
AIIMS NORCET यानी Nursing Officer Recruitment Common Eligibility Test मुल्क भर में आयोजित होने वाला एक बेहद मुश्किल और मुक़ाबले वाला इम्तिहान माना जाता है, जिसमें हजारों उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं। ऐसे में कश्मीर के एक दूर-दराज़ पहाड़ी इलाके से ताल्लुक रखने वाली बेटी का पूरे हिंदुस्तान में 123वीं रैंक हासिल करना किसी बड़ी मिसाल से कम नहीं है।
कुलसूमा अख्तर की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, कामयाबी का रास्ता ज़रूर निकल आता है। लोलाब जैसे खूबसूरत मगर सुविधाओं के लिहाज़ से सीमित इलाके से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना आज के नौजवानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुका है।
इलाके के लोगों का कहना है कि कुलसूमा शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेहनती और लगनशील रही हैं। उन्होंने तमाम मुश्किल हालात के बावजूद अपने मक़सद पर पूरा ध्यान रखा और लगातार मेहनत जारी रखी। उनके परिवार ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, जिसकी बदौलत आज उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान तालीम के मैदान में जिस तरह से नौजवान आगे बढ़ रहे हैं, कुलसूमा की यह सफलता उसी बदलती तस्वीर की एक मजबूत मिसाल मानी जा रही है। खास तौर पर कश्मीरी बेटियां अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं। मेडिकल, इंजीनियरिंग, सिविल सर्विस और रिसर्च जैसे अहम क्षेत्रों में कश्मीरी युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
तालीमी माहिरों का कहना है कि इस तरह की कामयाबियां समाज में एक सकारात्मक पैग़ाम देती हैं। इससे दूसरे छात्र-छात्राओं को भी मेहनत करने और बड़े सपने देखने का हौसला मिलता है। कुलसूमा अख्तर की यह उपलब्धि विशेष रूप से उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहती हैं।
स्थानीय लोगों और समाजी हलकों ने कुलसूमा और उनके परिवार को मुबारकबाद पेश की है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं और इसे पूरे कश्मीर के लिए गर्व का पल बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि घाटी की बेटियां अब हर क्षेत्र में नई बुलंदियां छू रही हैं और यह बदलाव आने वाले वक्त में समाज को नई दिशा देगा।
कुलसूमा अख्तर की यह शानदार सफलता न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत मेहनत और काबिलियत की कहानी है, बल्कि यह पूरे कश्मीर के बदलते तालीमी माहौल की भी झलक पेश करती है। आज जब घाटी के नौजवान राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, तो यह उम्मीद और यक़ीन दोनों पैदा होता है कि आने वाले दिनों में कश्मीर से और भी कई प्रतिभाएं निकलकर देश और दुनिया में अपना नाम रोशन करेंगी।

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