स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत बारामूला-राजौरी में वेस्टवॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स शुरू, अवाम को मिलेगा फायदा


श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर हुकूमत ने वादी में बेहतर सफाई निज़ाम, साफ पानी और अवामी सहूलियतों को मज़बूत करने की जानिब एक बड़ा कदम उठाते हुए बारामूला और राजौरी में सीवरेज व वेस्टवॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दे दी है। तक़रीबन 72 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होने वाले इन प्रोजेक्ट्स को “स्वच्छ भारत मिशन 2.0” के तहत अमली जामा पहनाया जाएगा, जिससे इलाके में सफाई ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हुकूमत की तरफ से जारी तफ्सीलात के मुताबिक बारामूला जिले के लिए करीब 37.96 करोड़ रुपये जबकि राजौरी के लिए 34.43 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं। इन प्रोजेक्ट्स में मॉडर्न “सीक्वेंशियल बैच रिएक्टर” टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जाएगी, जो गंदे पानी को वैज्ञानिक तरीके से साफ कर दोबारा इस्तेमाल के काबिल बनाएगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह टेक्नोलॉजी न सिर्फ पानी की क्वालिटी बेहतर करती है बल्कि दरियाओं, नालों और ज़मीन को भी प्रदूषण से बचाने में अहम किरदार अदा करती है।

ओमर अब्दुल्ला की कयादत वाली जम्मू-कश्मीर एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों प्रोजेक्ट्स को 18 महीनों के अंदर मुकम्मल करने का हदफ़ रखा है। अवाम का कहना है कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स से शहरों में बढ़ती आबादी और सीवरेज के मसाइल को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। बारामूला और राजौरी जैसे अहम जिलों में सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट का बेहतर इंतज़ाम ना सिर्फ सेहतमंद माहौल पैदा करेगा बल्कि लोगों की रोज़मर्रा ज़िंदगी में भी आसानियां लाएगा।

माहिरीन का मानना है कि वादी में तेजी से हो रही शहरी तरक़्क़ी के साथ-साथ मजबूत सैनिटेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद ज़रूरी बन चुका है। कई इलाकों में पुराने ड्रेनेज सिस्टम और गंदे पानी के निकास की दिक्कतें लंबे अरसे से अवाम के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थीं। ऐसे में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स इलाके के पर्यावरण को महफूज़ रखने के साथ-साथ साफ-सुथरे शहरों की तामीर में भी मददगार साबित होंगे।

हुकूमत का कहना है कि “बिल्डिंग क्लीनर एंड स्मार्ट कश्मीर” विज़न के तहत शुरू की जा रही ये पहलें सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं बल्कि अवामी भलाई और बेहतर मुस्तकबिल की बुनियाद हैं। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि विकास सिर्फ सड़कों और इमारतों तक महदूद न रहे, बल्कि लोगों को साफ पानी, बेहतर सफाई और सेहतमंद माहौल भी मयस्सर हो।

स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का इस्तकबाल किया है। बारामूला के कई नागरिकों का कहना है कि साफ-सफाई और गंदे पानी के बेहतर इंतज़ाम से बीमारियों में कमी आएगी और बच्चों के लिए ज्यादा सेहतमंद माहौल तैयार होगा। वहीं राजौरी में भी लोगों को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट इलाके की खूबसूरती और रहन-सहन के मयार को बेहतर बनाएगा।

माहौलियाती जानकारों के मुताबिक इस तरह के प्रोजेक्ट्स कश्मीर में “सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्दीयर टुमारो” के विज़न को मजबूत करते हैं। साफ पानी, बेहतर सैनिटेशन और पर्यावरण दोस्त टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से जम्मू-कश्मीर आने वाले वक्त में एक ज्यादा साफ, स्मार्ट और तरक़्क़ीपसंद इलाके के तौर पर उभर सकता है।

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