मिशन युवा के तहत नौजवानों को मिली नई उड़ान, श्रीनगर में 1.12 करोड़ रुपये की सहायता वितरित


श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मिशन युवा (Mission YUVA) के तहत छह युवा लाभार्थियों को कुल 1.12 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के स्वीकृति पत्र वितरित किए। यह पहल प्रदेश के युवाओं को रोजगार तलाशने वालों से रोजगार सृजित करने वालों में बदलने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मिशन युवा के माध्यम से सरकार युवाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक वित्तीय एवं संस्थागत सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के तहत युवाओं को जम्मू-कश्मीर बैंक के माध्यम से कोलेट्रल-फ्री (बिना गारंटी) ऋण और सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों की राह में रुकावट न बने।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है और सरकार उन्हें अवसर, संसाधन तथा मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही सहयोग और मंच उपलब्ध कराने की है।

मिशन युवा का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में 1.37 लाख उद्यमों (एंटरप्राइजेज) की स्थापना को प्रोत्साहित करना और लगभग 4.25 लाख रोजगार अवसरों का सृजन करना है। यह लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों की सफलता की कहानियां भी सामने आईं, जिन्होंने यह दिखाया कि सही समय पर मिली वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन किस तरह युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। कई युवा उद्यमियों ने बताया कि बैंक ऋण के लिए संपत्ति या अन्य गारंटी की आवश्यकता न होने से उनके लिए व्यवसाय शुरू करना आसान हुआ। उन्होंने कहा कि मिशन युवा ने उन्हें केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का भरोसा भी प्रदान किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्टअप्स और छोटे उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मिशन युवा जैसी योजनाएं न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देती हैं बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और युवाओं का पलायन कम करने में भी मदद मिलती है।

योजना के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों जैसे कृषि आधारित उद्योग, सेवा क्षेत्र, पर्यटन, हस्तशिल्प, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य नवाचार आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे युवाओं को अपनी रुचि और कौशल के अनुसार उद्यम स्थापित करने का अवसर मिल रहा है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, बिना गारंटी वाले ऋण की सुविधा उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जिनके पास पर्याप्त संपत्ति या वित्तीय पृष्ठभूमि नहीं होती। इस प्रकार की वित्तीय समावेशन नीति उद्यमिता को अधिक लोकतांत्रिक और सुलभ बनाती है।

मिशन युवा जम्मू-कश्मीर सरकार के उस व्यापक विजन को दर्शाता है जिसमें युवाओं को विकास प्रक्रिया का केंद्र बनाया गया है। यह पहल न केवल व्यक्तिगत सफलता की कहानियां गढ़ रही है बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का भी काम कर रही है।

"नौजवानों को सशक्त बनाना, उद्यम को सक्षम बनाना" के संदेश के साथ मिशन युवा आज हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। सरकार का मानना है कि युवाओं में किया गया निवेश वास्तव में जम्मू-कश्मीर के भविष्य में किया गया निवेश है। इसी सोच के साथ यह योजना आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी आर्थिक विकास की मजबूत नींव तैयार कर रही है, जिससे आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर को एक उभरते हुए उद्यमिता केंद्र के रूप में पहचान मिल सकेगी।

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