अफगान रक्षा मंत्री का बड़ा बयान: पाकिस्तान ISIS को हथियार-पैसा देने की कर रहा कोशिश

 



अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अफगान रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने इस्लामाबाद पर एक बेहद गंभीर इल्जाम लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान ऐसे “शरारती तत्वों” और खास तौर पर ISIS से जुड़े लोगों को हथियार और आर्थिक मदद देने की कोशिश कर रहा है, ताकि अफगानिस्तान के खिलाफ हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। उनका कहना है कि यह कोशिश सिर्फ डूरंड लाइन से लगे इलाकों तक महदूद नहीं है, बल्कि अफगानिस्तान के बड़े शहरों को भी निशाना बनाने की कोशिश हो रही है।

याकूब मुजाहिद का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब काबुल और इस्लामाबाद के रिश्तों में पहले से ही सीमा विवाद, सुरक्षा आरोप और आतंकवादी नेटवर्कों को लेकर गहरा तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन पर तनाव कई बार सीमा बंद होने और सैन्य टकराव तक पहुंच चुका है। अक्टूबर 2025 में दोनों मुल्कों को कतर और तुर्किये की मध्यस्थता में युद्धविराम पर भी सहमति करनी पड़ी थी।

अफगान रक्षा मंत्री ने अपने आरोपों में ISIS का नाम लेकर मामला और गंभीर बना दिया है। ISIS-K यानी इस्लामिक स्टेट-खुरासान अफगानिस्तान में तालिबान का भी एक प्रमुख दुश्मन माना जाता है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद ISIS-K ने अफगानिस्तान में कई बड़े हमलों को अंजाम दिया और तालिबान ने उसके खिलाफ लगातार अभियान चलाने का दावा किया है।

याकूब मुजाहिद का आरोप अगर सही साबित होता है तो इसका मतलब यह होगा कि अफगानिस्तान को अस्थिर करने के लिए ऐसे कट्टरपंथी नेटवर्कों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनसे तालिबान खुद लड़ने का दावा करता है। यही वजह है कि काबुल की तरफ से लगाया गया यह आरोप क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

दिलचस्प बात यह भी है कि याकूब मुजाहिद पाकिस्तान के साथ सिर्फ सीमा विवाद पर नहीं, बल्कि आतंकी गतिविधियों और एक-दूसरे की जमीन के इस्तेमाल को लेकर पहले भी सख्त रुख दिखा चुके हैं। 2023 में उन्होंने साफ कहा था कि अफगानिस्तान TTP को वित्तीय मदद नहीं देता और अफगान जमीन को किसी दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल होने देने से भी इनकार किया था।

अब उनके ताजा आरोप पाकिस्तान की कथित “प्रॉक्सी पॉलिसी” को लेकर नई बहस पैदा कर रहे हैं। अगर किसी पड़ोसी देश की सरकार अपने यहां सक्रिय चरमपंथी तत्वों को लेकर सीधे इस्लामाबाद पर उंगली उठाती है, तो मामला महज काबुल-इस्लामाबाद विवाद नहीं रह जाता, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा से जुड़ जाता है।

हालांकि, याकूब मुजाहिद के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है, और पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी इस मामले में अहम होगी। फिलहाल इतना साफ है कि अफगानिस्तान की तरफ से पाकिस्तान पर आतंकवादी तत्वों के कथित इस्तेमाल का आरोप दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास को और गहरा करता है।

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