रावलाकोट में जमा हुए लोगों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर और सैन्य दखल पर नाराज़गी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इलाके में चुनाव महज़ एक सियासी अमल बनकर रह गए हैं, जबकि असल फैसलों में सैन्य संस्थानों का असर बरकरार है।
लोगों का यह जमावड़ा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बढ़ती बेदिली और नाराज़गी की तरफ इशारा करता है। स्थानीय आबादी लंबे समय से सियासी अधिकारों और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की मांग करती रही है। ताज़ा विरोध में भी लोगों ने इस बात पर एतराज़ जताया कि विधानसभा चुनावों में जनता की राय को पूरी तरह आज़ादाना तरीके से सामने आने का मौक़ा नहीं दिया जा रहा।
रावलाकोट में सामने आया यह विरोध पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चुनावी मामलों को लेकर बढ़ते अविश्वास को उजागर करता है। लोगों की नाराज़गी से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान सेना के सियासी और चुनावी मामलों में कथित दखल के खिलाफ स्थानीय स्तर पर मुखालफत लगातार बढ़ रही है।


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