खराब स्वास्थ्य के कारण जो अभी काम नहीं कर पा रहे कलाकारों और लेखकों के परिवारों को मिलेगी सरकारी सहायता : एलजी

श्रीनगर, 25 अक्टूबर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर की संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित और पुनर्जीवित करने के लिए एक रोडमैप तैयार कर रही है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने अपने एक बयान में कहा कि श्रीनगर में परंपरा, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने वाले तीन सप्ताह के सांस्कृतिक उत्सव 'जश्न-ए-कश्मीर' न्यू कश्मीर न्यू होप का उद्घाटन करते हुए एलजी ने कहा कि सरकार ऐसे कई वरिष्ठ कलाकारों और लेखकों की एक सूची बनाने का काम कर रही है जो अपने खराब स्वास्थ्य या अन्य कठिनाइयों की वजह से अब सक्रिय नहीं है या जिनका निधन हो गया है, सरकार ऐसे कलाकारों और लेखकों या उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता प्रदान करना सुनिश्चित करेगी। हमारे कलाकार सामाजिक मूल्यों और सामाजिक प्रगति का प्रतिबिंब हैं, और प्रशासन उनके कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक लंबे विराम के बाद सांस्कृतिक पुनरुत्थान देख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ने और साझा लक्ष्यों और मूल्यों को प्रदर्शित करने के लिए लोक कलाकारोंऔर लेखकों के लिए एक वातावरण और एक मंच प्रदान करने के लिए कदम उठा रही हैं।

उपराज्यपाल ने साहित्य, लोक कला एवं संगीत के प्रचार-प्रसार में स्वयंसेवी संस्थाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न कलाओं से संबंधित पंजीकृत समितियों के लिए वित्तीय सहायता योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा, "कला और संस्कृति को नई गति देने के लिए लोक कला, साहित्य और दृश्य कला को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं तैयार की गई हैं।"

सांस्कृतिक उत्सव से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए एलजी ने कहा, “हमारी अनूठी विविधता हमारा गौरव और हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इस तरह के त्यौहार कलाकारों, कारीगरों और शिल्पकारों को एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

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