
यह कार्यक्रम दो हफ़्तों तक चलने वाले नेशनल इंटीग्रेशन कैंप का अहम हिस्सा था, जिसमें देश के अलग-अलग सूबों से आए नौजवान कैडेट्स ने भाग लेकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की रूह को मज़बूत करने का काम किया। डल झील के किनारे जब सैकड़ों कैडेट्स तिरंगा लेकर दौड़ रहे थे, तब पूरा इलाक़ा “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।
एनसीसी अधिकारियों के मुताबिक़ इस यूनिटी रन का मक़सद सिर्फ़ फिटनेस को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि नौजवानों के अंदर क़ौमी एकता, सामाजिक ज़िम्मेदारी और अनुशासन की भावना को भी मज़बूत करना था। अधिकारियों ने कहा कि कश्मीर जैसे संवेदनशील और अहम इलाके में इस तरह के कार्यक्रम नौजवानों को सकारात्मक दिशा देने में अहम किरदार अदा करते हैं।
कार्यक्रम में शामिल कैडेट्स ने कहा कि कश्मीर की सरज़मीं पर आकर उन्हें मुल्क की तहज़ीबी रंगारंगियत और आपसी भाईचारे को करीब से समझने का मौक़ा मिला। राजस्थान से आए एक कैडेट ने कहा, “कश्मीर सिर्फ़ जन्नत नहीं बल्कि मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल भी है। यहां आकर हमें एहसास हुआ कि पूरे हिंदुस्तान की ताक़त उसकी एकता में है।”
वहीं दक्षिण भारत से आए एक दूसरे कैडेट ने कहा कि इस कैंप ने उन्हें अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं से जुड़े लोगों के साथ जुड़ने का मौका दिया, जिससे राष्ट्रीय एकीकरण की भावना और मज़बूत हुई।
स्थानीय लोगों ने भी इस कार्यक्रम का गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। डल झील के किनारे मौजूद लोगों ने कैडेट्स का हौसला बढ़ाया और कहा कि इस तरह की गतिविधियां कश्मीर में अमन, तरक़्क़ी और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देती हैं। कई स्थानीय युवाओं ने एनसीसी की पहल की तारीफ़ करते हुए कहा कि इससे घाटी के नौजवानों को नई सोच और बेहतर भविष्य की तरफ़ प्रेरणा मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एनसीसी की ऐसी सामाजिक पहलें सिर्फ़ युवाओं में देशभक्ति को मज़बूत नहीं करतीं बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता भी पैदा करती हैं। कश्मीर में इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द को बढ़ाने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
यूनिटी रन के दौरान कैडेट्स ने फिटनेस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा का संदेश देते हुए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। पूरे रास्ते में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए थे और प्रशासन ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया।
एनसीसी अधिकारियों ने कहा कि नेशनल इंटीग्रेशन कैंप के दौरान कैडेट्स के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा, एडवेंचर एक्टिविटीज़ और सामुदायिक सेवा जैसी कई गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ़ शारीरिक रूप से मज़बूत बनाना नहीं बल्कि उनमें बेहतर नागरिक बनने की सोच को विकसित करना है।
कश्मीर में आयोजित यह यूनिटी रन एक बार फिर इस बात का पैग़ाम दे गया कि घाटी के नौजवान अमन, तरक़्क़ी और राष्ट्रीय एकता के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं। डल झील के किनारे गूंजते देशभक्ति के नारों और तिरंगे की लहराती शान ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर की नई पीढ़ी मुल्क की तरक़्क़ी और भाईचारे की मज़बूत मिसाल बन रही है।

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