दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनके भविष्य के लिए सही दिशा और उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने उत्साह के साथ भाग लिया। छात्रवृत्ति परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक क्षमता परखने और आगे की पढ़ाई के लिए अवसर हासिल करने का मंच मिला।
कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा करियर परामर्श सत्र रहा। इसमें विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, विभिन्न करियर क्षेत्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार भविष्य की दिशा तय करने, लक्ष्य निर्धारित करने तथा पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
इस मौके पर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सत्र भी आयोजित किया गया। वक्ताओं ने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भी शिक्षा और करियर के अवसरों की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास की है।
अभिभावकों और शिक्षकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और अहम बना दिया। उनके माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों और भविष्य की तैयारियों को लेकर संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम में शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को बदलती दुनिया में उपलब्ध नए अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
केरन जैसे सीमावर्ती इलाके में इस तरह की शैक्षणिक पहल स्थानीय युवाओं के लिए विशेष महत्व रखती है। यहां के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्तियों और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों की जानकारी अपने घर के नजदीक मिलना उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
एजुकेशन फेस्ट केरन 2026 ने विद्यार्थियों के बीच शिक्षा, लक्ष्य निर्धारण और करियर को लेकर नई जागरूकता पैदा करने का अवसर दिया। भारतीय सेना और अनएकेडमी कश्मीर की इस पहल ने सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर केंद्रित एक सकारात्मक संदेश दिया।


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