बरामूला के मोहम्मद सुहैब को जूनियर नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में जगह, कश्मीर के युवा टैलेंट की बड़ी कामयाबी




उत्तर कश्मीर के बरामूला जिले से एक और नौजवान फुटबॉल टैलेंट ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की तरफ कदम बढ़ाया है। ख्वाजा बाग, बरामूला के रहने वाले युवा फुटबॉलर मोहम्मद सुहैब का चयन जूनियर बॉयज़ नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप फॉर द डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी 2026-27 के लिए जम्मू-कश्मीर की टीम में हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाएगी।

मोहम्मद सुहैब दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), बरामूला के छात्र हैं। कम उम्र में ही फुटबॉल के मैदान पर अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा से उन्होंने अलग पहचान बनाई है। इससे पहले सुहैब अपने स्कूल की तरफ से अंडर-14 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर उनका यह पिछला अनुभव अब उन्हें जूनियर चैंपियनशिप के लिए और मजबूत दावेदार बनाता है।

सुहैब का मौजूदा चयन सिर्फ उनके लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बरामूला और पूरे कश्मीर में उभर रही युवा फुटबॉल प्रतिभा के लिए भी एक अहम मिसाल माना जा सकता है। घाटी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान फुटबॉल समेत कई खेलों में नौजवानों की दिलचस्पी लगातार बढ़ी है। स्थानीय मैदानों और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं से निकलकर कई खिलाड़ी अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

डॉ. बी.सी. रॉय ट्रॉफी जूनियर स्तर पर देश के प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शामिल है। जम्मू-कश्मीर की टीम में जगह बनाना सुहैब के लिए अपनी प्रतिभा को देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवा खिलाड़ियों के सामने साबित करने का एक बड़ा मौका होगा।

सुहैब की कहानी यह भी दिखाती है कि कश्मीर के स्कूलों में खेलों को लेकर बढ़ती भागीदारी नौजवानों को नई राह दे रही है। DPS बरामूला में पढ़ाई के साथ फुटबॉल को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने पहले अंडर-14 राष्ट्रीय स्तर तक सफर किया और अब जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का मौका हासिल किया है।

उनका यह सफर घाटी के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी हौसला देने वाला है। अगर जमीनी स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिताएं और उचित खेल सुविधाएं मिलती रहें, तो कश्मीर के कई और नौजवान राष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी जगह बना सकते हैं।

मोहम्मद सुहैब का चयन इस बात की निशानदेही करता है कि कश्मीर की फुटबॉल प्रतिभा अब स्थानीय मैदानों तक महदूद नहीं रही। राष्ट्रीय मंच पर जम्मू-कश्मीर की जर्सी पहनकर खेलने का उनका अगला कदम न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए अहम होगा, बल्कि घाटी के उभरते फुटबॉल टैलेंट के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आएगा।

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