कश्मीर में अमन के दुश्मनों पर वार, बारामूला में हथियारों का जखीरा ज़ब्त


कश्मीर के बारामूला ज़िले में हिंदुस्तानी सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ ने एक बड़ी और कामयाब कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। यह ऑपरेशन बारामूला के नीलसर कांडी इलाके में अंजाम दिया गया, जहाँ सुरक्षा एजेंसियों को काफी अरसे से दहशतगर्द गतिविधियों की मूवमेंट की ख़ुफ़िया इत्तिला मिल रही थी। इस संयुक्त कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और इंडियन आर्मी ने मिलकर इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान फ़ोर्सेज़ को एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ जिसमें इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज़ (IEDs), गैस सिलेंडर, मेटल ट्यूब्स और कई संदिग्ध पैकेट शामिल थे। सिक्योरिटी एजेंसियों के मुताबिक यह सामान बड़े आतंकी हमलों में इस्तेमाल किया जा सकता था। बरामदगी के बाद पूरे इलाके को सैनिटाइज़ किया गया ताकि किसी भी तरह का ख़तरा आम अवाम तक न पहुंचे।

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ऑपरेशन घाटी में आतंक के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कामयाबी है। फ़ोर्सेज़ की वक़्त पर की गई कार्रवाई ने ना सिर्फ संभावित दहशतगर्द हमलों को नाकाम बनाया बल्कि इलाके में रहने वाले लोगों को भी राहत और सुरक्षा का एहसास दिलाया। बारामूला और उससे लगे इलाकों में पिछले कुछ समय से आतंकियों की गतिविधियों को दोबारा ज़िंदा करने की कोशिशें देखी जा रही थीं, मगर सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ लगातार ऐसे मंसूबों को नाकाम बना रही हैं।

मुकामी लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि इंडियन आर्मी और पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कश्मीर में अमन और स्थिरता कायम हो रही है। कई स्थानीय निवासियों ने कहा कि फ़ोर्सेज़ की मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा का एहसास मिलता है और आतंक फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।

जानकारों के मुताबिक आतंक के इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए सिर्फ आतंकियों का सफाया ही काफी नहीं होता, बल्कि उनके हथियारों, लॉजिस्टिक सपोर्ट और छिपे हुए नेटवर्क को भी तबाह करना जरूरी होता है। नीलसर कांडी में हुई यह बरामदगी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। सिक्योरिटी एजेंसियाँ अब इस बात की जांच कर रही हैं कि यह हथियारों का जखीरा किसके लिए जमा किया गया था और इसके पीछे कौन सा आतंकी मॉड्यूल सक्रिय था।

इंडियन सिक्योरिटी फ़ोर्सेज़ ने साफ कर दिया है कि “ज़ीरो टॉलरेंस फ़ॉर टेररिज़्म” की नीति के तहत घाटी में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी। पिछले कुछ महीनों में लगातार ऐसे ऑपरेशन्स चलाए गए हैं जिनमें हथियारों की बरामदगी, घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करना और आतंकी नेटवर्क्स को ध्वस्त करना शामिल है। इससे यह साफ संकेत जाता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ हर खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

बारामूला में हुई यह कामयाब कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि हिंदुस्तानी फ़ोर्सेज़ सिर्फ सरहदों की हिफाज़त ही नहीं कर रहीं, बल्कि कश्मीर के आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए भी पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की तेज़ कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया और घाटी में अमन के दुश्मनों को साफ पैगाम दिया है कि कश्मीर में दहशत फैलाने की हर कोशिश को जड़ से खत्म किया जाएगा।

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