दूधपतरी में पहली ड्रैग लिफ्ट शुरू, कश्मीर के विंटर टूरिज़्म को मिली नई उड़ान


जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत सैरगाह इलाक़े दूधपतरी में अब सियाहत के एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। जम्मू-कश्मीर केबल कार कॉरपोरेशन की जानिब से इलाके की पहली ड्रैग लिफ्ट का आग़ाज़ किया गया है, जिससे अब दूधपतरी को विंटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज़्म के एक बड़े मरकज़ के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से ना सिर्फ़ टूरिस्ट्स को बेहतर सहूलियत मिलेगी बल्कि स्थानीय नौजवानों के लिए रोज़गार और कारोबार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

दूधपतरी, जिसे अक्सर “मिनी गुलमर्ग” भी कहा जाता है, अपनी बर्फ़ से ढकी वादियों, हरियाली और ख़ूबसूरत नज़ारों की वजह से पहले ही लोगों की पसंदीदा मंज़िल रहा है। अब ड्रैग लिफ्ट शुरू होने के बाद यहां स्कीइंग, स्नो एडवेंचर और दूसरी विंटर एक्टिविटीज़ को भी नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क़दम इलाके की तक़दीर बदल सकता है और आने वाले वक्त में दूधपतरी पूरे मुल्क और दुनिया के सैलानियों को अपनी तरफ़ खींचेगा।

अधिकारियों के मुताबिक़, यह ड्रैग लिफ्ट खास तौर पर विंटर स्पोर्ट्स को ध्यान में रखकर तैयार की गई है ताकि पर्यटक बर्फ़ीले मौसम में भी आसानी से एडवेंचर का लुत्फ़ उठा सकें। इसके साथ-साथ सड़क, होटल, ट्रांसपोर्ट और दूसरे टूरिज़्म इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी तेज़ी से काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स “विकसित कश्मीर” के विज़न को मज़बूत करेंगे और घाटी में आर्थिक गतिविधियों को नई रफ़्तार देंगे।

सोशल मीडिया पर भी दूधपतरी की ड्रैग लिफ्ट की तस्वीरें और वीडियोज़ तेज़ी से वायरल हो रही हैं। लोग बर्फ़ीले पहाड़ों, हसीन वादियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के दृश्यों को खूब पसंद कर रहे हैं। कई ट्रैवल ब्लॉगर और टूरिज़्म प्रमोटर्स इसे कश्मीर में टूरिज़्म रिवाइवल की बड़ी निशानी बता रहे हैं। ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर “कश्मीर में आपका स्वागत है।”, “सर्दियों की आश्चर्यभूमि” और “विकसित कश्मीर” जैसे हैशटैग के साथ दूधपतरी को प्रमोट किया जा रहा है।

स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि टूरिस्ट्स की बढ़ती आमद से होटल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को सीधा फायदा पहुंचेगा। दूधपतरी और आसपास के इलाकों में रहने वाले कई नौजवान अब टूर गाइड, एडवेंचर इंस्ट्रक्टर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने की तैयारी कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले सीज़न में यहां पर्यटकों की तादाद रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह आधुनिक सुविधाएं और एडवेंचर प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए तो कश्मीर देश का सबसे बड़ा विंटर टूरिज़्म हब बन सकता है। सरकार भी लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कश्मीर सिर्फ़ अपनी प्राकृतिक खूबसूरती ही नहीं बल्कि अमन, मेहमाननवाज़ी और विकास की नई मिसाल के तौर पर भी उभर रहा है।

दूधपतरी में ड्रैग लिफ्ट की शुरुआत को स्थानीय लोग एक “गेम चेंजर” के तौर पर देख रहे हैं। यह सिर्फ़ एक पर्यटन परियोजना नहीं बल्कि कश्मीर की बदलती तस्वीर, बढ़ते विकास और नए भरोसे की पहचान बनकर सामने आ रही है। अब घाटी एक बार फिर दुनिया को यह पैग़ाम दे रही है कि “अगर जन्नत कहीं है, तो उसकी रौनक अब और भी बढ़ चुकी है।”

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ