पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र कराची में बिजली संकट ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घंटों तक बिजली गुल रहने से परेशान नागरिक अब सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई इलाकों में लोगों ने प्रमुख सड़कों को जाम कर दिया और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई।
फ्रांस 24 की 6 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची के कई इलाकों में बिजली कटौती से नाराज निवासियों ने हाल के दिनों में प्रदर्शन किए और प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। कुछ मोहल्लों में बिजली कटौती का समय प्रतिदिन 19 घंटे तक पहुंचने की खबर है। इससे शहर के लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
21 मिलियन से अधिक आबादी वाला कराची पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान और रोजगार से जुड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके बावजूद बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर लगातार सामने आ रही परेशानियां शहरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
बिजली की लंबी कटौती का असर केवल घरों की रोशनी तक सीमित नहीं है। इससे पानी की आपूर्ति, छोटे कारोबार, दुकानों, विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य जरूरी गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। बिजली न होने से पानी के पंपों का संचालन मुश्किल हो जाता है और गर्मी के मौसम में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे हालात में आम नागरिकों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देना स्वाभाविक है।
कराची में बिजली संकट के पीछे ऊर्जा आपूर्ति और वितरण से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती रही हैं। अक्टूबर 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में 10 से 18 घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतें दर्ज की गई थीं। बिजली वितरण कंपनी के-इलेक्ट्रिक ने उस समय गैस और आरएलएनजी की आपूर्ति में व्यवधान को बिजली प्रबंधन की एक वजह बताया था।
शहर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सामने आई है। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) के 2026 ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स में कराची को 173 शहरों में 170वां स्थान मिला है। इस सूची में कराची से नीचे केवल ढाका, त्रिपोली और दमिश्क रहे। यह रैंकिंग स्थिरता, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बुनियादी ढांचे तथा संस्कृति और पर्यावरण जैसे मानकों पर आधारित है।
किसी भी बड़े शहर की पहचान केवल उसकी आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक महत्व से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से भी होती है। नियमित बिजली, स्वच्छ पानी, बेहतर परिवहन और प्रभावी नागरिक सेवाएं शहरी जीवन की बुनियादी जरूरतें हैं। कराची में लंबे समय से सामने आ रही बिजली कटौती और नागरिक विरोध इन सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर करते हैं।
कराची की मौजूदा स्थिति यह सवाल भी उठाती है कि आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों में विकास के साथ-साथ आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को कितनी प्राथमिकता दी जा रही है। आखिरकार, किसी भी शहर की वास्तविक तरक्की तभी मानी जा सकती है, जब वहां रहने वाले लोगों को सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन मिल सके।


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