डूरंड कप में FC1 का विजयी आगाज़, करबी आंगलोंग को 2-1 से हराकर रचा इतिहास


शिलांग, 04 अगस्त: श्रीनगर की उभरती फुटबॉल टीम FC1 ने 135वें डूरंड कप में अपने ऐतिहासिक पदार्पण को यादगार बनाते हुए ग्रुप-एफ के मुकाबले में करबी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी को 2-1 से पराजित कर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट में अपने पहले ही मैच में दर्ज की गई यह जीत क्लब के लिए ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के फुटबॉल जगत के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।

मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। करबी आंगलोंग ने शुरुआती मिनटों में लगातार दबाव बनाया और 40वें मिनट में लालेये (Laleye) के गोल की बदौलत 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। पहले हाफ तक मेजबान टीम इसी बढ़त के साथ आगे रही, जबकि FC1 बराबरी की तलाश में लगातार आक्रमण करता रहा।

दूसरे हाफ में श्रीनगर की टीम बिल्कुल बदले हुए अंदाज में मैदान पर उतरी। 53वें मिनट में शाकिर (Shakir) ने शानदार गोल दागकर FC1 को 1-1 की बराबरी दिलाई और मुकाबले में नई जान फूंक दी। इस गोल से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा और उसने लगातार विपक्षी गोल पर दबाव बनाए रखा।

बराबरी के महज आठ मिनट बाद 61वें मिनट में हयात (Hayat) ने बेहतरीन मूव को गोल में बदलते हुए FC1 को 2-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद करबी आंगलोंग ने वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन FC1 की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने संयम और अनुशासन के साथ सभी हमलों को विफल कर दिया।

मुकाबले के अंतिम मिनटों में करबी आंगलोंग ने बराबरी के लिए लगातार आक्रमण किए, लेकिन FC1 ने शानदार रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी। अंतिम सीटी बजते ही श्रीनगर की टीम ने डूरंड कप के अपने पहले ही मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में उभरती फुटबॉल प्रतिभाओं और प्रदेश के बदलते खेल परिवेश का भी प्रतीक है। हाल के वर्षों में खेल अवसंरचना, युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक प्रभाव अब मैदान पर स्पष्ट दिखाई देने लगा है। FC1 की यह सफलता उसी बदलाव की एक मजबूत मिसाल है।

अब सभी की निगाहें FC1 के अगले मुकाबले पर होंगी। यदि टीम इसी आत्मविश्वास, अनुशासन और जुझारू खेल को बरकरार रखती है, तो ग्रुप-एफ में उसके अगले दौर में पहुंचने की संभावनाएं और मजबूत होंगी। डूरंड कप में जीत के साथ किया गया यह आगाज़ निश्चित रूप से जम्मू-कश्मीर के फुटबॉल इतिहास में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

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