पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा और भारतीय क्रिकेट के मशहूर बल्लेबाज़ शिखर धवन ने जम्मू-कश्मीर में प्रो स्टार क्रिकेट लीग की जरूरत और अहमियत को तस्लीम करते हुए इसका समर्थन किया है। उनका कहना है कि वादी में क्रिकेट का हुनर किसी से कम नहीं, लेकिन स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत सामने लाने के लिए लगातार और बेहतर प्लेटफॉर्म की जरूरत है।
प्रो स्टार क्रिकेट लीग के दूसरे सीजन में शिखर धवन और जम्मू-कश्मीर के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर परवेज़ रसूल को आइकन खिलाड़ी के तौर पर नामित किया गया है। वहीं आकाश चोपड़ा लीग के कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालेंगे। राष्ट्रीय और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट से जुड़े इन नामों की मौजूदगी से लीग को पेशेवर पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय खिलाड़ियों के लिए इसका आकर्षण भी बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजकों के मुताबिक लीग का दूसरा सीजन श्रीनगर में शुरू होकर आगे बढ़ेगा और इसका समापन देहरादून में होने वाले फिनाले के साथ किया जाएगा। श्रीनगर को प्रतियोगिता के शुरुआती चरण के लिए चुना जाना जम्मू-कश्मीर के क्रिकेट परिदृश्य के लिए खास अहमियत रखता है। इससे वादी के खिलाड़ियों को अपने ही घर में एक ऐसे मंच पर खेलने का मौक़ा मिलेगा, जहां राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ी और क्रिकेट से जुड़े नाम मौजूद होंगे।
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान क्रिकेट के प्रति नौजवानों का रुझान लगातार बढ़ा है। स्थानीय स्तर पर कई क्रिकेट टूर्नामेंट और लीग आयोजित होने से नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, खिलाड़ियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रहती है कि उन्हें स्थानीय मुकाबलों से आगे बढ़कर बड़े और पेशेवर मंच पर अपनी काबिलियत साबित करने के कितने अवसर मिलते हैं। ऐसे में प्रो स्टार क्रिकेट लीग जैसे आयोजन इस कमी को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
इस लीग से सिर्फ खिलाड़ियों को ही फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि इससे क्रिकेट से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी काम के नए रास्ते खुल सकते हैं। कोचिंग, फिटनेस, अंपायरिंग, कमेंट्री, आयोजन प्रबंधन, मीडिया और स्थानीय खेल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी ऐसे पेशेवर आयोजनों से अवसर पैदा हो सकते हैं। श्रीनगर में बड़े क्रिकेट आयोजन होने से शहर के खेल माहौल को भी नई रौनक मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के लिए यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि वादी में क्रिकेट प्रतिभाओं की कमी नहीं रही है। कई खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है और कुछ ने भारतीय क्रिकेट के बड़े मंच तक भी सफर किया है। अब जरूरत इस बात की है कि स्थानीय नौजवानों को लगातार ऐसे प्लेटफॉर्म मिलें, जहां वे दबाव वाले मुकाबलों में अपनी तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती का इम्तिहान दे सकें।
प्रो स्टार क्रिकेट लीग का दूसरा सीजन अगर अपने मकसद में कामयाब रहता है तो इससे कश्मीर के क्रिकेटरों के लिए नई राहें खुल सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मौजूदगी स्थानीय प्रतिभाओं को सीखने, मुकाबला करने और अपने हुनर को निखारने का मौका देगी। साथ ही श्रीनगर को पेशेवर क्रिकेट आयोजनों के एक अहम केंद्र के तौर पर आगे बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।


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