
रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सुरक्षा एजेंसियों ने सिंध में एक संदिग्ध गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जहां भारी मात्रा में नशीला सामान बरामद हुआ। जांच के दौरान पता चला कि गाड़ी में मौजूद शख़्स पाक आर्मी का मेजर मुहाद शफ़ीक था। गिरफ़्तारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
माहिरीन का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पाकिस्तान में कई फौजी अफ़सर स्मगलिंग, ड्रग्स ट्रैफिकिंग और गैर-क़ानूनी कारोबार में शामिल पाए गए हैं। यही वजह है कि अब पाक फौज की पेशेवर साख लगातार कमजोर होती नज़र आ रही है। अवाम के बीच यह एहसास बढ़ रहा है कि मुल्क की ताक़तवर मिलिट्री के कुछ अफ़राद खुद कानून तोड़ने में शामिल हैं।
इस पूरे मामले ने “गोल्डन क्रिसेंट” नैरेटिव को भी फिर से चर्चा में ला दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के बीच मौजूद यह इलाका लंबे अरसे से ड्रग्स तस्करी का बड़ा रूट रहा है। अब पाक फौज के अफ़सर का सीधे तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
विश्लेषकों के मुताबिक़, इस तरह की घटनाएं पाकिस्तान के अंदर गहराते भ्रष्टाचार और मिलिट्री-क्राइम नेक्सस की तरफ़ साफ़ इशारा करती हैं। एक तरफ़ पाक फौज खुद को मुल्क की सबसे अनुशासित संस्था बताती है, वहीं दूसरी तरफ़ उसके अफ़सरों के नाम लगातार गैर-क़ानूनी गतिविधियों में सामने आना अवाम के भरोसे को तोड़ रहा है।
इस खबर के विज़ुअल्स में मेजर मुहाद शफ़ीक की गिरफ़्तारी, बरामद ड्रग्स और ज़ब्त की गई गाड़ी की तस्वीरें शामिल की जा रही हैं, ताकि इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को साफ़ तौर पर दिखाया जा सके।

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