अधिकारियों के मुताबिक, नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए 421 संपत्तियां, जिनकी कुल कीमत करीब 196 करोड़ रुपये है, जब्त की गई हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थों की रोकथाम से जुड़े विशेष कानून के तहत 169 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
प्रशासन ने गैरकानूनी नशीली फसलों के खिलाफ भी मुहिम जारी रखी है। विभिन्न इलाकों में गैरकानूनी तौर पर उगाई गई अफीम और भांग की खेती को नष्ट किया गया है। साथ ही नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़े दुकानों के लाइसेंस रद्द करने के अलावा, नशे से प्रभावित लोगों के लिए इलाज और सलाह-मशवरे की सुविधाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस मुहिम का मकसद सिर्फ नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को कमजोर करना और समाज को इसके खतरे से महफूज़ रखना है। खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के नौजवानों को नशे की लत से दूर रखते हुए उनके लिए बेहतर और सुरक्षित मुस्तकबिल सुनिश्चित करना इस मुहिम की अहम प्राथमिकता है।


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