श्रीनगर में शुरू हुआ स्पेशल NCC नेशनल इंटीग्रेशन कैंप, मुल्क भर के बच्चों ने दिया “एकता और भाईचारे” का पैगाम


वतन की यकजहती, कौमी एकता और “Unity Through Diversity” के जज़्बे को मज़बूत करने के मकसद से श्रीनगर के बादामी बाग आर्मी कैंटोनमेंट में स्पेशल NCC नेशनल इंटीग्रेशन कैंप (SNIC) का शानदार आग़ाज़ हुआ। इस ख़ास कैंप का आयोजन ब्रिगेडियर गुरबीर सिंह की निगरानी में किया जा रहा है, जिसमें मुल्क के मुख़्तलिफ हिस्सों से आए बच्चे और NCC कैडेट्स बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

यह कैंप सिर्फ़ श्रीनगर तक महदूद नहीं है, बल्कि इसके प्रोग्राम देश के आठ अलग-अलग मुक़ामात पर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें श्रीनगर, नॉर्थ-ईस्ट, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुजरात, राजस्थान और काकीनाडा जैसे इलाके शामिल हैं। कैंप का बुनियादी मकसद बच्चों को “अनेकता में एकता” का असली मतलब समझाना और मुल्क के अलग-अलग हिस्सों की तहज़ीब, रिवायत और संस्कृति से रूबरू करवाना है।

कैंप में शामिल बच्चे जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत संस्कृति, पारंपरिक रिवायतों और मशहूर विरासत स्थलों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। बच्चों को कश्मीर की लोक कला, संगीत, पहनावे और खान-पान से भी परिचित करवाया जा रहा है ताकि वे इस सरज़मीं की असली रूह को महसूस कर सकें। कैंप के दौरान कैडेट्स को श्रीनगर और उसके आसपास के अहम और ऐतिहासिक मुक़ामात का दौरा भी करवाया जा रहा है, जिससे उनमें देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समझने का जज़्बा और मजबूत हो रहा है।

कैंप में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों को भी खास अहमियत दी गई है। अलग-अलग राज्यों से आए बच्चे अपने-अपने इलाके की पारंपरिक प्रस्तुतियां पेश कर रहे हैं, जिससे माहौल में रंगारंगियत और भाईचारे की भावना देखने को मिल रही है। कहीं लोक नृत्य पेश किए जा रहे हैं तो कहीं सूफियाना संगीत और देशभक्ति गीतों की गूंज सुनाई दे रही है।

इन गतिविधियों के ज़रिए बच्चों के अंदर आत्मविश्वास, अनुशासन, सहनशक्ति और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कैंप बच्चों की शख्सियत को निखारने में अहम किरदार अदा करते हैं। साथ ही वे अलग-अलग मज़हब, भाषा और संस्कृति के लोगों के साथ मिल-जुल कर रहने का हुनर भी सीखते हैं।

कैंप में शामिल कई बच्चों ने अपने तजुर्बात साझा करते हुए कहा कि कश्मीर की मेहमाननवाज़ी, यहां की खूबसूरती और लोगों का अपनापन उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। बच्चों ने कहा कि इस कैंप ने उन्हें मुल्क की विविधता और एकता की असली ताकत को करीब से समझने का मौका दिया।

ब्रिगेडियर गुरबीर सिंह ने अपने ख़िताब में कहा कि NCC हमेशा से नौजवानों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना पैदा करने का अहम ज़रिया रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे इंटीग्रेशन कैंप मुल्क के नौजवानों को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने और अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम फैलाने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती हमेशा से मेहमाननवाज़ी, संस्कृति और अमन की पहचान रही है और यहां आयोजित यह कैंप बच्चों के दिलों में राष्ट्रीय एकता की नई रोशनी पैदा करेगा।

स्पेशल NCC नेशनल इंटीग्रेशन कैंप न सिर्फ़ बच्चों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक बड़ा मंच बन रहा है, बल्कि यह मुल्क भर में “राष्ट्रीय सद्भाव और एकता” का मजबूत पैगाम भी दे रहा है। यह कैंप आने वाली नस्लों को एक मज़बूत, मुत्तहिद और तरक़्क़ी पसंद भारत की तरफ़ बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।

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