कश्मीर में बेटियों का खेलों की तरफ बढ़ता रुझान अब सिर्फ स्कूल स्तर तक महदूद नहीं रहा है, बल्कि जिला और प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी लड़कियां अपनी मेहनत और हुनर का लोहा मनवा रही हैं। इसी सिलसिले की एक मिसाल सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल, नदिहाल में देखने को मिली, जहां आयोजित तीन दिवसीय इंटर-डिस्ट्रिक्ट प्रांतीय स्तर की अंडर-17 गर्ल्स कबड्डी प्रतियोगिता में बांदीपोरा जिले की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
तीन दिनों तक चले इस टूर्नामेंट में कश्मीर के अलग-अलग जिलों से आई अंडर-17 आयु वर्ग की खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस, फुर्ती, रणनीति और टीमवर्क का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मैदान में हर रेड और हर टैकल के साथ मुकाबले का रोमांच बढ़ता गया और युवा खिलाड़ियों ने साबित किया कि कश्मीर की बेटियां प्रतिस्पर्धी खेलों में किसी से पीछे नहीं हैं।
प्रतियोगिता के अंतिम नतीजों में बांदीपोरा जिला प्रथम स्थान हासिल करने में कामयाब रहा। टीम ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान संतुलित खेल दिखाया और निर्णायक मुकाबलों में दबाव के बीच भी अपनी रणनीति पर कायम रहते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। बांदीपोरा की खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और एक-दूसरे को लगातार सहयोग देने की भावना उनकी कामयाबी की बड़ी वजह रही।
वहीं अनंतनाग की टीम ने दूसरा स्थान हासिल कर रनर-अप ट्रॉफी अपने नाम की। अनंतनाग की खिलाड़ियों ने भी पूरे टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन किया और कई मुकाबलों में कड़ी चुनौती पेश की। टीम की खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, रफ्तार और सामूहिक प्रयास से दर्शाया कि जिले में लड़कियों के बीच कबड्डी का आधार लगातार मजबूत हो रहा है।
गांदरबल जिले की टीम तीसरे स्थान पर रही। टीम ने प्रतियोगिता के दौरान अच्छा खेल दिखाते हुए पोडियम पर अपनी जगह बनाई। खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि जिला स्तर पर होने वाली खेल गतिविधियां युवा प्रतिभाओं को आगे आने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध करा रही हैं।
इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन जिला युवा सेवा एवं खेल विभाग की ओर से किया गया। आयोजन का मकसद अंडर-17 खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल देना, उनकी खेल प्रतिभा को निखारना और उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना रहा।
इस प्रतियोगिता की सबसे अहम बात यह रही कि इसमें युवा लड़कियों की बढ़ती भागीदारी साफ नजर आई। कबड्डी जैसे पारंपरिक और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण खेल में बेटियों का बढ़ता प्रतिनिधित्व कश्मीर में बदलती खेल संस्कृति की तरफ इशारा करता है।
नादिहाल की यह प्रतियोगिता सिर्फ एक खेल मुकाबला नहीं रही, बल्कि इसने कश्मीर की बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक और मंच दिया। बांदीपोरा की जीत, अनंतनाग का रनर-अप प्रदर्शन और गांदरबल का तीसरा स्थान इस बात की गवाही देता है कि कश्मीर में लड़कियों के बीच प्रतिस्पर्धी खेलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में ऐसी प्रतियोगिताओं से और नई प्रतिभाओं के सामने आने की उम्मीद है।

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