करनाह में भारतीय सेना ने लगाया नेत्र जांच शिविर, मोतियाबिंद मरीजों को मिला इलाज का सहारा


कश्मीर की सरहदी वादी करनाह में स्थानीय लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में भारतीय सेना की ओर से एक अहम पहल की गई। कुपवाड़ा जिले के करनाह इलाके में एफएससी तंगदार, करनाह में नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें आसपास के इलाकों से पहुंचे स्थानीय बाशिंदों की आंखों की जांच की गई। दूरदराज और सरहदी इलाके में आयोजित इस पहल का मकसद लोगों को उनके नज़दीक ही बुनियादी नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना रहा।

शिविर के दौरान स्थानीय निवासियों की आंखों की स्क्रीनिंग की गई और जरूरत के मुताबिक मरीजों की स्थिति का जायजा लिया गया। जांच के दौरान मोतियाबिंद के इलाज के लिए पात्र पाए गए मरीजों का पंजीकरण भी किया गया। पंजीकृत मरीजों के लिए 24 और 25 सितंबर 2026 को इसी केंद्र पर मोतियाबिंद सर्जरी की प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। इस पहल से उन लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा हासिल करने का रास्ता मिला है, जिनके लिए आंखों की जांच और आगे के इलाज के लिए दूर के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

करनाह जैसे पहाड़ी और सरहदी इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच स्थानीय आबादी के लिए खास अहमियत रखती है। भौगोलिक परिस्थितियों और दूरियों की वजह से कई बार बाशिंदों को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए भी लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में इलाके में ही नेत्र जांच शिविर का आयोजन लोगों के लिए सहूलियत का जरिया बना। खास तौर पर आंखों से जुड़ी परेशानियों की समय पर पहचान होने से जरूरतमंद मरीजों को आगे के इलाज के लिए उचित प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।

इस नेत्र जांच और मोतियाबिंद अभियान के जरिए स्थानीय लोगों को आंखों की सेहत के बारे में जांच कराने का अवसर मिला। जिन मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या पाई गई और जो सर्जरी के लिए पात्र रहे, उन्हें पंजीकरण के जरिए आगे की चिकित्सा प्रक्रिया से जोड़ा गया। इससे स्वास्थ्य सेवा को लोगों के करीब लाने की कोशिश नजर आती है।

करनाह में आयोजित यह अभियान सरहदी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने वाली पहलों की अहमियत को भी सामने लाता है। स्थानीय बाशिंदों के लिए अपने ही इलाके में जांच और इलाज से जुड़ी सुविधा उपलब्ध होना रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी सहूलियत पैदा कर सकता है। नेत्र स्वास्थ्य जैसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस शिविर ने उन लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश की, जिन्हें नियमित रूप से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत हो सकती है।

स्थानीय आबादी के लिए इस तरह की स्वास्थ्य पहल सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लोगों में अपनी सेहत को लेकर जागरूकता पैदा करने का भी जरिया बनती है। समय पर आंखों की जांच और बीमारी की पहचान से मरीजों को अपनी स्थिति के बारे में जानकारी मिलती है और जरूरत पड़ने पर आगे का इलाज कराने का अवसर मिलता है।

करनाह की सरहदी वादी में आयोजित यह नेत्र जांच और मोतियाबिंद अभियान इस बात को रेखांकित करता है कि दूरदराज इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों की पहुंच के करीब लाना कितना जरूरी है। एफएससी तंगदार में 24 और 25 सितंबर को होने वाली सर्जरी के लिए पंजीकृत पात्र मरीजों को आगे की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल से करनाह के बाशिंदों को आंखों की देखभाल से जुड़ी जरूरी सेवाएं स्थानीय स्तर पर हासिल करने का अवसर मिला है।

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