श्रीनगर, 24 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर में दिवाली सोमवार को प्यार और भाईचारे के साथ मनाई गई, राजधानी सहित सभी शहरों में मिष्ठान्न की दुकानों और बाजारों में अच्छी भीड़ देखी गई, जिसमें हिंदू और सिख समुदाय के लोग खरीदारी के साथ-साथ अपने घरों को रोशन करने की व्यवस्था में व्यस्त थे।
समारोह शाम को अपने अधिक भब्यता में दिखाई दिया जब भक्त विशेष प्रार्थना करने और दीप जलाने के लिए श्रीनगर सहित कश्मीर के अन्य जगहों के मंदिरों में उमड़ पड़े। हिंदू और सिख समुदायों के मंदिर और घर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे।
श्रीनगर में मिष्ठान की दुकानों में अच्छी भीड़ देखी गई, यहां तक कि मुसलमानों ने भी अपने हिंदू और सिख मित्रों तथा अपने परिचितों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। मुसलमानों ने भी अल्पसंख्यक समुदायों के साथ दिवाली की बधाई दी और जश्न मनाया।
श्रीनगर में बेकरों ने विशेष प्रकार की मिठाइयां तैयार की थीं। उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर अपने ग्राहकों ने लिए विशेष प्रकार की बेकरी का हमने बनायीं है।
रविवार शाम से ही सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दिवाली की बधाईयों का तांता लगा हुआ था। कश्मीर में मुसलमानों ने अपने हिंदू और सिख दोस्तों को बधाई देने के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दीये जलाने के एनिमेशन पोस्ट किए।
अमीरा कदल स्थित हनुमान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों में भक्तों ने कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने कहा कि दिवाली की रोशनी जानलेवा बीमारियों से पीड़ित लोगों में नया जीवन भर देती है। उन्होंने कहा कि इस दिन वे पूरी मानवता के लिए प्रार्थना करते हैं। हिन्दू और सिख समूह ने कहा कि कश्मीर में हमारे मुस्लिम पड़ोसी और दोस्त उन्हें और उनके परिवार को दिवाली की बधाई देना कभी नहीं भूलते।
सुरक्षाकर्मियों ने बादामी बाग, अवंतीपोरा और कश्मीर के अन्य सुरक्षा प्रतिष्ठानों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान भी दिवाली मनाई। कई जगहों पर सुरक्षा बलों ने बच्चों के बीच दिवाली उपहार बांटे और उनके लिए प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का आयोजन किया।
जम्मू में भी विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने दिवाली समारोह का आयोजन धूम धाम से किया।

0 टिप्पणियाँ