आतंकी साजिश मामले में एनआईए ने कश्मीर में पांच और ठिकानों पर छापेमारी की

'प्रतिबंधित संगठनों के छायावादी संगठनों के हाइब्रिड आतंकवादी जांच के दायरे में'


श्रीनगर 13 जुलाई : जम्मू-कश्मीर आतंकवादी साजिश मामले में चल रही जांच के तहत, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को कहा कि उसने हाइब्रिड आतंकवादियों तथा ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के परिसरों तथा पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित संगठनों और सहयोगियों की एक और दौर की छापेमारी की।

एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इनमें से कुछ नवगठित संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), जो लश्कर-ए-तैयबा का छाया संगठन है, को सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर में हमले करने की धमकियां देते हुए पाया गया है।

"शोपियां, अवंतीपोरा तथा पुलवामा के तीन जिलों में पांच स्थानों पर आज छापे मारे गए। एनआईए ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू तथा कश्मीर जैसे नए बने संगठनों के समर्थकों और कैडरों के परिसरों पर भी छापे मारे।

 अन्य एक बयान में कहा गया है की यूएलएफजेएंडके, मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (एमजीएच), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (जेकेएफएफ), कश्मीर टाइगर्स, पीएएएफ ये संगठन विभिन्न प्रतिबंधित पाक समर्थित संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल-बद्र, अल-कायदा आदि से संबद्धीत हैं।

एजेंसी ने कहा कि आज की तलाशी के दौरान एनआईए द्वारा बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डेटा वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए, जिसने एक बार फिर घाटी में आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में ओजीडब्ल्यू को सुर्खियों में ला दिया है, जिसे निरंतर आधार पर नष्ट किया जा रहा है। इन्हें हाइब्रिड आतंकवादियों के रूप में भी जाना जाता है, वे पाकिस्तान स्थित उग्रवादियों तथा आतंकवादियों को सहायता प्रदान करते हैं।

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में आतंक, हिंसा और तोड़फोड़ से संबंधित गतिविधियों को फैलाने में विभिन्न संगठनों के कैडरों तथा ओजीडब्ल्यू की संलिप्तता की जांच के लिए 21 जून 2022 को एक स्वत: संज्ञान मामला (आरसी-05/2022/एनआईए/जेएमयू) दर्ज किया था। ये कैडर तथा कार्यकर्ता चिपचिपे बम/चुंबकीय बम, आईईडी, फंड, मादक पदार्थ और हथियार/गोला-बारूद के संग्रह तथा वितरण में शामिल रहे हैं।

एनआईए की जांच से पता चला है कि पाक स्थित आतंकी आतंक को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। इसमें कहा गया है कि कश्मीर घाटी में अपने गुर्गों तथा कैडरों को हथियार/गोला-बारूद, विस्फोटक, नशीले पदार्थ आदि पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा था। आतंकी साजिश जम्मू-कश्मीर में चिपचिपे बम, आईईडी तथा छोटे हथियारों आदि के साथ हिंसक आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए भौतिक और साइबर दोनों क्षेत्रों में प्रतिबंधित संगठनों द्वारा साजिश रचने से संबंधित है।

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