बांदीपोरा ने जीता अंडर-17 बाल हैंडबॉल का खिताब, फाइनल में बारामूला को दी मात


जम्मू-कश्मीर में खेलों के मैदान से निकल रही नई उम्मीदों के बीच बांडीपोरा के युवा खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और हुनर का शानदार मुज़ाहिरा पेश किया है। बांडीपोरा ने इंटर-डिस्ट्रिक्ट यूटी लेवल अंडर-17 बॉयज़ हैंडबॉल प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम कर लिया। 29 सितंबर 2026 को एस.के. स्टेडियम, बांडीपोरा में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में मेजबान टीम ने बारामूला को शिकस्त देकर चैंपियन बनने का एजाज़ हासिल किया।

यह प्रतियोगिता जम्मू-कश्मीर युवा सेवा एवं खेल निदेशालय की निगरानी में आयोजित की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से पहुंचे अंडर-17 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ मुकाबले कराना नहीं, बल्कि स्कूली उम्र के बच्चों को खेलों की तरफ आकर्षित करना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना और उन्हें यूटी स्तर पर अपनी काबिलियत दिखाने का मौका देना भी रहा।

फाइनल मुकाबले में बांडीपोरा और बारामूला के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने पूरे जोश और जज़्बे के साथ खेलते हुए अपनी रणनीति और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। हालांकि निर्णायक क्षणों में बांडीपोरा के खिलाड़ियों ने बेहतर तालमेल और आत्मविश्वास दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। खिताब जीतने के बाद बांडीपोरा के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

बांदीपोरा की इस कामयाबी को जिले में लगातार मजबूत हो रही खेल संस्कृति के तौर पर भी देखा जा सकता है। कश्मीर के दूरदराज इलाकों में अब नौजवान सिर्फ पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि हैंडबॉल, फुटबॉल, वुशू, रग्बी और अन्य खेलों में भी अपनी पहचान बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे मुकाबले उन्हें जिला स्तर से आगे बढ़कर यूटी और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता मुहैया करते हैं।

अंडर-17 वर्ग में खिलाड़ियों की भागीदारी विशेष तौर पर अहम है, क्योंकि यही उम्र खेल प्रतिभा को तराशने और भविष्य के खिलाड़ियों की बुनियाद मजबूत करने का दौर होती है। नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से युवा खिलाड़ियों में न सिर्फ खेल कौशल विकसित होता है, बल्कि टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

बांदीपोरा की जीत ने यह पैगाम भी दिया है कि कश्मीर के नौजवान खेल के मैदान को अपनी तरक्की का एक अहम रास्ता मान रहे हैं। खेलों में बढ़ती दिलचस्पी युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपनी मेहनत और हुनर को पहचान दिलाने का मंच भी दे रही है।

एस.के. स्टेडियम में संपन्न हुई इस प्रतियोगिता के साथ एक बार फिर यह बात सामने आई कि जम्मू-कश्मीर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही मंच, बेहतर प्रशिक्षण और लगातार प्रतिस्पर्धी अवसर देने की है। बांदीपोरा के अंडर-17 खिलाड़ियों की यह कामयाबी आने वाले दिनों में जिले के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी हौसले और प्रेरणा का सबब बन सकती है।

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