स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने पूरे प्रदेश में एक अलग ही उत्साह पैदा कर दिया है। श्रीनगर की डल झील से लेकर बारामुला के पुराने शहर, गुलमर्ग की ऊंचाइयों, अनंतनाग के गांवों और जम्मू-कश्मीर के सीमांत इलाकों तक तिरंगा यात्राओं और राष्ट्रभक्ति कार्यक्रमों ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया है।
श्रीनगर की डल झील पर आयोजित तिरंगा रैली में लोगों ने नावों के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के साथ हिस्सा लिया। पानी पर लहराते तिरंगों ने डल की खूबसूरती को और भी खास बना दिया। इस रैली ने यह संदेश दिया कि कश्मीर की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक खूबसूरती तक सीमित नहीं है बल्कि यहां के लोग राष्ट्रीय पर्वों को भी पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं।
बारामुला के पुराने शहर में भी स्कूली बच्चों ने तिरंगा रैली निकाली। 46 राष्ट्रीय राइफल्स की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चे और स्थानीय लोग शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर निकले बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाए और स्वतंत्रता दिवस के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया।
सीमांत क्षेत्र पर्गवाल में भारतीय सेना की ओर से आयोजित तिरंगा रैली में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, जवानों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में तिरंगे लेकर निकले प्रतिभागियों ने सीमावर्ती इलाकों में भी राष्ट्रभक्ति की मजबूत भावना का प्रदर्शन किया।
अनंतनाग के वानपोह में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बाइक रैली आयोजित की। रैली का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय अभियान से जोड़ना और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा।
गुलमर्ग में लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर तिरंगा फहराया गया, जबकि वहां पहली बार पोनी रैली भी आयोजित की गई। यह आयोजन कश्मीर के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ जोड़ने वाली अनूठी पहल के रूप में सामने आया।
पानी पर भी तिरंगे का जोश देखने को मिला। श्रीनगर के पोकरबल लेक में वाटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों ने तिरंगा रैली निकाली। कयाक और अन्य जल क्रीड़ा गतिविधियों के दौरान खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ हिस्सा लेकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक अलग अंदाज दिया।
इसी क्रम में काजीगुंड में 100 फीट ऊंचा तिरंगा पूरे गौरव के साथ फहराया गया। वहीं कुपवाड़ा के करनाह क्षेत्र में भी प्रशासन और स्थानीय लोगों की भागीदारी से तिरंगा रैली आयोजित की गई।
इन तमाम कार्यक्रमों की तस्वीर एक ही संदेश देती है—कश्मीर की वादियों से लेकर सीमांत चौकियों तक तिरंगा शान से लहरा रहा है और स्वतंत्रता दिवस का उत्साह जन-जन तक पहुंच रहा है।

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