यूथ और फौज ने दिया कौमी यकजहती का पैग़ाम, श्रीनगर में SNIC कैंप बना राष्ट्रीय एकता की मिसाल


श्रीनगर: वादी-ए-कश्मीर में नौजवानों के अंदर मुल्की यकजहती, अमन और भाईचारे की रूह को मज़बूत करने के मकसद से आयोजित NCC स्पेशल नेशनल इंटीग्रेशन कैंप (SNIC) इन दिनों एक नई मिसाल कायम कर रहा है। श्रीनगर के बदामी बाग कैंट इलाके में मौजूद सर्व धर्म स्थल में आयोजित ख़ास मज़हबी दुआई मजलिस ने ना सिर्फ़ कौमी एकता का पैग़ाम दिया बल्कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की सोच को भी मजबूती बख्शी।

इस ख़ास प्रोग्राम में मुल्क के अलग-अलग सूबों से आए NCC कैडेट्स ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। दुआई मजलिस के दौरान हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दूसरे मज़ाहिब से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने मिलकर अमन, भाईचारे और इंसानी हमदर्दी के लिए दुआ की। पूरे माहौल में मोहब्बत, एहतराम और आपसी भरोसे की एक खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

कैंप के आयोजकों ने कहा कि इस तरह के प्रोग्राम नौजवानों को सिर्फ़ अनुशासन और लीडरशिप ही नहीं सिखाते बल्कि उन्हें मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब और विविधता का एहसास भी कराते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाके में ऐसे आयोजन समाजी यकजहती को मजबूत करने में अहम किरदार अदा करते हैं।

दुआई मजलिस के बाद कैडेट्स की तरफ से रंगारंग सांस्कृतिक प्रोग्राम भी पेश किए गए। अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थियों ने अपने पारंपरिक गीत, संगीत और लोक नृत्य पेश कर भारत की सांस्कृतिक विविधता को बेहद खूबसूरती से सामने रखा। कहीं पंजाब का भांगड़ा देखने को मिला तो कहीं पूर्वोत्तर राज्यों की लोक संस्कृति ने सबका दिल जीत लिया। कश्मीरी रौफ और सूफियाना रंग ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि NCC और भारतीय सेना की तरफ से आयोजित ऐसे कैंप नौजवानों को देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की तरफ प्रेरित करते हैं। उनका कहना था कि आज के दौर में जब समाज को एकता और भाईचारे की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब इस तरह की गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में अहम साबित हो रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी इस राष्ट्रीय एकता कैंप में शिरकत कर सकते हैं। उनके दौरे को लेकर कैडेट्स में खासा उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि वह युवाओं को राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश देंगे।

कई कैडेट्स ने अपने तजुर्बात साझा करते हुए कहा कि इस कैंप ने उन्हें अलग-अलग संस्कृतियों और मज़ाहिब के लोगों को करीब से समझने का मौका दिया। एक कैडेट ने कहा, “हम सब अलग-अलग सूबों और भाषाओं से हैं, लेकिन यहां आकर महसूस हुआ कि हमारी पहचान सबसे पहले हिंदुस्तानी होने की है।”

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रोग्राम कश्मीर में अमन और सकारात्मक माहौल को मजबूत करते हैं। उनका कहना था कि भारतीय सेना और NCC लगातार नौजवानों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनमें आत्मविश्वास पैदा करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना आने वाले वक्त के लिए बेहद जरूरी है। SNIC जैसे कैंप ना सिर्फ़ राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं बल्कि युवाओं के अंदर जिम्मेदार नागरिक बनने का जज़्बा भी पैदा करते हैं।

कश्मीर की खूबसूरत वादियों में आयोजित यह राष्ट्रीय एकता कैंप इस बात का साफ़ पैग़ाम दे रहा है कि मुल्क की असली ताकत उसकी विविधता, भाईचारे और एकजुटता में छिपी है। NCC और भारतीय सेना की यह कोशिश नौजवानों के जरिए अमन, मोहब्बत और देशभक्ति की नई रोशनी फैलाने का काम कर रही है।

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