मिशन युवा से खुल रहे तरक्की के नए दरवाजे, जम्मू-कश्मीर में हजारों युवा उद्यमों को मिली ताकत


जम्मू-कश्मीर में युवाओं के हुनर, काबिलियत और कारोबारी जज्बे को नई उड़ान देने की दिशा में मिशन युवा तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली इस पहल के तहत अब तक 1,826 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया जा चुका है। इसके साथ ही 13,597 उद्यमों ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है, जबकि 36,474 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। इतना ही नहीं, 9,266 कारोबारियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया है। मिशन की प्रगति से जुड़े ये अहम आंकड़े 9 सितंबर 2026 को हुई समीक्षा बैठक में सामने आए।

मिशन युवा जम्मू-कश्मीर के नौजवानों के लिए सिर्फ वित्तीय मदद का जरिया नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने और अपने कारोबारी ख्वाबों को हकीकत में बदलने का एक मजबूत मंच बनकर सामने आ रहा है। प्रदेश के युवाओं में मौजूद हुनर और नई सोच को कारोबार से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए दरवाजे खुल रहे हैं। 13,597 उद्यमों का संचालन शुरू होना इस बात की मजबूत तस्वीर पेश करता है कि जम्मू-कश्मीर के युवा अब अपने लिए रोजगार तलाशने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इस पहल के तहत दिए जा रहे 1,826 करोड़ रुपये के ऋण से युवा अपने कारोबारी विचारों को जमीन पर उतारने में सक्षम हो रहे हैं। पूंजी की उपलब्धता छोटे और नए उद्यमों के लिए सबसे अहम जरूरतों में से एक होती है। ऐसे में आसान वित्तीय सहयोग युवाओं को कारोबार शुरू करने, मौजूदा गतिविधियों का विस्तार करने और अपने हुनर को आमदनी के स्थायी जरिये में बदलने का अवसर दे रहा है। कश्मीर की वादी में पर्यटन, कृषि, हस्तशिल्प, सेवाओं और दूसरे स्थानीय कारोबारों से जुड़े युवा इस तरह की उद्यमिता से अपनी आर्थिक संभावनाओं को और मजबूत कर सकते हैं।

मिशन युवा की एक और खासियत कौशल और प्रशिक्षण पर दिया जा रहा जोर है। अब तक 36,474 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाना इस बात को दर्शाता है कि युवाओं को केवल वित्तीय सहायता देने के बजाय उन्हें कारोबार की बुनियादी जरूरतों और व्यावहारिक कौशल से भी लैस किया जा रहा है। प्रशिक्षण से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ उनके लिए अपने उद्यम को बेहतर तरीके से चलाने और उसे आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होती हैं। यही कौशल आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे सकता है।

डिजिटल जुड़ाव भी मिशन युवा की प्रगति का अहम पहलू है। 9,266 व्यापारियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ना प्रदेश में आधुनिक कारोबारी संस्कृति के विस्तार की ओर महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन माध्यमों के इस्तेमाल से छोटे कारोबारियों के लिए ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और अपने कारोबार को नए बाजारों से जोड़ने के अवसर पैदा होते हैं। इससे जम्मू-कश्मीर के युवा और छोटे कारोबारी बदलती अर्थव्यवस्था के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ सकते हैं।

मिशन युवा की मौजूदा उपलब्धियां जम्मू-कश्मीर में युवा सशक्तिकरण और स्वरोजगार की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और डिजिटल कनेक्टिविटी—इन तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने से युवाओं के लिए कारोबार का माहौल मजबूत हो रहा है। आने वाले वक्त में इन उद्यमों के विस्तार के साथ रोजगार के और अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस तरह जम्मू-कश्मीर के नौजवान अपनी मेहनत, हुनर और नई सोच के जरिए न सिर्फ अपना मुस्तकबिल संवार रहे हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक तरक्की में भी अहम किरदार अदा कर रहे हैं।

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