बलोच नेता मीर यार बलोच ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से पाकिस्तान के खिलाफ कड़े आर्थिक और सैन्य कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग रखी कि पाकिस्तान पर सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएं, एफ-16 लड़ाकू विमानों के इंजन के स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति रद्द की जाए और उसके लड़ाकू विमानों तथा मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े अपग्रेड को तत्काल रोका जाए।
मीर यार बलोच का कहना है कि पाकिस्तान को मिलने वाली सैन्य तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल केवल बाहरी सुरक्षा के लिए नहीं हो रहा, बल्कि बलोचिस्तान में स्थानीय आबादी के खिलाफ भी किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना और वायुसेना बलोच जनता के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों की जवाबदेही तय करने और कथित युद्ध अपराधों की जांच की मांग की है।
मीर यार बलोच की अपील ऐसे समय में सामने आई है जब बलोचिस्तान में मानवाधिकार, जबरन गुमशुदगी, सुरक्षा अभियानों और नागरिकों के खिलाफ कथित ज्यादतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज होती जा रही है। बलोच कार्यकर्ता लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि इस्लामाबाद सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के नाम पर स्थानीय आबादी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करता है। पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और बलोचिस्तान में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को सुरक्षा एवं आतंकवाद विरोधी अभियान बताता है।
मीर यार बलोच ने विशेष तौर पर अमेरिका की पाकिस्तान को मिलने वाली रक्षा सहायता और सैन्य सहयोग पर सवाल उठाया। उनका तर्क है कि यदि अमेरिकी सैन्य तकनीक या उसके कलपुर्जे ऐसी कार्रवाइयों में इस्तेमाल हो रहे हैं जिनमें नागरिकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो वाशिंगटन को इस सहयोग की समीक्षा करनी चाहिए।
इस अपील का व्यापक महत्व इसलिए भी है क्योंकि बलोचिस्तान का मुद्दा अब केवल पाकिस्तान के घरेलू राजनीतिक और सुरक्षा विमर्श तक सीमित रखने की कोशिशों को चुनौती दे रहा है। बलोच नेतृत्व और कार्यकर्ता लगातार पश्चिमी देशों, मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सामने बलोचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठा रहे हैं।
मीर यार बलोच की मांग पाकिस्तान पर राजनयिक, आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने की दिशा में एक और अपील के रूप में देखी जा रही है। एफ-16 स्पेयर पार्ट्स और सैन्य अपग्रेड रोकने की मांग सीधे पाकिस्तान की रक्षा क्षमता और अमेरिकी सैन्य सहयोग से जुड़ती है। इससे यह संकेत भी मिलता है कि बलोच मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने और इस्लामाबाद पर पश्चिमी दबाव बढ़ाने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
हालांकि मीर यार बलोच के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में आवश्यक है, लेकिन उनकी अपील ने एक बार फिर यह सवाल अंतरराष्ट्रीय बहस में ला दिया है कि पाकिस्तान को मिलने वाले सैन्य सहयोग के इस्तेमाल और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए।

0 टिप्पणियाँ