ऑनलाइन सेवाओं की संख्या 913 तक पहुंचाकर जम्मू-कश्मीर देश में दूसरे स्थान पर: सरकार

जम्मू-कश्मीर ने केरल को पीछे छोड़ दिया है जो 911 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान करता है तथा मध्य प्रदेश के बाद देश में दूसरे स्थान पर है।

जम्मू, 23 अगस्त : एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने बुधवार को ई-यूएनएनएटी पोर्टल पर 913 नागरिक केंद्रित ऑनलाइन सेवाओं को शामिल करने की घोषणा कीपिछले साल मिशन मोड में शुरू किए गए 'डिजिटल जम्मू-कश्मीर कार्यक्रम' के तहत, ऑनलाइन सेवाओं की संख्या 2021 में 35 सेवाओं से तेजी से बढ़कर 913 सेवाओं तक पहुंच गई है। इसके साथ, जम्मू-कश्मीर ने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली ऑनलाइन सेवाओं की संख्या में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के बीच देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह आम आदमी को सेवाओं की सहजता, सुविधा तथा  पहुंच प्रदान करने के जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संकल्प के अनुरूप एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 913 ऑनलाइन सेवाओं के साथ, जम्मू-कश्मीर ने केरल को पीछे छोड़ दिया है जो 911 सेवाएं ऑनलाइन प्रदान करता है तथा मध्य प्रदेश के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाओं की संख्या बढ़ाने में हुई प्रगति के लिए आईटी विभाग तथा  एनआईसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ऑनलाइन मोड में विकास के लिए विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा तथा नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' के क्षेत्रों में अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि आबादी के व्यापक वर्ग तक पहुंच बनाई जा सके।

उन्होंने नागरिक प्रतिक्रिया का उचित मूल्यांकन सुनिश्चित करने तथा इन सेवाओं की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह निर्देश दिया गया कि जनता को डिजिटल पहलों के बारे में सूचित करने तथा ऑनलाइन सेवाओं को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए एक गहन आईईसी अभियान शुरू किया जाए।प्रौद्योगिकी के उपयोग ने एकल एकीकृत पोर्टल के साथ-साथ 'मोबाइल दोस्त' ऐप पर सेवाओं की 24×7 उपलब्धता के साथ जम्मू-कश्मीर में डिजिटल प्रशासन के एक नए युग की शुरुआत की है। सेवाओं को नागरिक प्रतिक्रिया के लिए रैपिड असेसमेंट सिस्टम से भी जोड़ा गया है तथा 86 प्रतिशत की अनुमोदन रेटिंग के साथ अब तक 52 लाख से अधिक एसएमएस भेजे गए हैं।  300 ऑनलाइन सेवाओं को ऑटो अपील प्रणाली से जोड़ा गया है, जिसमें पीएसजीए के तहत परिभाषित समयसीमा के भीतर सेवा प्रदान नहीं किए जाने पर अपील  अधिकारियों को भेज दी जाती है। इन उपायों ने यूटी में लोगों के दरवाजे पर प्रशासन पहुंचाने के अलावा सरकारी विभागों के कामकाज में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को बढ़ाया है।


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