जम्मू-कश्मीर में गांवों के स्तर पर खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कवायद को नई रफ्तार


जम्मू-कश्मीर में गांवों के स्तर पर खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कवायद लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार की ‘वन पंचायत-वन प्लेफील्ड’ पहल के तहत अब तक 355 ग्राम पंचायतों को कवर किया गया है, जिनमें से 221 पंचायतों में पहले से खेल मैदान मौजूद हैं या नए प्लेफील्ड तैयार किए जा चुके हैं। यह पहल वादी और जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में नौजवानों को खेलों के लिए बेहतर सहूलियतें उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर सामने आ रही है।

मंत्री सतीश शर्मा ने सदन में जानकारी देते हुए बताया कि ‘वन पंचायत-वन प्लेफील्ड’ के तहत कवर की गई 355 ग्राम पंचायतों में से 221 पंचायतों में खेल मैदान या तो पहले से मौजूद हैं या नए सिरे से तैयार किए गए हैं। इससे साफ होता है कि खेलों को केवल शहरों और बड़े मैदानों तक सीमित रखने के बजाय गांवों और पंचायतों तक पहुंचाने पर भी तवज्जो दी जा रही है।

दरअसल, ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार मैदान और दूसरी जरूरी सुविधाओं की कमी नौजवानों के लिए बड़ी रुकावट बन जाती है। ऐसे में पंचायत स्तर पर प्लेफील्ड विकसित होने से बच्चों और नौजवानों को अपने ही इलाके में खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिल सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद मिल सकती है।

डोरू इलाके में भी इस दिशा में काम जारी है। यहां कुल 66 ग्राम पंचायतों में से 37 पंचायतों में खेल मैदान उपलब्ध हैं। इसके अलावा लारकीपोरा, शांगरेन, डोरू स्टेडियम, वेरिनाग और अन्य स्थानों पर खेल मैदानों से जुड़े काम किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से डोरू और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नौजवानों के लिए खेल की सहूलियतों का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि आने वाले समय में और अधिक प्लेफील्ड विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए 2026-27 के एक्शन प्लान में नए खेल मैदानों को शामिल किया गया है। हालांकि, इन कार्यों को जमीन की उपलब्धता और जरूरी फंड की उपलब्धता से जोड़ा गया है। यानी जिन पंचायतों में उपयुक्त जमीन और वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे, वहां आने वाले दौर में खेल सुविधाओं के विस्तार पर काम आगे बढ़ सकता है।

गांवों में खेल मैदानों का विस्तार सिर्फ खेल मुकाबलों के लिए जगह उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। ऐसे मैदान नौजवानों को अपनी पसंद के खेल में हुनर आजमाने और नियमित अभ्यास करने का अवसर भी दे सकते हैं। फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में स्थानीय प्रतिभाएं अक्सर छोटे मैदानों और सामुदायिक स्तर की सुविधाओं से ही अपना सफर शुरू करती हैं।

जम्मू-कश्मीर में खेलों को लेकर पिछले कुछ समय से बढ़ती दिलचस्पी के बीच पंचायत स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार खास अहमियत रखता है। अगर गांवों में मैदानों की उपलब्धता बढ़ती है तो बच्चों और नौजवानों को खेलों से जुड़ने के लिए दूर-दराज के इलाकों का रुख करने की जरूरत कम हो सकती है।

‘वन पंचायत-वन प्लेफील्ड’ के तहत 221 ग्राम पंचायतों में मौजूदा या नए खेल मैदानों की उपलब्धता इस बात की तरफ इशारा करती है कि जमीनी सतह पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की कोशिश जारी है। आने वाले समय में जमीन और फंड की उपलब्धता के मुताबिक नए मैदानों का निर्माण इस मुहिम को और आगे बढ़ा सकता है। वादी के गांवों से लेकर जम्मू-कश्मीर के दूसरे ग्रामीण इलाकों तक बेहतर खेल सुविधाएं पहुंचने से नौजवानों के लिए अपने हुनर को निखारने और खेलों में आगे बढ़ने के मौके बढ़ सकते हैं।

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