राजौरी में भारी हथियारों से लैस घुसपैठियों को खदेड़ा गया, गाइड पकड़ा गया

चार आतंकवादी - जिनके जैश-ए-मोहम्मद से सम्बद्ध होने का अनुमान है - भाग निकले, तथा उनमें से कुछ के सुरक्षा बलों से बचने के लिए खाई में कूदने के कारण घायल होने का संदेह है।


राजौरी, 30 जून : जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रविवार शाम को आतंकवादियों की एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने संयुक्त अभियान में विफल कर दिया। सतर्क सैनिकों ने इस घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान आतंकवादी समूह के गाइड को जिंदा पकड़ लिया, जबकि अन्य चार आतंकवादी फरार हो गए।

यह घटना राजौरी के तारकुंडी इलाके में हुई, जो भारतीय सेना की 'ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन' की गंभीर बटालियन के अधिकार क्षेत्र में आता है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया सूत्रों से संभावित घुसपैठ की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि रविवार शाम को आतंकवादियों का एक समूह तारकुंडी के अग्रिम चौकियों के पास भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था। जवानों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से यह प्रयास विफल हो गया। आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे और समूह के साथ आया गाइड सुरक्षा बलों द्वारा पकड़ लिया गया।

प्रारंभिक जांच में पकड़े गए घुसपैठिये के पास से पाकिस्तानी मुद्रा और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। उससे फिलहाल पूछताछ जारी है ताकि इस ऑपरेशन से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके।

बताया जा रहा है कि चार अन्य आतंकवादी, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं, भागने में सफल रहे। सूत्रों के अनुसार, भागते समय कुछ आतंकवादियों के खाई में गिरने से घायल होने की भी आशंका है।

सेना और बीएसएफ ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और तारकुंडी तथा नियंत्रण रेखा के आसपास तलाशी अभियान जारी है। राजौरी और पुंछ जिलों में एलओसी के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

सुरक्षा बलों ने दोहराया कि एलओसी पर किसी भी घुसपैठ प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने इस सफल अभियान को एक बड़ी कामयाबी करार दिया है, जिससे आतंकी नेटवर्क की एक और साजिश को विफल कर दिया गया है।


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