जश्न-ए-आजादी 2026 में आर्मी गुडविल स्कूल त्रीहगाम का शानदार प्रदर्शन, ऑनलाइन शिक्षा पर डिबेट में हासिल किया पहला स्थान

 


कुपवाड़ा के त्रीहगाम स्थित हाजीपीर आर्मी गुडविल स्कूल (AGS) के दो विद्यार्थियों ने जश्न-ए-आजादी 2026 के तहत आयोजित इंटर-स्कूल कल्चरल अवेयरनेस प्रोग्राम में अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए “ऑनलाइन एजुकेशन” विषय पर आयोजित डिबेट प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों की आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति, विषय की गहरी समझ और प्रभावशाली तर्कों ने निर्णायकों को प्रभावित किया और स्कूल का नाम रोशन किया।

इस उपलब्धि को स्कूल की अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में कम्युनिकेशन स्किल्स, क्रिटिकल थिंकिंग, आत्मविश्वास और मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

हाजीपीर आर्मी गुडविल स्कूल, त्रीहगाम का इतिहास काफी पुराना और खास है। स्कूल की शुरुआत 1984 में खरेउह, अनंतनाग में हाजीपीर ब्रिगेड की पहल पर हाजीपीर आर्मी पब्लिक स्कूल के रूप में हुई थी। शुरुआत में यहां केवल नर्सरी कक्षाएं चलती थीं और स्कूल मुख्य रूप से सेना के जवानों के बच्चों के लिए था। बाद में हाजीपीर ब्रिगेड के त्रीहगाम स्थानांतरित होने के साथ स्कूल भी त्रीहगाम गैरीसन में आ गया।

1990 के दशक में क्षेत्र में पैदा हुए कठिन हालात के कारण स्कूल को 1997 में बंद करना पड़ा, लेकिन 1999 में हाजीपीर ब्रिगेड की शिक्षा शाखा के तहत इसे दोबारा शुरू किया गया। उस समय स्कूल में करीब 110 विद्यार्थी थे और केवल नर्सरी तथा एलकेजी की कक्षाएं चलती थीं।

इसके बाद वर्ष 2002 में सद्भावना के तहत स्कूल को शेखपुरा बाला में स्वतंत्र भूमि पर दोबारा स्थापित किया गया। 15 अगस्त 2002 को इसका उद्घाटन हाजीपीर आर्मी गुडविल स्कूल के रूप में हुआ। शुरुआत में यहां केवल दो इमारतें और नर्सरी तथा एलकेजी की कक्षाएं थीं, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच स्कूल की लोकप्रियता बढ़ने के साथ विद्यार्थियों की संख्या और कक्षाएं भी लगातार बढ़ती गईं। 

स्कूल के विकास में हाजीपीर ब्रिगेड ने विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग दिया। 2008 में अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण, 2010 में दूरदराज इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा तथा 2011 में बास्केटबॉल ग्राउंड और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं का विकास किया गया।

AGS त्रीहगाम में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए डिबेट, एलोक्यूशन, क्विज, ड्रामा, डांस, गायन और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों को भी महत्व दिया जाता है। स्कूल के आधिकारिक विवरण के मुताबिक ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में ईमानदारी, सहयोग, आत्मनिर्भरता, मेहनत और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित करना है।

इसी माहौल का नतीजा है कि जश्न-ए-आजादी 2026 के अंतर-विद्यालय कार्यक्रम में AGS त्रीहगाम के दो विद्यार्थियों ने “ऑनलाइन एजुकेशन” जैसे समकालीन और महत्वपूर्ण विषय पर प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे और प्रथम स्थान हासिल किया।

यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगिता की जीत नहीं, बल्कि कश्मीर के आर्मी गुडविल स्कूलों में शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक जागरूकता और युवा प्रतिभा को मंच देने की कोशिशों की एक और मिसाल है। 

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