World Wisdom Forum में LG मनोज सिन्हा का बड़ा पैगाम, जम्मू-कश्मीर में निवेश करें उद्योग जगत

 


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नई दिल्ली में आयोजित World Wisdom Forum को संबोधित करते हुए भारत के लिए एक समावेशी और तकनीक आधारित विकास मॉडल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की का फायदा समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए। एलजी सिन्हा ने उद्योग जगत के दिग्गजों से खास तौर पर जम्मू-कश्मीर में निवेश करने की अपील की, ताकि प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों को और तेजी मिले, नए रोजगार के अवसर पैदा हों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती हासिल हो। उन्होंने पर्यटन, बागवानी और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों की क्षमता को रेखांकित करते हुए इन्हें वैश्विक बाजारों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।

एलजी सिन्हा ने अपने संबोधन में तकनीक, नवाचार और मानवीय मूल्यों को भारत की विकास यात्रा का अहम आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत को सिर्फ नई तकनीकों का इस्तेमाल करने वाला देश बनने के बजाय टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की तरफ बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दूसरी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने, संस्थानों को मजबूत करने और विकास की रफ्तार को और तेज करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक तकनीक के साथ भारत की परंपराओं और स्थानीय क्षमताओं को जोड़कर ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जाए, जिसमें हर क्षेत्र की अपनी ताकत को आगे आने का मौका मिले।

जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में एलजी सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन, बागवानी, हस्तशिल्प और दूसरे स्थानीय उद्योगों में काफी संभावनाएं मौजूद हैं। कश्मीर के सेब, केसर, अखरोट जैसे बागवानी उत्पादों के साथ पश्मीना, पेपर-माशे और दूसरे पारंपरिक हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने से स्थानीय किसानों, कारीगरों और कारोबारियों को बड़े अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने उद्योग जगत से जम्मू-कश्मीर की इन क्षमताओं में निवेश करने और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इससे स्थानीय कारोबार को विस्तार मिलने, युवाओं के लिए रोजगार बढ़ने और जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास को और गति मिलने की उम्मीद है।

एलजी मनोज सिन्हा ने भारत की विकास यात्रा में जम्मू-कश्मीर की भूमिका को भी रेखांकित किया। उनका संदेश साफ था कि विकास का मतलब सिर्फ आर्थिक आंकड़ों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। World Wisdom Forum में दिया गया उनका संबोधन ऐसे वक्त में आया है जब जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, उद्यमिता, बागवानी और स्थानीय हस्तशिल्प को नए बाजारों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इस नजरिए से उनका निवेश का आह्वान कश्मीर की उस नई तस्वीर को सामने रखता है, जहां निवेश और तकनीक के जरिए विकास कार्यों को और तेजी देकर स्थानीय हुनर, प्राकृतिक क्षमता और वैश्विक बाजारों को एक साथ जोड़ा जा सकता है।

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