यह जोनल सेमिनार “भारत का ऊर्जा बास्केट 2047” यानी वर्ष 2047 तक भारत के ऊर्जा क्षेत्र की दिशा और संभावनाओं पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का आयोजन एजुकेशन ज़ोन सोगाम की ओर से किया गया, जिसमें सरकारी और निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सेमिनार का आयोजन बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल सोगाम में हुआ।
कार्यक्रम की निगरानी जोनल एजुकेशन ऑफिसर मंज़ूर अहमद के नेतृत्व में की गई। सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों ने भारत की मौजूदा ऊर्जा जरूरतों, भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और वर्ष 2047 तक देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार पेश किए। विद्यार्थियों को अपनी जानकारी, तर्क और प्रस्तुति क्षमता के आधार पर अपनी बात रखने का मौका मिला।
प्रतियोगिता में एजीएस क्रुसान की छात्रा उरबा कयूम खान ने प्रभावी प्रस्तुति देते हुए पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल के शिक्षकों और कार्यक्रम में मौजूद फैकल्टी सदस्यों ने खुशी का इज़हार किया और उनकी मेहनत व आत्मविश्वास की सराहना की। छात्रा की कामयाबी को स्कूल के लिए भी एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
सेमिनार का विषय विद्यार्थियों को सिर्फ किताबों तक महदूद रखने के बजाय देश के भविष्य से जुड़े अहम मसलों पर सोचने और अपनी राय जाहिर करने का एक प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। ऊर्जा सुरक्षा 2047 आज भारत के लिए एक अहम राष्ट्रीय प्राथमिकता है। बढ़ती आबादी, औद्योगिक विकास और तकनीकी तरक्की के साथ देश की ऊर्जा जरूरतों में भी लगातार इज़ाफा हो रहा है। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की भूमिका आने वाले वर्षों में और बढ़ने की उम्मीद है।
इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में जागरूकता, शोध, सार्वजनिक बोलने और नेतृत्व की सलाहियत विकसित होती है। खास तौर पर कश्मीर के दूरदराज़ इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए ऐसे मंच उनकी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर सामने लाने का जरिया बन रहे हैं।
एजीएस क्रुसान की छात्रा उरबा कयूम खान की यह सफलता इसी सिलसिले की एक मिसाल है। उनकी उपलब्धि यह पैगाम देती है कि अगर बच्चों को सही तालीम, मार्गदर्शन और अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिले, तो वे किसी भी मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं।
एजीएस क्रुसान समेत आर्मी गुडविल स्कूलों में तालीम के साथ विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और समग्र विकास पर भी तवज्जो दी जाती है। सोगाम में आयोजित यह सेमिनार विद्यार्थियों को देश के ऊर्जा भविष्य जैसे अहम मुद्दों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करता है।
उरबा कयूम खान की कामयाबी ने एजीएस क्रुसान का नाम रोशन किया है और स्कूल के विद्यार्थियों के लिए भी यह एक हौसला-अफज़ा मिसाल बनकर सामने आई है।


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