इस्लामाबाद: पाकिस्तान में हाल ही में ‘यादगार-ए-फतह’ से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान प्रदर्शित किए गए एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए कार्यक्रम के दृश्यों में भारतीय ब्रह्मोस मिसाइलों को बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ठिकाने पर हमला करते हुए दिखाया गया। अगर यह वीडियो वास्तव में पाकिस्तानी सैन्य कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर प्रदर्शित किया गया है, तो इसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की कार्रवाई और बहावलपुर में JeM परिसर को निशाना बनाए जाने की एक अहम सार्वजनिक स्वीकारोक्ति के तौर पर देखा जा सकता है।
मामला इसलिए ज्यादा दिलचस्प है क्योंकि बहावलपुर का Markaz Subhanallah लंबे समय से JeM से जुड़ा प्रमुख परिसर माना जाता रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह जगह संगठन की भर्ती, प्रशिक्षण और वैचारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे से जुड़े नौ ठिकानों को निशाना बनाया था, जिनमें बहावलपुर का JeM परिसर भी शामिल था।
ब्रह्मोस के इस्तेमाल को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण सामने आए थे। भारत सरकार की तत्काल आधिकारिक जानकारी में हर लक्ष्य पर इस्तेमाल किए गए हथियारों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था। बाद में रक्षा-संबंधी दस्तावेजों और रिपोर्टों में बहावलपुर के JeM परिसर पर ब्रह्मोस के इस्तेमाल का उल्लेख सामने आया। DRDO के एक संकलन में भी 7 मई की कार्रवाई के दौरान बहावलपुर स्थित JeM परिसर पर ब्रह्मोस के इस्तेमाल की जानकारी प्रकाशित हुई।
यही वजह है कि ‘यादगार-ए-फतह’ से जुड़े वीडियो का महत्व बढ़ जाता है। पाकिस्तान ने मई 2025 की सैन्य झड़प को अपनी जीत के नैरेटिव के तौर पर पेश किया और 2026 में भी ‘मारका-ए-हक’ की बरसी तथा संबंधित स्मारकों के जरिए उसी नैरेटिव को आगे बढ़ाया। बहावलपुर गैरीसन में भी ‘मारका-ए-हक’ की जीत का एक साल पूरा होने पर समारोह आयोजित किया गया था।
लेकिन इसी नैरेटिव के बीच अगर JeM के बहावलपुर परिसर पर भारतीय मिसाइल हमले के दृश्य प्रदर्शित किए गए, तो इससे एक बड़ा सवाल उठता है—आखिर पाकिस्तान के आधिकारिक सैन्य नैरेटिव में JeM का ठिकाना और उस पर हुई भारतीय कार्रवाई इतनी प्रमुखता से क्यों दिखाई गई?
भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाह और समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है। बहावलपुर और मुरीदके जैसे ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर में निशाना बनाया जाना इसी आतंक ढांचे के खिलाफ भारत की कार्रवाई के रूप में पेश किया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यही है कि जिस आतंकवादी ढांचे को भारत ने निशाना बनाया, उसी से जुड़ा बहावलपुर परिसर अब पाकिस्तान के सैन्य विजय-नैरेटिव में दिखाई दे रहा है। हालांकि वीडियो की आधिकारिकता और उसके संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, लेकिन यदि इसे पाक सेना के आधिकारिक कार्यक्रम का हिस्सा माना जाए, तो यह पाकिस्तान के आतंकवाद-विरोधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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