान इस बात पर है कि जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को और मजबूत किया जाए तथा स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर मंच और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट की यह नई तस्वीर प्रदेश के बदलते खेल माहौल की भी अक्कासी करती है। रणजी ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत से शुरू हुआ यह नया दौर अब टीम इंडिया के कॉल-अप और आईपीएल में शिरकत तक पहुंच चुका है। ऐसे में श्रीनगर में ईरानी कप की मेजबानी को इसी सफर की एक और अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में एसके स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला कश्मीर की क्रिकेट बिरादरी और खेल प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा। मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट और उसके साथ स्थानीय प्रतिभाओं की बढ़ती उम्मीदें जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक नए बाब का आगाज़ करती दिखाई दे रही हैं।

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