जम्मू-कश्मीर अब सिर्फ गुलमर्ग तक महदूद नहीं रहने वाला। सरकार ने सर्दियों की सैर-सपाटे और विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए सात नए स्की टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करने का प्लान तैयार किया है। इस पहल का मकसद जम्मू-कश्मीर को हिंदुस्तान का सबसे बड़ा विंटर टूरिज्म हब बनाना है और साथ ही दूर-दराज़ इलाकों में रोज़गार और तरक्की के नए मौके पैदा करना है।
बरसों से गुलमर्ग दुनिया भर के स्की प्रेमियों की पहली पसंद रहा है। बर्फ से ढकी खूबसूरत वादियां और बेहतरीन स्की ढलानों ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। लेकिन बढ़ती भीड़ और पर्यटन के दबाव को देखते हुए अब सरकार नए इलाकों को भी विकसित करने की तरफ ध्यान दे रही है।
सरकार जिन सात जगहों को नए स्की डेस्टिनेशन के तौर पर देख रही है उनमें सोनमर्ग दूदपथरी तोसामैदान बंगस सार्थल सनासर-पटनीटॉप और भद्रवाह शामिल हैं। ये तमाम इलाके अपनी प्राकृतिक खूबसूरती ऊंचे पहाड़ों और भरपूर बर्फबारी के लिए मशहूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के साथ ये इलाके भी गुलमर्ग की तरह बड़े विंटर टूरिज्म सेंटर बन सकते हैं।
इन जगहों की संभावनाओं का जायजा लेने के लिए केबल कार कॉरपोरेशन की तरफ से विस्तृत फीजिबिलिटी स्टडी की जा रही है। इस दौरान बर्फबारी के स्तर ढलानों की गुणवत्ता पर्यावरणीय प्रभाव और पर्यटकों की पहुंच जैसे पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी।
इस पूरी पहल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय आबादी को मिलने की उम्मीद है। नए स्की रिसॉर्ट्स बनने से होटल कारोबार ट्रांसपोर्ट गाइड सेवाओं एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
खासतौर पर उन इलाकों को फायदा होगा जो अब तक पर्यटन के नक्शे पर ज्यादा उभर कर सामने नहीं आए हैं। बेहतर सड़कें आधुनिक सुविधाएं और बढ़ती पर्यटक आवाजाही इन क्षेत्रों में विकास के नए दरवाजे खोल सकती हैं। इससे स्थानीय नौजवानों के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे।
सरकार का जोर टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन पर भी रहेगा। कोशिश की जाएगी कि विकास कार्यों के दौरान प्राकृतिक संसाधनों और पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित और जिम्मेदार पर्यटन मॉडल जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे सकता है।
सोनमर्ग और दूदपथरी पहले से ही अपनी हसीन वादियों और प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर हैं। बंगस घाटी को उसकी अनछुई खूबसूरती के लिए जाना जाता है। वहीं भद्रवाह को अक्सर "मिनी कश्मीर" कहा जाता है। सार्थल तोसामैदान और सनासर-पटनीटॉप भी एडवेंचर टूरिज्म और विंटर स्पोर्ट्स के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं।
अगर यह योजना सफल रहती है तो जम्मू-कश्मीर में पर्यटन का दायरा काफी बढ़ जाएगा। इससे पर्यटकों को नए विकल्प मिलेंगे और पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। गुलमर्ग के साथ-साथ ये सात नए स्की डेस्टिनेशन जम्मू-कश्मीर को दुनिया के प्रमुख विंटर टूरिज्म केंद्रों में शामिल करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर की बर्फीली वादियां अब नए सपनों और नई संभावनाओं की तरफ बढ़ रही हैं। यह पहल न सिर्फ पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी बल्कि स्थानीय समुदायों को भी तरक्की और खुशहाली का नया रास्ता दिखाएगी।

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