
तंगधार और करनाह का इलाक़ा हमेशा से अपनी बहादुरी और वतन से मोहब्बत के लिए जाना जाता रहा है। यहां के पहाड़, चौकियां और वादियां कई अहम जंगी वाक़ियात के गवाह रहे हैं। ‘शौर्य गाथा’ कॉम्प्लेक्स इन्हीं दास्तानों को नई नस्ल तक पहुंचाने की कोशिश है, ताकि लोग जान सकें कि किस तरह हमारे फौजी जवानों ने मुश्किल हालात में मुल्क की हिफाज़त की।
इस कॉम्प्लेक्स में जंग से जुड़ी यादगार चीज़ें, तस्वीरें, दस्तावेज़ और फौज की बहादुरी को बयान करने वाले कई हिस्से तैयार किए गए हैं। यहां आने वाले सैलानी और नौजवान सरहद पर तैनात जवानों की कुर्बानियों को करीब से महसूस कर सकेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से नौजवानों में मुल्क के लिए इज़्ज़त और जज़्बा और मज़बूत होगा।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने ख़िताब में कहा कि ‘शौर्य गाथा’ सिर्फ़ एक इमारत नहीं, बल्कि हिंदुस्तानी फौज की बहादुरी, वफ़ादारी और कुर्बानी की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि सरकार का मक़सद सरहदी इलाक़ों को सिर्फ़ सुरक्षा के नज़रिए से नहीं बल्कि तरक़्क़ी और सियाहत के बड़े मरकज़ के तौर पर आगे लाना है।
इस पहल को “नया कश्मीर” विज़न का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जहां सरहदी इलाक़ों में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोज़गार और सियाहत को बढ़ावा देने पर ख़ास तवज्जो दी जा रही है। तंगधार जैसे दूरदराज़ इलाक़ों में बैटलफील्ड टूरिज्म की शुरुआत से स्थानीय दुकानदारों, ट्रांसपोर्ट, होटल कारोबार और दस्तकारी से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
माहिरीन का मानना है कि जिस तरह देश के दूसरे हिस्सों में ऐतिहासिक जंग से जुड़े मक़ाम सैलानियों को अपनी तरफ़ खींचते हैं, उसी तरह तंगधार का ‘शौर्य गाथा’ कॉम्प्लेक्स भी आने वाले वक़्त में एक अहम सियाहती मरकज़ बन सकता है। इससे ना सिर्फ़ इलाके की पहचान मज़बूत होगी बल्कि नौजवानों के लिए रोज़गार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
अवाम में इस प्रोजेक्ट को लेकर खासा जोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि पहली बार सरहदी इलाक़ों की तारीख़, बहादुरी और कुर्बानियों को इतने बड़े पैमाने पर सामने लाया गया है। इससे इलाके में तरक़्क़ी की नई उम्मीद जगी है।
‘शौर्य गाथा’ कॉम्प्लेक्स इस बात की मिसाल बनकर उभरा है कि जब बहादुरी की दास्तानों को तरक़्क़ी के साथ जोड़ा जाए, तो सरहदी इलाके सिर्फ़ हिफाज़त की लाइन नहीं बल्कि मुल्क की शान और तरक़्क़ी का नया चेहरा बन जाते हैं।

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