अमरनाथ यात्रा 2025 से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई

मोबाइल बंकर, डॉग स्क्वॉड, हवाई निगरानी की व्यवस्था यात्रा काफिले से पहले सभी मार्गों की सफाई की जाएगी प्रमुख स्थानों पर ड्रोन, सीसीटीवी तैनात किए जाएंगे


श्रीनगर, 30 जून : आगामी 3 जुलाई से शुरू हो रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत सख्त कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) सहित सभी प्रमुख सड़कों और संपर्क मार्गों पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने राइजिंग कश्मीर को जानकारी दी कि राजमार्गों और महत्वपूर्ण चौराहों पर सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती पूरी कर ली गई है। एनएच-44 पर कई स्थानों पर चौकियां स्थापित की गई हैं ताकि यातायात नियंत्रित किया जा सके और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। अधिकारी ने कहा, “मुख्य बिंदुओं पर तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं और निगरानी व त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।”

इस वर्ष एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को अमरनाथ गुफा मंदिर के निकट तैनात किया जाएगा ताकि आपात स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके अतिरिक्त, तीर्थमार्ग और आधार शिविरों पर ड्रोन निगरानी के लिए विशेष तकनीकी टीमें नियुक्त की गई हैं।

प्रशासन ने बताया कि यात्रा मार्ग पर दिन-रात सुरक्षा गश्त की जाएगी—दिन में सुरक्षाबलों की उपस्थिति और रात में मोबाइल बंकर वाहनों में लगे 360 डिग्री कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। अधिकारी ने स्पष्ट किया, “कोई भी तीर्थयात्री वाहन सामान्य नागरिक यातायात में शामिल नहीं होगा। काफिलों के लिए समय निर्धारित किया गया है, और बालटाल तथा पहलगाम मार्गों पर अर्धसैनिक बल उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे।”

यात्रा के दौरान सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए डॉग स्क्वॉड, काउंटर-आईईडी इकाइयाँ, वाहन मरम्मत दल तथा रिकवरी टीमें भी तैनात की गई हैं। सेना के हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगातार हवाई निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।

सीआरपीएफ की 137वीं बटालियन के कमांडेंट रमेश कुमार ने बताया कि राजमार्ग पर कई स्थानों पर विशेष डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया, “हम तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने सभी संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने, खासकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कमजोर बिंदुओं की सुरक्षा पुख्ता करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने जिला अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, खुफिया जानकारी जुटाने और किसी भी संभावित आतंकी खतरे को विफल करने के लिए सतर्क रहने के निर्देश भी दिए।

डीजीपी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति, रात्रिकालीन गश्त, मोटर वाहन जांच चौकियों (एमवीसीपी) और परिचालन तत्परता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अत्यधिक सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।

गौरतलब है कि पवित्र अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 18 अगस्त तक चलेगी। प्रशासन तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर अपने धार्मिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।


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