श्रीनगर में अंतर-जोनल बैडमिंटन और फुटबॉल मुकाबलों से युवाओं में खेल का जोश


कश्मीर की वादी में खेलों को लेकर बढ़ते रुझान के बीच श्रीनगर जिले में युवाओं के लिए आयोजित अंतर-जोनल बैडमिंटन और फुटबॉल प्रतियोगिताओं ने खेल मैदानों में नई रौनक पैदा कर दी है। जिला युवा सेवा एवं खेल कार्यालय, श्रीनगर की ओर से आयोजित इन मुकाबलों में जिले के विभिन्न खेल क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लड़के और लड़कियां हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं का मकसद नौजवानों को खेलों से जोड़ना, उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना और जमीनी सतह पर खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है।

अंतर-जोनल बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर-14 और अंडर-17 लड़कों के मुकाबले पोलो ग्राउंड स्थित इंडोर स्पोर्ट्स हॉल में संपन्न हुए। इन मुकाबलों में श्रीनगर जिले के सभी आठ खेल क्षेत्रों से 60 से अधिक लड़कों ने शिरकत की। खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में अपनी खेल प्रतिभा का मुज़ाहिरा करते हुए पूरे जोश और उत्साह के साथ मुकाबले किए। इंडोर हॉल में कई मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा इम्तिहान देखने को मिला और प्रतिभागियों ने जीत के लिए पूरी मेहनत की।

प्रतियोगिता में अमीराकदल क्षेत्र और गुलाब बाग क्षेत्र ने सबसे ज्यादा पदक अपने नाम किए। दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने विभिन्न मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी टीमों की स्थिति मजबूत की। आयोजकों के मुताबिक इस तरह की अंतर-जोनल प्रतियोगिताएं स्थानीय स्तर पर उभरते खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच देती हैं, जहां वे अपनी काबिलियत को परखने के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भी मुकाबला कर सकते हैं।

इसी सिलसिले में पोलो ग्राउंड में अंडर-14 लड़कियों की फुटबॉल प्रतियोगिता भी शुरू हुई, जिसमें 100 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। लड़कियों की बड़ी भागीदारी ने श्रीनगर में खेल गतिविधियों के बढ़ते दायरे को सामने रखा। प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों में अमीराकदल ने गुलाब बाग को 2-0 से शिकस्त देकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मैदान पर दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।

खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों का मानना है कि छोटी उम्र में बच्चों को नियमित प्रतियोगिताओं से जोड़ना उनके आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। खास तौर पर लड़कियों की फुटबॉल में बढ़ती दिलचस्पी इस बात का इशारा है कि कश्मीर में खेल अब केवल कुछ पारंपरिक खेलों तक महदूद नहीं रहे हैं, बल्कि नई पीढ़ी अलग-अलग खेल विधाओं में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है।

श्रीनगर में आयोजित ये प्रतियोगिताएं ऐसे वक्त में अहम मानी जा रही हैं, जब जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने और नौजवानों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। जिले के सभी आठ खेल क्षेत्रों की भागीदारी ने प्रतियोगिता को व्यापक स्वरूप दिया है। इससे न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है, बल्कि विभिन्न इलाकों के बीच खेलों के जरिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी मेलजोल को भी बढ़ावा मिल रहा है।

कश्मीर के लिए इस तरह के बड़े और मिश्रित युवा खेल आयोजन केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं। ये मुकाबले रोजमर्रा की जिंदगी में खेलों की बढ़ती जगह, नौजवानों की सक्रिय भागीदारी और मैदानों में लौटती रौनक की तस्वीर भी पेश करते हैं। बैडमिंटन में 60 से अधिक लड़कों और लड़कियों के फुटबॉल मुकाबलों में 100 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी बताती है कि श्रीनगर के युवा खेलों को लेकर गंभीर और उत्साहित हैं।

जानकारों के मुताबिक यदि ऐसे मुकाबलों को नियमित तौर पर जारी रखा जाए और खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, मैदान तथा प्रतियोगी अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो श्रीनगर के विभिन्न खेल क्षेत्रों से आने वाले कई नौजवान भविष्य में जिला, संभाग और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। मौजूदा अंतर-जोनल प्रतियोगिताएं इसी जमीनी खेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखी जा रही हैं।

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