आर्मी गुडविल स्कूल, हाजीनार के छात्रों ने ASCEND J&K 2026 में दिखाया नवाचार का हुनर

 

श्रीनगर: उत्तर कश्मीर के आर्मी गुडविल स्कूल (एजीएस) हाजीनार के छात्रों ने ASCEND J&K 2026 – स्टार्टअप इकोसिस्टम समिट में अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स पेश कर यह साबित किया कि कश्मीर के नौजवान अब तालीम, साइंस और इनोवेशन के मैदान में भी नई बुलंदियाँ छू रहे हैं। भारतीय फ़ौज के सहयोग से संचालित इस स्कूल के विद्यार्थियों की शानदार भागीदारी ने एक बार फिर यह दिखाया कि सही रहनुमाई और बेहतर तालीमी माहौल युवाओं को नई पहचान दिला सकता है।

22 जुलाई 2026 को एजीएस हाजीनार के चार छात्रों और एक शिक्षक ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC), श्रीनगर में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान छात्रों ने अपने नवाचार आधारित मॉडल प्रदर्शित किए, जिन्हें प्रदर्शनी में मौजूद विशेषज्ञों और आगंतुकों ने ख़ासी सराहना दी।

छात्र उबैद-उर-रहमान ने "एक्वा फायर डिफेंस सिस्टम" प्रस्तुत किया, जबकि काशिफ़ सईद और फ़ैज़ान फ़ैयाज़ ने "वाइल्डलाइफ़ प्रोटेक्शन सिस्टम" का प्रदर्शन किया। इन छात्रों का मार्गदर्शन स्कूल के श्री राशिद फ़रीद, शिक्षक एवं इनोवेशन मेंटर, ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यवहारिक रूप देने में अहम भूमिका निभाई।

समिट के दौरान छात्रों को जम्मू-कश्मीर के माननीय मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात का भी मौक़ा मिला। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का दौरा करते हुए छात्रों के स्टॉल पर विशेष दिलचस्पी दिखाई, उनके मॉडलों को ग़ौर से देखा और उनके अभिनव विचारों की खुलकर तारीफ़ की। उन्होंने विद्यार्थियों को साइंस, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहने की हौसला-अफ़ज़ाई की। मुख्यमंत्री के हौसला बढ़ाने वाले अल्फ़ाज़ ने युवा नवप्रवर्तकों में नया जोश और आत्मविश्वास पैदा किया।

एजीएस हाजीनार की इस उपलब्धि के पीछे स्कूल प्रशासन, शिक्षकों और भारतीय फ़ौज का लगातार सहयोग भी अहम माना जा रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य श्री आफ़ताब अहमद ख़्वाजा की क़ियादत में छात्रों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर लगातार ज़ोर दिया जा रहा है। 104 इन्फैंट्री ब्रिगेड और संबंधित यूनिट के सहयोग से स्कूल में ऐसा माहौल तैयार किया गया है, जहाँ विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारने के बेहतर अवसर हासिल कर रहे हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच छात्रों को केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर ही नहीं देते, बल्कि उन्हें नई तकनीकों, स्टार्टअप संस्कृति और वैज्ञानिक सोच से भी जोड़ते हैं। इससे युवाओं में आत्मनिर्भरता, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार के प्रति रुचि विकसित होती है।

एजीएस हाजीनार के विद्यार्थियों की यह भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि कश्मीर के युवा अब शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं। भारतीय फ़ौज द्वारा संचालित आर्मी गुडविल स्कूल केवल तालीम ही नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, वैज्ञानिक सोच और उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद मज़बूत करने में भी अहम किरदार निभा रहे हैं।

यह उपलब्धि "भारतीय फ़ौज: कश्मीर की लाइफ़लाइन" की सोच को और मज़बूती देती है। शिक्षा, इनोवेशन और युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने की ऐसी पहलें न सिर्फ़ विकसित कश्मीर के सपने को साकार कर रही हैं, बल्कि घाटी के नौजवानों को अमन, तरक़्क़ी और रोशन मुस्तक़बिल की नई राह भी दिखा रही हैं।

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