श्रीनगर में ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, लखपति दीदी के लक्ष्य को लेकर दिखा उत्साह


जम्मू-कश्मीर के गांवों में सरकारी ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीनी सतह तक पहुंचाने और उनके असर का जायजा लेने के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने श्रीनगर और अनंतनाग जिलों का चार दिवसीय क्षेत्रीय दौरा किया। 30 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक जारी इस दौरे का मकसद ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और आम ग्रामीणों तक उनके फायदे की पहुंच का जायजा लेना रहा।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली में उप महानिदेशक और मंत्रालय की योजनाओं के लिए नामित क्षेत्र अधिकारी श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने अपने दौरे के दौरान अधिकारियों के साथ बैठकें करने के साथ-साथ गांवों में जाकर लाभार्थियों और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों से भी सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर पेश आ रही जरूरतों और चुनौतियों को समझने की कोशिश की।

श्री हाजी ने श्रीनगर और गांदरबल जिलों के ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) के लिए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित विकसित भारत ग्राम पंचायत (वीबी-ग्रामजी) प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल कायम करने और गांवों में इनके बारे में जागरूकता बढ़ाने पर खास जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की रफ्तार को मजबूत करने के लिए उन ग्राम पंचायतों की पहचान जरूरी है जो अभी विकास के मामले में पीछे हैं। ऐसी पंचायतों के लिए जरूरत के मुताबिक लक्षित हस्तक्षेप किए जाएं, ताकि उन्हें विकसित पंचायतों की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके और विकसित भारत की परिकल्पना को गांव की सतह पर मजबूत किया जा सके।

क्षेत्रीय दौरे के दौरान श्रीनगर के सहायक आयुक्त ग्रामीण विकास तारिक अहमद रेशी और अन्य अधिकारियों के साथ श्री हाजी ने खोनमोह और कमरवारी ब्लॉकों का दौरा किया। यहां उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों और वीबी-ग्रामजी समेत विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों और अन्य हितधारकों से मुलाकात की।

इस दौरान ‘उम्मीद का ज़ायका’ स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से हुई बातचीत भी खास रही। अधिकारियों के मुताबिक, इस समूह ने जम्मू-कश्मीर में महज तीन से चार महीनों की छोटी अवधि में अपनी पहचान बनाई है। समूह के सदस्यों ने अपनी गतिविधियों और आगे के लक्ष्यों के बारे में अधिकारी को जानकारी दी।

श्री हाजी ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत काम कर रहे स्वयं सहायता समूहों के प्रदर्शन का भी जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कई समूह ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए रास्तों से जोड़ने की दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं। एसएचजी सदस्यों में लखपति दीदी बनने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। कई सदस्य जल्द से जल्द इस लक्ष्य को हासिल करने के साथ भविष्य में करोड़पति दीदी बनने की ख्वाहिश भी रखती हैं।

दौरे के दौरान श्रीनगर में विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की स्थिति की समीक्षा भी की गई। श्री हाजी ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की पहुंच को और बेहतर बनाया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने जिला प्रशासन को ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तेजी लाने और उनकी निगरानी को मजबूत करने की सलाह दी।

उन्होंने जमीनी सतह पर जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीण आबादी को सरकारी योजनाओं, पात्रता और उनसे मिलने वाले फायदों की सही जानकारी हासिल हो सके। साथ ही विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल को जरूरी बताया गया, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और लाभार्थियों को अधिकतम फायदा मिल सके।

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