आतंकवादियों तथा उनके समर्थकों के लिए एक कड़ा संदेश है कि उनके कार्यों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस स्टेशन कुपवाड़ा की एफआईआर संख्या 276/2022 में धारा 120-बी, 121, 121-ए, 122, 123 आईपीसी तथा 17, 18, 18-ए, 18-बी के तहत दर्ज मामले में व्यापक खुफिया जानकारी एकत्र करने तथा सावधानीपूर्वक जांच के बाद, यूए(पी)ए के 20, 38, 39, 40, एसआईयू ने कचामा गांव में जिले के भीतर कई स्थानों पर स्थित जमीन की पहचान की तथा बाद में उसे कुर्क किया।इसमें कहा गया है कि पुलिस द्वारा उठाए गए इस कदम का उद्देश्य उसके अवैध नेटवर्क को बाधित करना तथा आतंक के आगे के कृत्यों को अंजाम देने की उसकी क्षमता को प्रतिबंधित करना है।
फारूक कुरेशी 1990 के दशक की शुरुआत में पाकिस्तान में घुसपैठ करने के बाद से जम्मू-कश्मीर की शांति तथा सुरक्षा के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। वह अल-बर्क आतंकी संगठन का सदस्य है तथा वर्तमान में लॉन्चिंग कमांडर के रूप में पीओजेके से काम कर रहा है। आतंक के कई कृत्यों में उसकी रणनीतिक भागीदारी के कारण अतीत में घाटी में भारी पीड़ा तथा निर्दोष लोगों की जान गई है
एसआईयू

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