कश्मीर में घुसे लश्कर आतंकी की अजीब कहानी, मिशन छोड़ हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंचा श्रीनगर


श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान भी किया और सोशल मीडिया पर बहस भी छेड़ दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक पाकिस्तानी आतंकी, जिसे कश्मीर में दहशतगर्द हमला करने के लिए भेजा गया था, अपने मिशन को बीच में छोड़कर श्रीनगर में हेयर ट्रांसप्लांट कराने पहुंच गया।

बताया जा रहा है कि इस शख्स की पहचान मोहम्मद उस्मान जट्ट उर्फ “चीनी” के नाम से हुई। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में उसे कश्मीर की जो तस्वीर दिखाई गई थी, असलियत उससे बिल्कुल अलग निकली। यहां की जिंदगी, बाजार, लोग और माहौल देखकर वह खुद हैरान रह गया।

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक उस्मान जट्ट ने कहा कि वह लंबे वक्त से बाल झड़ने की परेशानी और कम आत्मविश्वास से परेशान था। श्रीनगर के एक सैलून मालिक से हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में पता चलने के बाद उसने अपना मिशन कुछ समय के लिए रोक दिया और इलाज कराने का फैसला किया।

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से तरह-तरह के रिएक्शन देखने को मिले। कुछ यूज़र्स ने इसे “आतंकवाद की हकीकत” बताया, जबकि कई लोगों ने इस पूरे मामले पर तंज़ कसते हुए कहा कि “जो लोग जन्नत के सपने लेकर भेजे जाते हैं, वो यहां आकर असली जिंदगी देखकर बदल जाते हैं।”

श्रीनगर के एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “जनाब, यहां का माहौल जितना बाहर दिखाया जाता है, असल में वैसा नहीं। लोग यहां अपनी रोज़ी-रोटी और सुकून की जिंदगी चाहते हैं। बाहर बैठे लोग बस अपने मतलब के लिए कहानियां बनाते हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ के दौरान आतंकी ने यह भी कबूल किया कि ट्रेनिंग कैंपों में कश्मीर को लेकर बेहद अलग तस्वीर पेश की जाती है। उसे बताया गया था कि यहां हर तरफ फौजी जुल्म और तबाही है, लेकिन घाटी में पहुंचने के बाद उसने बाजारों में रौनक, लोगों की आम जिंदगी और कारोबार को देखा।

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान में चलने वाले आतंकी नेटवर्क अक्सर नौजवानों को भावनात्मक और धार्मिक बातें कहकर भर्ती करते हैं। लेकिन कई बार जब ये लोग असली हालात देखते हैं तो उनका नजरिया बदल जाता है। एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, “कई घुसपैठिए यहां आने के बाद समझते हैं कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। मगर तब तक वे एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन चुके होते हैं।”

कश्मीर में इस खबर को लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे मजाकिया अंदाज में देख रहे हैं, जबकि दूसरे इसे गंभीर सुरक्षा मामला बता रहे हैं। एक कॉलेज स्टूडेंट ने कहा,
“सोशल मीडिया पर लोग मीम बना रहे हैं, मगर असल बात ये है कि आतंकवाद किसी भी नौजवान की जिंदगी बर्बाद कर देता है। चाहे वो किसी भी मुल्क का हो।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संबंधित आतंकी ने अपने बालों को लेकर काफी हीन भावना महसूस की और उसे लगता था कि उसकी शक्ल की वजह से लोग उसका मजाक उड़ाते हैं। यही वजह थी कि उसने अपने संगठन के मिशन से ज्यादा तवज्जो अपने हेयर ट्रांसप्लांट को दी। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक कट्टरपंथी माहौल में रहने वाले लोग अक्सर मानसिक दबाव, डर और पहचान के संकट का सामना करते हैं। कई बार छोटी दिखने वाली व्यक्तिगत परेशानियां भी उनके फैसलों पर बड़ा असर डालती हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आतंकी नेटवर्क के बाकी लोग कहां सक्रिय हैं। वहीं सोशल मीडिया पर यह खबर लगातार वायरल हो रही है और लोग इसे लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। घाटी के एक बुज़ुर्ग ने कहा, “बेटा, बंदूक कभी किसी को सुकून नहीं देती। आख़िर में इंसान को चैन, इज़्ज़त और सामान्य जिंदगी ही चाहिए होती है।”

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