श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के लिए एक और फ़ख्र का लम्हा उस वक़्त आया, जब अनंतनाग के उभरते क्रिकेटर माजिद आह मगरे को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली सात मैचों की मिक्स्ड डिसएबिलिटी टी-20 क्रिकेट सीरीज़ के लिए भारतीय टीम का कप्तान नियुक्त किया गया। उनके साथ कश्मीर के दो अन्य खिलाड़ी रिज़वान अल्ताफ़ भट और हिलाल अहमद वानी भी भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं। यह उपलब्धि न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के दिव्यांग क्रिकेट जगत के लिए गर्व का विषय बन गई है।
डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) द्वारा घोषित 16 सदस्यीय भारतीय टीम 5 अगस्त से 19 अगस्त तक इंग्लैंड में सात टी-20 मुकाबले खेलेगी। इस ऐतिहासिक दौरे में माजिद मगरे टीम की अगुवाई करेंगे, जबकि तमिलनाडु के साई आकाश सैवामणि को उप-कप्तान बनाया गया है।
सीरीज़ का आग़ाज़ 5 और 7 अगस्त को डर्बी के आवरकूप काउंटी ग्राउंड में पहले दो मुकाबलों से होगा। इसके बाद तीसरा मैच 9 अगस्त को लीसेस्टर के अप्टनस्टील ग्रेस रोड मैदान में खेला जाएगा। चौथा मुकाबला 12 अगस्त को होव के काउंटी ग्राउंड में होगा, जबकि पाँचवाँ और छठा टी-20 क्रमशः 15 और 16 अगस्त को अरुंडेल में खेले जाएंगे। सीरीज़ का सबसे बड़ा आकर्षण 19 अगस्त को प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में होने वाला सातवाँ और अंतिम मुकाबला होगा। सभी मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होंगे।
भारतीय टीम फिलहाल नई दिल्ली के द्वारका स्थित छावला में विशेष प्रशिक्षण शिविर में अभ्यास कर रही है, जहाँ खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। टीम के मुख्य कोच पूर्व राजस्थान रणजी कप्तान रोहित झालानी हैं। उनके साथ देव दत्त कोच, रोहित शर्मा फील्डिंग कोच, रामस्वरूप सैनी स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच तथा मयंक पुष्कर फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
डीसीसीआई के सचिव रवि कांत चौहान ने माजिद मगरे की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश के दिव्यांग क्रिकेट समुदाय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि माजिद का नेतृत्व घाटी के उन युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगा जो खेलों के ज़रिए अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
डीसीसीआई के उपाध्यक्ष सुमित जैन ने भी पूरी भारतीय टीम और सहयोगी स्टाफ़ को शुभकामनाएँ देते हुए उम्मीद जताई कि यह दौरा देशभर के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आएगा।
विशेष बात यह है कि भारतीय टीम में जम्मू-कश्मीर से तीन खिलाड़ियों का चयन अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कप्तान माजिद आह मगरे के साथ रिज़वान अल्ताफ़ भट और हिलाल अहमद वानी का चयन यह दर्शाता है कि कश्मीर के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि माजिद मगरे की कप्तानी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उस बदलते कश्मीर की तस्वीर पेश करती है जहाँ युवा कठिन परिस्थितियों के बावजूद खेलों में नई बुलंदियाँ हासिल कर रहे हैं। घाटी में खेल संस्कृति लगातार मज़बूत हो रही है और क्रिकेट, फुटबॉल, मार्शल आर्ट तथा अन्य खेलों में स्थानीय खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
माजिद मगरे की यह उपलब्धि उन हज़ारों युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को हक़ीक़त में बदलने का जज़्बा रखते हैं। इंग्लैंड की धरती पर भारतीय टीम की अगुवाई करते हुए माजिद अब केवल जम्मू-कश्मीर का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करेगी और यह दौरा भारतीय दिव्यांग क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ देगा।
यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि कश्मीर के युवा आज खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं तथा अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से पूरे देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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