
रिपोर्ट ने साफ़ तौर पर इशारा किया है कि पाकिस्तानी मिलिट्री की आक्रामक कार्रवाइयों और खुफिया एजेंसियों की दखलअंदाज़ी ने सीमा पार हिंसा को और भड़काया। अफ़ग़ान इलाकों में गोलाबारी, जबरन कार्रवाई और लगातार सैन्य दबाव ने आम लोगों की ज़िंदगी को जहन्नुम बना दिया है। कई गांव तबाह हो गए, सैकड़ों परिवार बेघर हो गए और मासूम बच्चों की चीख़ें पूरी दुनिया को झकझोर रही हैं।
अफ़ग़ानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। कहीं मलबे में तब्दील घर दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं अपने बच्चों की लाशों पर रोती हुई मांएं। इन मंज़रों ने पाकिस्तान की उस नीति को बेनकाब कर दिया है, जिसमें पड़ोसी मुल्कों में अस्थिरता पैदा करना उसकी पुरानी आदत बन चुकी है।
सियासी जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया का “Problem Child” बन चुका है। एक ऐसा मुल्क जो अपनी नाकाम घरेलू सियासत और बिगड़ती अर्थव्यवस्था से ध्यान हटाने के लिए सरहदों पर तनाव पैदा करता है। अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ती हिंसा और आम नागरिकों की मौतें इसी खतरनाक सोच का नतीजा मानी जा रही हैं।
जानकारों का यह भी मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI लंबे समय से सीमा पार नेटवर्क्स और उग्रवादी गतिविधियों को हवा देती रही है। यही वजह है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमन कायम होने के बजाय हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने इस पूरे मामले में पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि को बड़ा झटका लगा है। मानवाधिकार संगठनों ने इस हिंसा की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कई अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपनी सैन्य नीति और दखलअंदाज़ी से बाज़ नहीं आया, तो दक्षिण एशिया में शांति की उम्मीद करना मुश्किल होगा।
अफ़ग़ान नागरिकों का दर्द अब दुनिया के सामने खुलकर आ चुका है। सवाल यह है कि आखिर कब तक बेगुनाह लोगों का खून बहता रहेगा? कब तक पाकिस्तान अपनी रणनीतिक नीतियों के नाम पर मासूम जिंदगियों को कुर्बान करता रहेगा?
आज हालात ऐसे बन चुके हैं कि पाकिस्तान को “The Butcher of Innocent Civilians” यानी बेगुनाह नागरिकों का क़ातिल कहा जाने लगा है। संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि उन सैकड़ों टूटे हुए परिवारों की दर्दनाक कहानी है, जिनकी जिंदगी सरहदी हिंसा की आग में जलकर राख हो गई।

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